पेमा खांडू का अरुणाचल में चीनी घुसपैठ से इनकार, कहा- यह सब अफवाह,  भारतीय सेना और स्थानीय लोगों से करेंगे सत्यापन

अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने कहा कि उनकी सरकार ऊपरी सुबनसिरी जिले के तकसिंग क्षेत्र में कथित चीनी घुसपैठ की खबरों का सत्यापन भारतीय सेना और स्थानीय लोगों के साथ करेगा तथा उसके बाद ही कोई निष्कर्ष निकालेगा। हालांकि उन्होंने चीन की घुसपैठ से इनकार किया है।

Aug 8, 2026 - 07:32
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पेमा खांडू का अरुणाचल में चीनी घुसपैठ से इनकार, कहा- यह सब अफवाह,  भारतीय सेना और स्थानीय लोगों से करेंगे सत्यापन

ईंटानगर। अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने राज्य में चीन की घुसपैठ की खबरों का खंडन किया। सीएम पेमा खांडू ने कहा कि वह चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) द्वारा घुसपैठ के आरोपों पर स्थानीय लोगों और भारतीय सेना से बात करेंगे। उन्होंने कहा कि हमें नहीं लगता कि कोई घुसपैठ हुई है क्योंकि भारतीय सेना के जवान तैनात हैं और इलाके की सुरक्षा कर रहे हैं। मैंने स्थानीय जनजातियों से भी बात करने को कहा है; मैं उनकी बात सुनूंगा और सेना से भी बात करूंगा। उनके ये बयान एलएसी के पास अरुणाचल प्रदेश में घुसपैठ की सोशल मीडिया पर चल रही खबरों के बीच आए हैं।

पिछले महीने, अरुणाचल प्रदेश के गृह मंत्री मामा नटुंग ने राज्य में चीनी कब्जे के दावों को सिर्फ अफवाह बताते हुए खारिज कर दिया था और मीडिया से आग्रह किया था कि वे ऐसी बातें सार्वजनिक करने से पहले उनकी पुष्टि कर लें।

सीएम ने कहा कि सोशल मीडिया पर दिखाए जा रहे चीनी कब्जे के दावों के बारे में, मैं मीडिया के दोस्तों से अनुरोध करूंगा कि वे जांच लें कि ऐसी बातें सच हैं या नहीं। असलियत यह है कि अरुणाचल प्रदेश में चीन का कोई कब्जा नहीं है। हमारे सैनिक भारत माता की रक्षा के लिए सीमाओं पर 24/7 तैनात हैं। मैं पूरे भरोसे के साथ कह सकता हूं कि चीन की हिम्मत नहीं है कि वह भारतीय क्षेत्र में एक इंच भी आगे बढ़ सके। ये दावे सिर्फ अफवाहें हैं और इन पर विश्वास नहीं किया जाना चाहिए। भारत सरकार ने हमारे बहादुर सैनिकों को तैनात किया है और पूरा देश उनके साथ खड़ा है। हम अपनी ज़मीन की रक्षा के लिए कोई भी कुर्बानी देने को तैयार हैं।

जून में, भारतीय सेना ने भी मीडिया के एक हिस्से में आई उन खबरों का खंडन किया था, जिनमें चीनी पीएलए द्वारा अरुणाचल प्रदेश में घुसपैठ करने और कैंप लगाने का आरोप लगाया गया था, और उन्हें गलत और आधारहीन बताया था। मैंने नाह वेलफेयर सोसाइटी (एनडब्ल्यूएस) के सदस्यों को बुलाया है और व्यक्तिगत रूप से मामले का सत्यापन करूंगा। मैं भारतीय सेना से भी बात करूंगा और इसका सत्यापन करूंगा।

सीमा पर सेना की तैनाती पर भरोसा जताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सशस्त्र बल देश की सीमाओं की सुरक्षा की जिम्मेदारी प्रभावी ढंग से निभा रहे हैं। उन्होंने कहा कि आगे कोई टिप्पणी करने से पहले सरकार पूरे तथ्यों का पता लगाएगी। मुख्यमंत्री का बयान स्थानीय संगठन नाह वेलफेयर सोसाइटी के उन आरोपों के बाद आया है, जिसमें दावा किया गया है कि चीनी पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) के जवान वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) के पास तकसिंग क्षेत्र के याजा और टोगो गांवों के आसपास के इलाकों में दाखिल हुए थे।

एनडब्ल्यूएस के अध्यक्ष केरू चाडर ने दावा किया कि चीनी सैनिक लगभग हमारे दरवाजे तक पहुंच गए और ओलो जलधारा के रास्ते गांवों के 15-16 किलोमीटर दूर तक आ गए। हालांकि, इस क्षेत्र में किसी नयी चीनी घुसपैठ को लेकर भारतीय सेना या केंद्र सरकार की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। ये आरोप इस साल जून से नाह वेलफेयर सोसाइटी की ओर से किए जा रहे दावों की सिरीज का हिस्सा हैं।

जून में संगठन ने ऊपरी सुबनसिरी जिला प्रशासन को एक ज्ञापन सौंपकर आरोप लगाया था कि पीएलए ने तकसिंग के आसपास कई रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण इलाकों में अपनी मौजूदगी बढ़ाई है। इनमें असाफिला क्षेत्र का ओयिंग, पनियार, मारपन, पोर्ट्रांग और टिंगडिंगटांग इलाके शामिल हैं। संगठन ने वहां सैन्य ढांचा स्थापित किए जाने का भी दावा किया था। इसके बाद भारतीय सेना ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा था कि ये दावे तथ्यों पर आधारित नहीं हैं और किसी नई चीनी घुसपैठ के कोई प्रमाण नहीं मिले हैं।

अरुणाचल प्रदेश सरकार ने भी लोगों से अपुष्ट सूचनाएं नहीं फैलाने की अपील की है और कहा है कि सुरक्षा एजेंसियां सीमा की स्थिति पर करीबी नजर रख रही हैं। चीन से लगती सीमा के पास स्थित ऊपरी सुबनसिरी जिले का तकसिंग क्षेत्र अरुणाचल प्रदेश के सबसे संवेदनशील सीमावर्ती इलाकों में से एक है।