सांसद राजकुमार चाहर ने संसद में उठाई रोजगार सृजन की आवाज, केंद्र सरकार ने दिए प्रगति के आंकड़े

आगरा। देश में रोजगार की स्थिति को लेकर फतेहपुरसीकरी के सांसद और भाजपा किसान मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजकुमार चाहर ने संसद के मानसून सत्र में आवाज बुलंद की। उन्होंने विशेष रूप से ग्रामीण युवाओं के लिए स्वरोजगार और कौशल विकास कार्यक्रमों की आवश्यकता पर बल दिया।

Jul 22, 2025 - 22:25
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सांसद राजकुमार चाहर ने संसद में उठाई रोजगार सृजन की आवाज, केंद्र सरकार ने दिए प्रगति के आंकड़े

ग्रामीण युवाओं के लिए रोजगार व आत्मनिर्भरता की मांग

सांसद चाहर ने श्रम एवं रोजगार मंत्री से आग्रह किया कि ग्रामीण युवाओं को स्वरोजगार की दिशा में बढ़ाने के लिए सरकार नए कार्यक्रमों की शुरुआत करे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में रोजगार के अवसर अवश्य बढ़े हैं, लेकिन गांवों और कस्बों में युवाओं तक इन अवसरों की पहुंच और अधिक सुनिश्चित की जानी चाहिए।

सरकार की ओर से मिला सकारात्मक आश्वासन

रोजगार से संबंधित सांसद चाहर के एक प्रश्न के उत्तर में श्रम एवं रोजगार राज्य मंत्री शोभा करंदलाजे ने कहा कि भारत सरकार रोजगार सृजन और सामाजिक सुरक्षा के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। इसी दिशा में केंद्र सरकार ने रोजगार सृजन प्रोत्साहन योजना (ELI) को मंजूरी दी है, जो युवाओं को सम्मानजनक आजीविका प्रदान करने के लिए बनाई गई है।

रोजगार के आंकड़े: उल्लेखनीय वृद्धि

श्रम मंत्री ने जानकारी दी कि भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा विकसित एलईएमएस डेटाबेस में 27 प्रमुख उद्योगों के आधार पर रोजगार के आँकड़े दर्ज किए जाते हैं। वर्ष 2014-15 में देश में कुल रोजगार 47.15 करोड़ था, जो 2023-24 में बढ़कर 64.33 करोड़ हो गया है। यह 36.44% की वृद्धि को दर्शाता है।

एनसीएस पोर्टल: करोड़ों रिक्तियों का सृजन

मंत्री ने बताया कि राष्ट्रीय करियर सेवा (NCS) पोर्टल के माध्यम से अब तक 6.2 करोड़ से अधिक रिक्तियों का सृजन किया जा चुका है, जिससे निजी और सरकारी दोनों क्षेत्रों के युवाओं को लाभ मिल रहा है।

बेरोजगारी दर में भारी गिरावट

सरकारी आंकड़ों के अनुसार, बेरोजगारी दर 2017-18 में 6.0% थी, जो 2023-24 में घटकर 3.2% रह गई। महिलाओं के लिए यह दर 5.6% से घटकर 3.2% हो गई है। कार्यबल भागीदारी दर (WPR) भी 46.8% से बढ़कर 58.2% हो गई है। महिलाओं में यह दर 22.0% से बढ़कर 40.3% हो चुकी है। विशेष रूप से कर्नाटक राज्य में महिलाओं की भागीदारी 24.8% से बढ़कर 37.2% तक पहुंच गई है।

सरकार का लक्ष्य: समावेशी और टिकाऊ विकास

श्रम मंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार का उद्देश्य हर नागरिक को रोजगार के बेहतर अवसर प्रदान करना है और महिला सशक्तिकरण को प्राथमिकता देना है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि रोजगार व कौशल विकास के सकारात्मक परिणाम भविष्य में और व्यापक रूप में देखने को मिलेंगे।

SP_Singh AURGURU Editor