सनातन विचारधारा से ही विश्व में शांति संभव: रामबाग के विराट हिन्दू सम्मेलन में अतुल कृष्ण भारद्वाज का ओजस्वी उद्बोधन
आगरा। भारत की सनातन विचारधारा ही वह मार्ग है, जो सम्पूर्ण विश्व को शांति और आनंद की ओर ले जा सकती है। कण-कण में परमात्मा को देखने वाला धर्म सनातन है, जो समभाव, करुणा और विश्व कल्याण की भावना सिखाता है। यह विचार रामबाग में आयोजित विराट हिन्दू सम्मेलन में मुख्य वक्ता, अंतरराष्ट्रीय कथा वाचक एवं मानस मर्मज्ञ अतुल कृष्ण भारद्वाज ने व्यक्त किए। सम्मेलन स्थल भारत माता के जयकारों से गूंज उठा और पंडाल देशभक्ति के भाव से सराबोर रहा।
मुख्य वक्ता अतुल कृष्ण भारद्वाज ने कहा कि भारत में रहने वाला प्रत्येक व्यक्ति हर प्राणी में एक ही परमात्मा का दर्शन करता है, इसी कारण वह सनातनी कहलाता है। श्रीकृष्ण के गीता उपदेश का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि जब मनुष्य जड़-चेतन सभी में ईश्वर को देखता है, तो द्वेष और शत्रुता का भाव स्वतः समाप्त हो जाता है। यही कारण है कि भारतीय संस्कृति विश्व कल्याण की भावना से ओतप्रोत है। भारत जब विश्व गुरु बनेगा, तब सम्पूर्ण विश्व में शांति और आनंद स्थापित होगा।
उन्होंने कहा कि केवल सनातन हिन्दुत्व की विचारधारा ही विश्व में स्थायी शांति ला सकती है। भारत की भौगोलिक और सांस्कृतिक विशेषताओं का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि तीन समुद्र भारत माता के चरण पखारते हैं। विश्व का सबसे बड़ा रेगिस्तान और सर्वाधिक वर्षा वाले क्षेत्र भारत में हैं, तथा यहां भाषाओं, बोलियों और परंपराओं की अद्भुत विविधता है। संघ की शाखाओं के महत्व पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने युवाओं से सुदृढ़ विचारधारा से जुड़कर चरित्रवान बनने का आह्वान किया।
कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों द्वारा भारत माता के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। दुर्गा वाहिनी की क्षेत्रीय संयोजिका रीना शर्मा ने जात-पात से ऊपर उठकर सभी में हिन्दू होने का भाव जागृत करने का संदेश दिया और कहा कि हम सभी भारत माता के सपूत हैं। श्यामसुन्दर अग्रवाल ने संघ के शताब्दी वर्ष पर प्रकाश डालते हुए सभी सनातनियों को एकजुट रहकर नेक मार्ग पर चलने का आह्वान किया।
कार्यक्रम अध्यक्ष राजेश अग्रवाल ने बताया कि संघ के 100 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में देशभर में विराट हिन्दू सम्मेलनों का आयोजन किया जा रहा है, जिनका उद्देश्य समस्त हिन्दू समाज को एक सूत्र में बांधना है। अग्रवाल संगठन रामबाग की अध्यक्ष निशा सिंघल ने सभी अतिथियों का स्वागत स्मृति-चिह्न भेंट कर एवं शॉल ओढ़ाकर किया।
सम्मेलन में बच्चों द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रम विशेष आकर्षण का केंद्र रहे। सरस्वती वंदना के साथ कार्यक्रमों का शुभारंभ हुआ। किसी बच्ची ने भारत माता का रूप धारण किया, तो किसी ने मां दुर्गा और मां लक्ष्मी का स्वरूप प्रस्तुत किया। देशभक्ति और ईशभक्ति से ओतप्रोत प्रस्तुतियों ने उपस्थित जनसमूह का मन मोह लिया।
इस अवसर पर आरएसएस के विभाग प्रचारक रेहित, महंत गोपी गुरु, विहिप की क्षेत्रीय संयोजिका रीना शर्मा, मोहित सक्सेना, पदम गौतम, जिला प्रचारक सचिन, ऋषि, ओमप्रकाश, गोपाल, श्यामसुन्दर, मंगल सिंह चौहान, सुभाष, अनुज, नमित, विमल, अरुण सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। सम्मेलन ने सनातन एकता, सामाजिक समरसता और राष्ट्रभक्ति का सशक्त संदेश दिया।
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