मानवाधिकारों की निगरानी में नई तकनीक का इस्तेमाल हो

आगरा। महिलाओं और समाज के कमजोर वर्गों के सशक्तिकरण के लगातार प्रयास करने चाहिए। नई तकनीकि का इस्तेमाल कर मानवाधिकारों की निगरानी करना जरूरी है। यह कहना है उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष बबिता चौहान का।

Dec 10, 2024 - 14:20
 0
मानवाधिकारों की निगरानी में नई तकनीक का इस्तेमाल हो
मानवाधिकार चुनौतियां और समाधान विषयक संगोष्ठी को संबोधित करतीं राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॊ. बबिता चौहान। मंचस्थ हैं अन्य अतिथि।  

- मानवाधिकार चुनौतियां एवं समाधान पर आयोजित संगोष्ठी में हुआ मंथन 

महिला आयोग की अध्यक्ष श्री बांके बिहारी एजुकेशन सोसाइटी,गांधी अध्ययन केंद्र, विधि विभाग, मिशन शक्ति के संयुक्त तत्वावधान में अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार दिवस के पूर्व संध्या पर मानवाधिकार चुनौतियां एवं समाधान संगोष्ठी में बोल रहीं थीं।

संगोष्ठी की मुख्य अतिथि महिला आयोग की अध्यक्ष बबीता चौहान, विधिक प्राधिकरण के नोडल अधिकारी दिव्यानंद दुबे, मुख्य वक्ता राज्यपाल के पूर्व विधि अधिकारी प्रो.अरविंद मिश्रा, श्री बांके बिहारी एजुकेशनल सोसाइटी के अध्यक्ष डॉ. मदन मोहन शर्मा, समाज विज्ञान संस्थान के निदेशक प्रो.मोहम्मद अरशद, विधि विभाग के समन्वयक मनोज राठौर, गांधी अध्ययन केंद्र के समन्वयक डॉ राजीव वर्मा, मिशन शक्ति के समन्वयक डॉ राजेश कुशवाहा, प्रो. विनीता सिंह,विकास भारद्वाज, नितिन वर्मा एडवोकेट ने मां सरस्वतीऔर ठा. श्री बांके बिहारी के चित्र के सामने दीप प्रज्वलित कर संगोष्ठी का शुभारंभ किया।

मुख्य वक्ता प्रो अरविंद मिश्रा ने कहा कि सभी व्यक्तियों को जीवन,स्वतंत्रता और गरिमा के साथ जीने का अधिकार है। गांधी अध्ययन केंद्र समन्वयक डॉ राजेश कुशवाहा ने कहा कि सामुदायिक सहभागिता और नीतिगत बदलाव जरूरत है। विधि विभाग के छात्रों ने मानवाधिकार से जुड़े विषयों पर प्रेजेंटेशन प्रस्तुत किए।

मिशन शक्ति की समन्वयक प्रो. विनीता सिंह ने महिलाओं और बालिकाओं के अधिकारों और उनके सशक्तिकरण पर विशेष जोर दिया। श्री बांके बिहारी एजुकेशनल सोसाइटी अध्यक्ष डॉ. मदन मोहन शर्मा ने कहा कि यह आयोजन मानवाधिकारों की समझ और उनके प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए एक सार्थक प्रयास है।

SP_Singh AURGURU Editor