मौलाना तौकीर पर शिकंजा और कसा जा रहा, बरेली प्रशासन रासुका लगाने की तैयारी में
-आरके सिंह- बरेली। आईएमसी प्रमुख मौलाना तौकीर रजा खां की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। फतेहगढ़ सेंट्रल जेल से उनकी रिहाई तो दूर, हाल-फिलहाल अब बरेली वापसी भी लगभग मुश्किल होती दिख रही है। पुलिस-प्रशासन ने रासुका (राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम) के तहत उन्हें निरुद्ध करने की पूरी तैयारी कर ली है। साथ ही अदालत से यह अनुरोध किया जाएगा कि आगे से उनकी पेशी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए ही कराई जाए।
बरेली परिक्षेत्र के पुलिस उप महानिरीक्षक अजय कुमार साहनी ने बताया कि मौलाना तौकीर रजा को रासुका में निरुद्ध करने के सभी पर्याप्त आधार मौजूद हैं। उन्होंने कहा कि तौकीर रजा का जो आपराधिक इतिहास है, वह राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम के तहत कार्रवाई के लिए पर्याप्त है। मौजूदा हालात में उनका बरेली आना कानून-व्यवस्था के लिहाज से उचित नहीं माना जा सकता।
डीआईजी साहनी ने स्पष्ट किया कि पुलिस प्रशासन अब तौकीर रजा के गुर्गों पर लगातार शिकंजा कस रहा है। 26 सितंबर को बरेली में हुए बवाल के वीडियो और फुटेज के आधार पर नए आरोपियों की पहचान लगातार जारी है। अब तक 17 नए नामजद किए जा चुके हैं, जबकि दो आरोपियों को बुधवार को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। अब तक कुल 88 आरोपी जेल की सलाखों के पीछे भेजे जा चुके हैं।
घटना से जुड़े दस मुकदमों में 125 लोगों को नामजद करते हुए तीन हजार से अधिक अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ कार्रवाई की गई थी। बरेली के एसएसपी अनुराग आर्य ने बताया कि इज्जतनगर थाना क्षेत्र के फरीदापुर निवासी रफीक बेग, मजीद बेग, रिजवान, नासिर खान, लईक अहमद, शफीले अहमद, जाफर, शकील और हसीन के नाम उपद्रवियों की सूची में जोड़े गए हैं।
पुलिस ने सोशल मीडिया फुटेज, वीडियो और सर्विलांस की मदद से इनकी पहचान की है। आरोपियों की कॉल डिटेल और मोबाइल लोकेशन बवाल के दौरान शहर में सक्रिय पाई गई है। इसकी पुष्टि संबंधित क्षेत्रों के फुटेज और डंप डाटा से की गई है। पुलिस को मिले नए सॉफ्टवेयर टूल्स पहचान और डाटा विश्लेषण में अत्यंत कारगर साबित हो रहे हैं।
पुलिस का कहना है कि हाल फिलहाल अब तौकीर रजा के बरेली लौटने की कोई गुंजाइश नहीं बची है। प्रशासन ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि शहर की शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए हर संभव सख्त कदम उठाए जाएंगे।