डोंगरगढ एक्सप्रेस का नाम आचार्य विद्यासागर एक्सप्रेस किया जाए, सांसद नवीन जैन ने की मांग
आगरा। राज्यसभा सांसद नवीन जैन ने दिल्ली में रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से मुलाकात कर उन्हें मांग पत्र दिया, जिसमें रेलगाड़ी संख्या 11702 जबलपुर से रायपुर वाया डोंगरगढ़ एक्सप्रेस का नाम जैन संत आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज के नाम पर आचार्य विद्यासागर एक्सप्रेस या “मूकमाटी एक्सप्रेस” रखने का अनुरोध किया है।
सांसद जैन ने अपने पत्र में लिखा है कि आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज केवल जैन समाज के ही नहीं, बल्कि पूरे राष्ट्र के संत हैं, जिनकी शिक्षाएं समाज के हर वर्ग को प्रेरित करती हैं। उन्होंने ‘इंडिया नहीं भारत बोलो’ का संदेश देकर भारतीय संस्कृति, स्वदेशी विचार और आत्मनिर्भरता का मार्ग दिखाया।
जैन ने पत्र में उल्लेख किया कि आचार्य श्री ने कारागारों के बंदियों के लिए हथकरघा प्रशिक्षण केंद्र खुलवाए, ताकि वे ईमानदार श्रम से आत्मनिर्भर बन सकें। उनके जीवन का प्रत्येक क्षण मानवता और नैतिकता के उत्थान के लिए समर्पित रहा।
उन्होंने बताया कि आचार्य श्री ने अपने तपोमय जीवन में लगभग 1,50,000 किलोमीटर का पदविहार किया और समाज में अहिंसा, सद्भाव और नैतिकता का संदेश फैलाया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी कई बार उनसे आशीर्वाद प्राप्त कर चुके हैं और उनके आदर्शों को राष्ट्र की प्रेरणा बताया है।
सांसद जैन ने पत्र में यह भी लिखा कि आचार्य श्री विद्यासागर जी की कर्मभूमि जबलपुर रही है, जहां उन्होंने दीर्घकाल तक प्रवास और आत्मसाधना की। वहीं, डोंगरगढ़ (छत्तीसगढ़) में उनकी महासमाधि हुई, जो आज सम्पूर्ण जैन समाज के लिए आध्यात्मिक तीर्थ का केंद्र बन चुका है। इसलिए जबलपुर से डोंगरगढ़ को जोड़ने वाली इस रेलगाड़ी का नाम उनके नाम पर रखा जाना अत्यंत प्रतीकात्मक और ऐतिहासिक निर्णय होगा।
सांसद नवीन जैन ने आगे कहा कि यदि यह घोषणा 5 अक्टूबर 2025, आचार्य श्री विद्यासागर जी के जन्मदिवस के अवसर पर दिल्ली/एनसीआर में आयोजित समारोह में की जाती है, तो यह सम्पूर्ण जैन समाज के लिए अत्यंत गौरवपूर्ण और भावनात्मक क्षण होगा।