मेट्रो को सशर्त जमीन देगा नगर निगम, सूरसदन स्टेशन की आय का आधा हिस्सा मांगा, कार्यकारिणी समिति की बैठक में सीवर और सफाई पर सख्त फैसले
आगरा। नगर निगम कार्यकारिणी समिति की 16वीं महत्वपूर्ण बैठक सोमवार को महापौर हेमलता दिवाकर कुशवाह की अध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक में शहर के बुनियादी ढांचे, मेट्रो परियोजना, सीवर व्यवस्था, सफाई और यातायात से जुड़े कुल सात अहम प्रस्तावों को सर्वसम्मति से पारित किया गया। खास बात यह रही कि मेट्रो को नगर निगम परिसर की भूमि हस्तांतरण पर सशर्त मुहर लगाई गई, वहीं सफाई व्यवस्था में लापरवाही पर अधिकारियों को कड़ी फटकार भी सुननी पड़ी।
बैठक में आगरा मेट्रो रेल कॉरपोरेशन लिमिटेड को नगर निगम परिसर में रिक्त पड़ी 48.07×20.80 वर्ग मीटर भूमि हस्तांतरित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। इस पर महापौर हेमलता दिवाकर कुशवाह ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि सूर सदन मेट्रो स्टेशन से होने वाली कुल आय का 50 प्रतिशत हिस्सा नगर निगम आगरा को मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव अब अंतिम निर्णय के लिए नगर निगम सदन में जाएगा, जहां इस पर विस्तृत चर्चा के बाद अंतिम मुहर लगेगी।
छावनी क्षेत्र की सीवर व्यवस्था को मजबूत करने के लिए भी बैठक में बड़ा फैसला लिया गया। एसपीएस, 500 एमएम व्यास की सीवर लाइन और 400 एमएम की सीवर राइजिंग मैन बिछाने हेतु तहसील सदर के ग्राम मौजा चक चाहरम, चक दखली मौजा चावली एवं नैनाना ब्राह्मण की भूमि नगर निगम को 99 वर्षों के लिए मात्र एक रुपये वार्षिक लीज पर दिए जाने के प्रस्ताव को स्वीकृति दी गई।
बैठक के दौरान सफाई व्यवस्था का मुद्दा सबसे अधिक गरमाया। कार्यकारिणी सदस्य बंटी माहौर ने वार्डों की बदहाल स्थिति पर तीखा विरोध दर्ज कराते हुए कहा कि अधिकारियों की लापरवाही से जनता नारकीय हालात झेलने को मजबूर है। उन्होंने विशेष रूप से बाढ़-17 राजनगर वार्ड की स्थिति को गंभीर बताया। इस पर महापौर ने अधिकारियों को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि सदन में यह निर्णय हुआ था कि प्रत्येक वार्ड में पार्षद को 10-10 सफाई कर्मचारी दिए जाएंगे, फिर भी यह व्यवस्था लागू क्यों नहीं हुई। नगर आयुक्त अंकित खंडेलवाल ने इस पर नगर स्वास्थ्य अधिकारी की कड़ी क्लास लगाई और सहायक नगर आयुक्त अशोक प्रिय गौतम को तत्काल मौके पर निरीक्षण कर व्यवस्थाएं सुधारने के निर्देश दिए।
इसी बैठक में एमजी रोड पर विनायक मॉल के पास अवैध पार्किंग का मामला भी उठा। सदस्यों ने बताया कि दबंगों द्वारा संचालित अवैध पार्किंग के कारण आए दिन जाम और दुर्घटनाओं की स्थिति बनती है। इस पर महापौर ने तत्काल अवैध पार्किंग बंद कराने और दोषियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए।
इसके अतिरिक्त, सदस्य अमित सिंह द्वारा बिजलीघर चौराहे का नाम शिवाजी चौक रखने और मदिया कटरा से कोठी मीना बाजार मार्ग का नाम सरदार वल्लभ भाई पटेल मार्ग रखने के प्रस्ताव को समिति के माध्यम से सदन में भेजने का निर्णय लिया गया। वहीं सदस्य विक्रांत सिंह कुशवाह ने नगर निगम के मकानों और दुकानों के किराए से संबंधित एकमुश्त समाधान योजना की जानकारी दी, जिसे पूर्व में शासन को भेजा जा चुका है।
बैठक में नगर आयुक्त अंकित खंडेलवाल, अपर नगर आयुक्त शिशिर कुमार, मुख्य अभियंता (विद्युत एवं यांत्रिक) अजय कुमार राम, उप नगर आयुक्त डॉ. सरिता सिंह, मुख्य वित्त अधिकारी बृजेश सिंह, सहायक नगर आयुक्त श्रद्धा पांडेय एवं अशोक प्रिय गौतम, पर्यावरण अभियंता पंकज भूषण, अधिशासी अभियंता विद्युत अरविंद श्रीवास्तव, जलकल विभाग के महाप्रबंधक अरुणेंद्र राजपूत सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।