शिक्षक एमएलसी चुनाव में राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ छह सीटों पर उतारेगा प्रत्याशी
राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ उत्तर प्रदेश ने आगामी विधान परिषद चुनाव में अपनी सक्रिय भागीदारी का ऐलान किया है। महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अनूप शर्मा (अलीगढ़) ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बताया कि संगठन छह शिक्षक सीटों पर अपने प्रत्याशी उतारेगा। इसके लिए विस्तृत रणनीति और कार्ययोजना तैयार कर ली गई है।
आगरा। राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ उत्तर प्रदेश ने आगामी विधान परिषद चुनाव में अपनी सक्रिय भागीदारी का ऐलान किया है। महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अनूप शर्मा (अलीगढ़) ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बताया कि संगठन छह शिक्षक सीटों पर अपने प्रत्याशी उतारेगा। इसके लिए विस्तृत रणनीति और कार्ययोजना तैयार कर ली गई है।
उत्तर प्रदेश विधान परिषद की लखनऊ, वाराणसी, आगरा, मेरठ, बरेली-मुरादाबाद और गोरखपुर-फैजाबाद खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र की छह सीटों पर चुनाव होना है। इन सीटों से निर्वाचित एमएलसी का कार्यकाल 6 दिसंबर 2026 को पूरा हो रहा है। चुनाव नवम्बर 2026 में होंगे और निर्वाचन आयोग 30 सितम्बर 2025 को इसका नोटिस जारी करेगा।
महासंघ ने प्रत्याशी चयन के लिए सेलेक्शन एंड स्क्रीनिंग कमेटी का गठन किया है। संस्थापक डॉ. देवी सिंह नरवार (आगरा) को समिति का अध्यक्ष बनाया गया है, जबकि वरिष्ठ शिक्षक नेता और निवर्तमान प्रदेश अध्यक्ष संतोष कुमार सिंह (नोएडा) को संयोजक नामित किया गया है। समिति ने तय किया है कि प्रत्याशियों के चयन में लोकप्रियता, शिक्षकों के हितों के लिए संघर्ष, संगठन के प्रति निष्ठा और स्वच्छ छवि जैसे मानक प्राथमिक होंगे।
उत्तर प्रदेश विधान परिषद में कुल 100 सीटें हैं। इनमें से 38 सीटें विधायकों, 36 सीटें स्थानीय निकाय प्रतिनिधियों, 8 सीटें स्नातक मतदाताओं और 8 सीटें शिक्षक मतदाताओं द्वारा भरी जाती हैं। इसके अलावा 10 सदस्यों को राज्यपाल नामित करते हैं।
वरिष्ठ शिक्षक नेता डॉ. देवी सिंह नरवार और प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अनूप शर्मा ने कहा कि शिक्षकों के लिए आरक्षित सीटों पर राजनीतिक दलों द्वारा अपने प्रत्याशी उतारना सीधे-सीधे शिक्षकों के अधिकारों पर हमला है। उन्होंने जोर दिया कि इन सीटों पर केवल शिक्षक संगठनों को ही चुनाव लड़ने का अवसर मिलना चाहिए। इसी कारण महासंघ ने छह सीटों पर दमदारी से चुनाव लड़ने का निर्णय लिया है।