शव को भी नहीं मिली सड़क, कीचड़ में से ले जाना पड़ा, वीडियो वायरल
पिनाहट के बड़ापुरा गांव में कीचड़ भरे रास्ते से शव ले जाने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद गांव की बदहाल सड़क व्यवस्था सामने आई है। ग्रामीणों ने विकास कार्य न कराने का आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत की। शिकायत के बाद एसडीएम और बीडीओ ने मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया और एसडीएम ने रास्ता जल्द दुरुस्त कराने के निर्देश दिए।
पिनाहट के बड़ापुरा में विकास के दावों की खुली पोल, अंतिम यात्रा के रास्ते में कीचड़ का ‘स्वागत द्वार’, ग्रामीण बोले-प्रधान ने विकास कार्यों से बनाई दूरी
आगरा। गांवों में विकास की तस्वीर बदलने के दावे भले ही सरकारी फाइलों में चमकते नजर आएं, लेकिन पिनाहट के बड़ापुरा गांव की हकीकत इन दावों पर सवाल खड़े कर रही है। यहां हालात इतने बदहाल हैं कि अंतिम यात्रा के लिए भी ग्रामीणों को पक्के रास्ते का इंतजार है। गांव में कीचड़ से भरे रास्ते से शव ले जाने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद ग्रामीणों की परेशानी सामने आई है।
वीडियो में ग्रामीण बेहद खराब और कीचड़युक्त रास्ते से शव को ले जाते दिखाई दे रहे हैं। रास्ते की हालत देखकर सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि बरसात के दिनों में यहां से पैदल निकलना भी किसी चुनौती से कम नहीं है। ऐसे में जब किसी ग्रामीण की मौत हो जाए तो परिजनों और ग्रामीणों के सामने दुख के साथ-साथ अंतिम यात्रा के लिए रास्ते का संकट भी खड़ा हो जाता है।
अंतिम यात्रा भी कीचड़ के भरोसे
ग्रामीणों का आरोप है कि गांव में रास्तों की हालत लंबे समय से खराब है। बारिश होते ही रास्ते कीचड़ में तब्दील हो जाते हैं। यही वजह है कि लोगों को रोजमर्रा के आवागमन में परेशानी झेलनी पड़ती है। लेकिन जब इसी रास्ते से शव ले जाने का वीडियो सामने आया तो गांव की बदहाली ने गंभीर सवाल खड़े कर दिए। ग्रामीणों का कहना है कि विकास कार्यों को लेकर कई बार मांग उठाई गई, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान नहीं हुआ। ग्रामीणों ने ग्राम प्रधान पर विकास कार्य नहीं कराने का आरोप भी लगाया है।
मुख्यमंत्री पोर्टल तक पहुंची शिकायत
सड़क की बदहाली को लेकर ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के बाद प्रशासनिक अमला हरकत में आया। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसडीएम और बीडीओ ने मौके पर पहुंचकर रास्ते का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने मौके पर रास्ते की स्थिति देखी और ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं। निरीक्षण के दौरान सामने आई बदहाली के बाद एसडीएम ने संबंधित अधिकारियों को रास्ता जल्द दुरुस्त कराने के निर्देश दिए।
वीडियो ने दिखाया विकास का ‘ग्राउंड जीरो’
बड़ापुरा का वायरल वीडियो अब गांव के विकास की हकीकत का आईना बन गया है। सवाल यह है कि जिस रास्ते पर आम दिनों में ग्रामीणों का निकलना मुश्किल है, वहां विकास की योजनाएं आखिर किस रास्ते से पहुंच रही हैं? विडंबना देखिए—गांव में सड़क इतनी बदहाल है कि जिंदगी के सफर में साथ देने वाला रास्ता अंतिम सफर में भी साथ देने को तैयार नहीं। कीचड़ से होकर शव ले जाने की तस्वीरें सिर्फ एक रास्ते की दुर्दशा नहीं दिखातीं, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्यों की निगरानी और प्राथमिकताओं पर भी सवाल खड़े करती हैं।
अब निरीक्षण के बाद काम का इंतजार
प्रशासनिक अधिकारियों के निरीक्षण और एसडीएम के निर्देश के बाद ग्रामीणों को उम्मीद है कि रास्ते की समस्या का जल्द समाधान होगा। हालांकि ग्रामीणों के लिए असली परीक्षा अब यह है कि निरीक्षण के बाद फाइल चलती है या सड़क पर काम। ग्रामीणों का कहना है कि उन्हें आश्वासन नहीं, बल्कि ऐसा रास्ता चाहिए जिस पर बारिश के मौसम में भी वे सुरक्षित आवागमन कर सकें और किसी परिवार को अपने प्रियजन की अंतिम यात्रा में कीचड़ से जूझना न पड़े।