मुआवजा नहीं तो इस्तीफा दो: ओलावृष्टि से बर्बाद फसलों पर भड़के किसान, तहसील का घेराव कर सांसद-विधायक पर साधा निशाना
किरावली (आगरा)। विगत तीन अप्रैल को हुई भारी बारिश और ओलावृष्टि से फसलें चौपट होने के बावजूद अब तक मुआवजा न मिलने से किसानों का गुस्सा फूट पड़ा। किसान कांग्रेस के बैनर तले सैकड़ों किसानों ने तहसील किरावली का घेराव कर मुआवजा दो या इस्तीफा दो के नारे लगाए और सांसद-विधायकों पर वादाखिलाफी का आरोप लगाया।
72 घंटे का वादा, 10 दिन बाद भी राहत नहीं
बताया गया कि 3 अप्रैल को आई ओलावृष्टि के बाद जनप्रतिनिधियों ने प्रभावित गांवों का दौरा कर 72 घंटे में नुकसान का आंकलन कर मुआवजा दिलाने का आश्वासन दिया था। लेकिन 10 दिन बीतने के बाद भी किसानों को कोई राहत नहीं मिली, जिससे आक्रोश बढ़ गया।
किसान कांग्रेस के जिलाध्यक्ष मुकेश डागुर और कांग्रेस जिलाध्यक्ष रामनाथ सिकरवार के नेतृत्व में सैकड़ों किसान तख्तियां लेकर तहसील पहुंचे। मुआवजा दो या इस्तीफा दो के नारों के साथ करीब दो घंटे तक तहसील का घेराव किया गया।
मुख्यमंत्री को भेजा छह सूत्रीय मांग पत्र
प्रदर्शन के बाद एसडीएम को मुख्यमंत्री के नाम छह सूत्रीय मांग पत्र सौंपा गया। मुकेश डागुर ने कहा कि फसलें पूरी तरह बर्बाद हो चुकी हैं और मुआवजा न मिलने से किसान आर्थिक संकट में हैं। उन्होंने इसके लिए सांसद और विधायकों को जिम्मेदार ठहराते हुए उनके इस्तीफे की मांग की।
किसान नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि जल्द मुआवजा नहीं मिला, तो गांव-गांव आंदोलन खड़ा किया जाएगा। साथ ही एमएसपी लागू करने, किसानों की कर्जमाफी, सरकारी खरीद केंद्र खोलने और स्मार्ट मीटर का विरोध भी प्रमुख मांगों में शामिल रहा।
कांग्रेस जिलाध्यक्ष रामनाथ सिकरवार ने कहा कि सरकार किसानों के साथ धोखा कर रही है और झूठे वादे कर रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी किसानों के साथ खड़ी है और जरूरत पड़ी तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा।
ये किसान प्रदर्शन में शामिल रहे
प्रदर्शन में छितर इंदौलिया, राजू चाहर, लाला इंदौलिया, संतोष चाहर, जसवंत चाहर, भानु सोलंकी, कीर्ति सिंह, पुष्पेंद्र डागुर, रामवीर इंदौलिया, दिनेश शर्मा, अनेक सिंह इंदौलिया, राधाबल्लभ कुशवाह, रोहन सिंह प्रधान, कल्ला प्रधान, ओमप्रकाश प्रधान, जगदीश सिंह, दीनदयाल सिंह, चरण सिंह सहित सैकड़ों किसान मौजूद रहे।