पनवारी कांडः अकोला के 33 ग्रामीणों को 65 दिन बाद मिली आज़ादी, जेल से रिहा होने पर स्वागत

आगरा। बहुचर्चित पनवारी कांड में विगत 28 जून 2025 को स्थानीय कोर्ट से सजा होने के बाद जेल भेजे गए अकोला के 33 ग्रामीणों को आखिरकार आज़ादी मिल गई। लगभग 65 दिन तक जिला जेल में निरुद्ध रहे इन ग्रामीणों को उच्च न्यायालय से जमानत मिल गई थी। आज रात ये सभी जेल से बाहर आ गये।

Sep 4, 2025 - 22:07
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पनवारी कांडः अकोला के 33 ग्रामीणों को 65 दिन बाद मिली आज़ादी, जेल से रिहा होने पर स्वागत
पनवारी कांड में सजा पाए अकोला क्षेत्र के 33 ग्रामीण गुरुवार रात जिला जेल से बाहर आ गए। इस दौरान उनका स्वागत किया गया।

विधायक चौधरी बाबूलाल की प्रभावी पैरवी के बाद इन सभी को हाईकोर्ट से जमानत मिली। रिहाई के बाद जेल परिसर में ग्रामीणों का फूल-मालाओं और पगड़ी पहनाकर स्वागत किया गया। इस दौरान वातावरण गिर्राज जी महाराज के जयकारों से गूंज उठा और भारी संख्या में ग्रामीण व सामाजिक संगठनों के लोग उपस्थित रहे।

आज का दिन अकोला के ग्रामीणों के लिए भावनात्मक था। 28 जून 2025 को स्थानीय कार्ट से सजा सुनाए जाने के बाद पनवारी कांड में इन सभी 33 ग्रामीणों को जिला जेल भेज दिया गया था। बीते करीब 65 दिन से निरुद्ध ग्रामीणों की रिहाई को लेकर परिवारजन और ग्रामीणों की आंखें तरस रही थीं। विधायक चौधरी बाबूलाल ने उच्च न्यायालय में स्वयं पैरवी कर इन ग्रामीणों को जमानत दिलवाई। उनकी कोशिशों का नतीजा आज सामने आया, जब सभी 33 ग्रामीण जिला जेल से बाहर निकले।

जेल से बाहर आते ही ग्रामीणों का स्वागत करने के लिए फतेहपुर सीकरी विधायक चौधरी बाबूलाल और उनके पुत्र चौधरी रामेश्वर सिंह पहले से मौजूद थे। दोनों ने ग्रामीणों को फूल-मालाएं और पगड़ी पहनाकर सम्मानित किया। इस अवसर पर हजारों की संख्या में अकोला और आसपास के क्षेत्रों से लोग पहुंचे। वातावरण घासी बाबा की जय और गिरिराज महाराज की जय के नारों से गूंज उठा।

इस मौके पर अखिल भारतीय जाट महासभा के जिलाध्यक्ष कप्तान सिंह चाहर, महानगर अध्यक्ष गजेंद्र सिंह नरवार, युवा जाट महासभा के जिलाध्यक्ष सुरेंद्र चौधरी, महिला प्रकोष्ठ की जिला अध्यक्ष श्रीमती निर्मल चाहर, राष्ट्रीय लोकदल नेता सत्यवीर सिंह रावत, युवा लोकदल के जिला अध्यक्ष मयंक खिरवार, अन्नू पहलवान, जितेंद्र चाहर लाला पूर्व प्रधान, हुकुम सिंह कोच, इंजीनियर यशपाल सिंह चाहर सहित अनेक प्रमुख लोग मौजूद रहे।

SP_Singh AURGURU Editor