यूपी बीजेपी की नई टीम का ऐलान, आगरा के रामप्रताप चौहान बने महामंत्री, विजय शिवहरे को भी जिम्मेदारी
भाजपा ने उत्तर प्रदेश की नई प्रदेश कार्यकारिणी घोषित की। 19 उपाध्यक्ष, 8 महामंत्री और 19 मंत्रियों को जिम्मेदारी मिली। आगरा के रामप्रताप चौहान प्रदेश महामंत्री और विजय शिवहरे प्रदेश मंत्री बनाए गए। सभी छह क्षेत्रीय अध्यक्ष बदले गए। ओबीसी, दलित, महिला और युवा प्रतिनिधित्व पर विशेष जोर। रोहित मिश्रा बने भाजपा युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष। 2027 विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखकर तैयार की गई नई टीम।
2027 विधानसभा चुनाव की तैयारी में बीजेपी का बड़ा संगठनात्मक दांव, नई प्रदेश कार्यकारिणी में सामाजिक और क्षेत्रीय संतुलन पर विशेष फोकस
लखनऊ। भारतीय जनता पार्टी ने लंबे इंतजार के बाद उत्तर प्रदेश की नई प्रदेश कार्यकारिणी की घोषणा कर दी है। प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी के नेतृत्व में गठित नई टीम में 19 उपाध्यक्ष, 8 महामंत्री और 19 मंत्रियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। पार्टी ने 2027 के विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए संगठन में व्यापक बदलाव करते हुए सामाजिक, क्षेत्रीय और राजनीतिक संतुलन साधने का प्रयास किया है।
नई कार्यकारिणी में आगरा को भी महत्वपूर्ण प्रतिनिधित्व मिला है। आगरा के वरिष्ठ भाजपा नेता रामप्रताप चौहान को फिर से प्रदेश महामंत्री बनाया गया है, जबकि विजय शिवहरे को प्रदेश मंत्री की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इससे ब्रज क्षेत्र में भाजपा संगठन को और मजबूती मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
भाजपा नेतृत्व ने इस बार ओबीसी, दलित, पिछड़े वर्ग और महिलाओं को संगठन में अधिक प्रतिनिधित्व देकर स्पष्ट संकेत दिया है कि आगामी चुनावों में सामाजिक समीकरणों को साधना पार्टी की प्रमुख रणनीति का हिस्सा होगा। नई टीम में कई नए चेहरों को मौका दिया गया है, वहीं अनुभवी नेताओं को महत्वपूर्ण पद देकर संगठनात्मक अनुभव और ऊर्जा का संतुलन बनाने की कोशिश की गई है।
प्रदेश महामंत्रियों में संजय राय, अभिजात मिश्रा, राजेश चौधरी, रामप्रताप चौहान, उपेंद्र रावत, शंकर लोधी, दिलीप पटेल और गीता शाक्य को जिम्मेदारी दी गई है। इनमें गीता शाक्य और शंकर लोधी जैसे नाम सामाजिक प्रतिनिधित्व के लिहाज से महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।
प्रदेश उपाध्यक्षों की सूची में सुरेश राणा, सत्यपाल सैनी, बृजबहादुर सिंह, धर्मेंद्र सिंह, मोहित बेनीवाल, देवेश कोरी, प्रियंका रावत, दुर्गविजय सिंह शाक्य, अर्चना मिश्रा, शंकर गिरी, राजेश यादव, सुरेश मौर्य, पूजा पाल, डॉ. कृतिका अग्रवाल और कामेश्वर सिंह सहित कुल 19 नेताओं को स्थान दिया गया है। प्रदेश मंत्रियों में विजय शिवहरे, बसंत त्यागी, शिवभूषण सिंह, सहजानंद राय, अंकुर शर्मा, विजय राजभर, राकेश बिंद, संचिता सिंह चौहान, रजनी पांडेय, राहुल बाल्मीकि, महामेधा नागर, दीपमाला संतोषी, सुहासिनी जायसवाल और आकांक्षा सोनकर समेत 19 नेताओं को शामिल किया गया है। इससे स्पष्ट है कि पार्टी ने युवा, महिला और सामाजिक रूप से विविध वर्गों को प्रतिनिधित्व देने का प्रयास किया है।
संगठनात्मक ढांचे में भी बड़ा बदलाव करते हुए भाजपा ने सभी छह क्षेत्रीय अध्यक्ष बदल दिए हैं। गोरखपुर क्षेत्र की जिम्मेदारी विनोद राय, अवध की अवधेश द्विवेदी, काशी की अशोक चौरसिया, कानपुर-बुंदेलखंड की रामकिशोर साहू, पश्चिम क्षेत्र की नवाब सिंह नागर और ब्रज क्षेत्र की पूरनलाल लोधी को सौंपी गई है।
महिला भागीदारी बढ़ाने पर विशेष जोर देते हुए पार्टी ने पहले की तुलना में अधिक महिलाओं को जिम्मेदारियां दी हैं। इसके साथ ही पश्चिम यूपी में गुर्जर और वैश्य, ब्रज में लोध, अवध में ब्राह्मण, काशी में ओबीसी और गोरखपुर में भूमिहार समाज को प्रतिनिधित्व देकर जातीय संतुलन साधने की कोशिश की गई है।
मोर्चा संगठनों में भी बड़े बदलाव किए गए हैं। रोहित मिश्रा को भाजपा युवा मोर्चा का प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया है। वहीं प्रकाश पाल को पिछड़ा वर्ग मोर्चा, देवेंद्र सिंह को किसान मोर्चा, अशोक रावत को अनुसूचित मोर्चा, सरोज कुशवाह को महिला मोर्चा और विद्याभूषण गौंड को अनुसूचित जाति-जनजाति मोर्चा का अध्यक्ष बनाया गया है। पार्टी का मुख्य प्रवक्ता दिनेश प्रताप सिंह को बनाया गया है। दिल्ली और लखनऊ में कई दौर की बैठकों और मंथन के बाद तैयार की गई यह नई टीम भाजपा की 2027 विधानसभा चुनाव की रणनीति का अहम हिस्सा मानी जा रही है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि संगठन में किए गए ये बदलाव आगामी चुनावी समीकरणों को प्रभावित कर सकते हैं।