न नाला और न टक्कर! किरावली थाने के पास ट्रक दुर्घटना की कहानी में एसीपी को दिखा झोल
आगरा में किरावली थाने के पास कथित ट्रक दुर्घटना को लेकर दर्ज एफआईआर अब पुलिस अधिकारियों के लिए जांच का विषय बन गई है। मौके पर नाले का अस्तित्व ही नहीं मिला, ट्रक पर खरोंच तक नहीं, ऐसे में सवाल उठने लगे हैं कि कहीं यह तेल से भरे ट्रक का माल हड़पने की साजिश तो नहीं?
किरावली (आगरा)। थाना किरावली से महज़ 200 मीटर की दूरी पर ट्रक दुर्घटना के नाम पर हुई एफआईआर अब पुलिस की ही कार्यशैली पर सवाल खड़े कर रही है। इस प्रकरण को लेकर सहायक पुलिस आयुक्त (एसीपी) गौरव सिंह ने मौके का मुआयना किया तो उनका माथा ठनका क्योंकि एफआईआर में बताई गई बातें तथ्यों से मेल नहीं खा रहीं।
ट्रक चालक सत्यनारायण गुर्जर पुत्र देवी लाल, निवासी खतान खेड़ी, थाना वनेड़ा, जिला भीलवाड़ा (राजस्थान) ने एफआईआर दर्ज कराई थी कि 23 जुलाई को वह नीमच (मध्यप्रदेश) से 2200 कार्टन, कुल 2965 नग तेल लेकर ट्रक संख्या DD01AC9480 से प्रयागराज जा रहा था। किरावली थाने से कुछ दूरी पर एक अज्ञात ट्रक ने उसके वाहन को पीछे से टक्कर मार दी, जिससे 20-30 कार्टून नाले में बह गए।
जांच में चौंकाने वाली बातें सामने आईं
एसीपी गौरव सिंह इस मामले की जांच के लिए स्वयं घटनास्थल पर पहुंचे। मौके पर उन्हें कोई बड़ा नाला नहीं मिला, जबकि एफआईआर में कार्टन बहने का दावा किया गया है। ट्रक के दोनों ओर कोई खरोंच तक नहीं मिली, जिससे दुर्घटना की पुष्टि नहीं होती, जबकि एफआईआर में टक्कर की बात कही गई है। एफआईआर में जिस अज्ञात ट्रक का जिक्र किया गया है, उसके बारे में कोई सुराग नहीं है।
दुर्घटना की स्पष्ट तस्वीर या गवाह का न होना, कहानी की सच्चाई पर सवाल खड़ा कर रहा है। ट्रक चालक का मोबाइल नंबर स्विच ऑफ जा रहा है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, संदेह है कि यह मामला तेल से भरे ट्रक का माल हड़पने की सोची-समझी साजिश हो सकता है।
एसीपी गौरव सिंह ने कहा, जब मौके पर बड़ा नाला ही नहीं है तो कार्टन बहने की बात संदिग्ध लगती है। पूरे मामले की गंभीरता से जांच कराई जा रही है। एसीपी को इस बात की हैरानी है कि थाने से दो सौ मीटर की दूरी पर हुई कथित दुर्घटना के मामले में थाना पुलिस ने इस पहलू से जांच क्यों नहीं की।