PHOTO SLIDE NEWS : नालों को आजाद कराओ सरकार, हम कहते हैं तो झगड़ा होता है! फोटोज में देखें ये लोग इतने नाराज क्यों हैं...
आगरा। शहर के अलग—अलग क्षेत्रों में पानी के बहाव के लिए बने अधिकांश नाले-नालियों पर अतिक्रमण कर ऊंची-ऊंची बिल्डिगों के मालिकों ने रैंप बनाकर बंद कर दिया है। इसके चलते नालों की सफाई नहीं हो पाती और पानी का बहाव भी सही से नहीं हो पाता है। नगर निगम इनके खिलाफ अभियान चलाता है। इस बार दयालबाग क्षेत्र के लोगों ने आवाज उठाई है। ऊंची-ऊंची इमारतों के नीचे कैद नालों को मुक्त कराने की गुहार लगाई है ताकि उनके घरों से गंदगी और दुर्गंध दूर हो सके और उनके बच्चे सुरक्षित रहें।
बुधवार को नगर निगम के प्रवर्तन दल ने कमलानगर प्रोफेसर कालोनी में कार्रवाई करते हुए 15 घरों के आगे बनाये गये रैंप को ध्वस्त करा दिया। इस दौरान घरों के आगे जाल लगाकर वाहन खड़ा कराने को बनाई पार्किंग को भी ध्वस्त करा दिया गया। इधर नगर निगम के वार्ड 62 गंगा एनक्लेव फेज 1 और दीपश्री एनक्लेव बसेरा दयालबाग में लोगों ने आवाज उठाई है। उनका कहना है कि तमाम लोगों ने निर्माण के नीचे नाले पाट दिए हैं। बड़ी—बड़ी रैंप बनवाई हैं। जल निकासी व्यवस्था ध्वस्त है। गंदा और बदबूदार पानी जमा होने से दुर्गंध उठती है जो घरों के अंदर तक आती है। इससे बच्चे रोगों की चपेट में आ रहे हैं। बारिश में तो हालात और भी बदतर हो जाते हैं।
लोगों ने इसे नगर निगम और जन प्रतिनिधियों की अनदेखी करार दिया है। उनका कहना है कि कई बार शिकायतों के बावजूद कोई कदम नहीं उठाया गया है। ऐसे में वे जाएं तो जाएं कहां ? किसके आगे गुहार लगाएं जब कोई सुनने वाला नहीं ?
वहीं दूसरी ओर सड़क खुदी होने से रोजाना लोग गिरकर घायल भी हो रहे हैं। लेकिन इस ओर किसी भी अधिकारी का ध्यान नहीं है। लोगों का कहना है कि इसी बात को लेकर क्षेत्रीय लोगों में रोष व्याप्त है। वही समस्या को लेकर क्षेत्रीय पार्षद (वार्ड 62) भरत शर्मा और विधायक पुरुषोत्तम खंडेलवाल से भी इस बात की शिकायत की गई है। लेकिन उसके बाद भी अभी तक कोई समाधान नहीं निकला है।
क्षेत्रीय लोगों ने बताया कि लोगों द्वारा सड़क पर रैंप और नाले के ऊपर चबूतरी बना ली है। जिसके चलते रास्ता संकरी हो गई है। दो वाहनों का निकलना भी मुश्किल होता है। लोगों से मना करने पर वह झगड़े पर उतारू हो जाते हैं। इस बात की शिकायत नगर निगम में की गई। लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। जिसके चलते अतिक्रमणकारियों के हौसले बुलंद हैं और लगातार निर्माण किया जा रहे हैं।
लोगों द्वारा अपने घर से लगभग 5 फुट की दूरी तक रैंप बना दी गई हैं। जिससे पूरा रास्ता घिर गया है। ऐसे में लोग निकले तो कहां से निकले सवाल यह खड़ा होता है। इस बात का विरोध क्षेत्रीय लोग लगातार कर रहे हैं।
विरोध करने वालों में भीमसेन, राजेंद्र शर्मा, कप्तान सिंह, सुशांत यादव, गंगा देवी चित्तौड़िया, विनीत श्रीवास्तव, नीरज कुलश्रेष्ठ, नवनीत उपाध्याय सहित दर्जनों लोग मौजूद रहे।