अब पूरे देश में होगा एसआईआर, चुनाव आयोग ने राज्य के अधिकारियों को दिया तैयारी के निर्देश

दिल्ली, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश समेत 23 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में अप्रैल से एसआईआर शुरू हो सकता है। चुनाव आयोग ने इन राज्यों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों को तैयारी करने के निर्देश जारी किए गए हैं।

Feb 19, 2026 - 19:45
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 अब पूरे देश में होगा एसआईआर, चुनाव आयोग ने राज्य के अधिकारियों को दिया तैयारी के निर्देश

नई दिल्ली। बिहार-यूपी समेत देश के 13 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के अलावा पूरे देश में एसआईआर की प्रक्रिया कराई जाएगी। भारतीय निर्वाचन आयोग ने बताया है कि इसी साल अप्रैल महीने से पूरे देश में एसआईआर की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। बिहार में यह प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और 12 राज्यों में फिलहाल यह प्रक्रिया चल रही है। लिहाजा बाकी बचे राज्यों में एसआईआर की प्रक्रिया होगी।

अब इस प्रक्रिया में बचे दिल्ली, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश समेत 23 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में अप्रैल से एसआई शुरू हो सकता है। चुनाव आयोग की तरफ से इन राज्यों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों को तैयारी करने के निर्देश जारी किए गए हैं। आयोग ने अपने नोटिफिकेशन में कहा है कि सभी राज्य और केंद्र शासित प्रदेश एसआईआर से जुड़ी सभी प्रारंभिक तैयारियां यथाशीघ्र पूरी कर लें। इससे अप्रैल महीने में यह महा-अभियान बिना किसी रुकावट के शुरू किया जा सके।
 
दिल्ली, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, जम्मू और कश्मीर, लद्दाख, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नागालैंड, ओडिशा, पंजाब, सिक्किम, त्रिपुरा, तेलंगाना और उत्तराखंड, झारखंड, महाराष्ट्र, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, चंडीगढ़, दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव में एसआईआर होना है।

बीएलओ आपके घर आएं तो परिवार के सदस्यों के आधार कार्ड, उम्र सर्टिफिकेट और निवास प्रमाण पत्र होना जरूरी है। इसके अलावा अगर आपके परिवार में किसी सदस्य की उम्र 18 साल हो गई है, तो उसका नाम मतदाता सूची में जोड़ा जा सकता है। अगर परिवार का सदस्य किसी अन्य जगह शिफ्ट हो गया है, तो उसका नाम हटाकर नई जगह जोड़ा जा सकता है। इसके अलावा आपके वोटर आईडी में फोटो पुरानी या धुंधली हो चुकी है, तो उसे साफ फोटो देकर हटवा सकते है। एसआईआर प्रक्रिया के तहत बूथ लेवल ऑफिसर घर-घर जाकर मतदाता सूची में दर्ज व्यक्ति के बारे में जांच करते हैं, इनमें पता लगाया जाता है कि दर्ज व्यक्ति अभी वहां रहता है या नहीं या जिनकी मृत्यु हो चुकी है, उनके नाम मतदाता सूची से हटाए जाते हैं। इनके अलावा नाम, उम्र, खराब क्वालिटी वाली फोटो और एड्रेस की गड़बड़ी को इस अभियान के साथ सुधारा जाता है।