इजरायली संसद में पीएम मोदी ने कहा, जल्‍द दुनिया की टॉप 3 इकोनॉमी में होगा भारत,  इजरायल के साथ ट्रेड डील पर दिया हिंट

भारत और इजरायल के बीच जल्‍द एक मुक्‍त व्‍यापार समझौता (एफटीए) हो सकता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसके संकेत दिए हैं। उन्‍होंने बताया है कि दोनों देशों की टीमें इस एफटीए पर कड़ी मेहनत कर रही हैं। पीएम मोदी ने यह भी भरोसा जताया कि भारत जल्‍दी ही दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्‍यवस्‍था बन जाएगा।

Feb 26, 2026 - 05:41
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इजरायली संसद में पीएम मोदी ने कहा, जल्‍द दुनिया की टॉप 3 इकोनॉमी में होगा भारत,  इजरायल के साथ ट्रेड डील पर दिया हिंट

नई दिल्‍ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को इजराइली संसद 'नेसेट' को संबोधित किया। इस दौरान उन्‍होंने भारत की तेजी से बढ़ती अर्थव्‍यवस्‍था पर खास रोशनी डाली। जल्‍द ही इसके टॉप 3 इकोनॉमी में शामिल होने की बात कही। साथ ही यह भी इजरायल के साथ भारत के फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (एफटीए) पर भी हिंट दिया। उन्‍होंने बताया कि दोनों देशों की टीमें मिलकर इस पर काम कर रही हैं।

इजरायली संसद को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, 'पिछले कुछ सालों से भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ने वाली बड़ी इकोनॉमी रहा है। जल्द ही हम दुनिया की टॉप तीन इकोनॉमी में शामिल होंगे।'

पीएम ने यह बात ऐसे समय में कही है जब हाल में भारत ने जापान को पीछे छोड़ते हुए दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्‍यवस्‍था बनने की उपलब्धि हासिल की है। भारत की तेज रफ्तार अर्थव्‍यवस्था ने अंतरराष्‍ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) और वर्ल्‍ड बैंक जैसे संस्‍थानों को भी चौंकाया है।

प्रधानमंत्री मोदी ने इजरायल के साथ भारत के फ्री ट्रेड एग्रीमेंट होने के भी संकेत दिए। उन्‍होंने कहा, 'पिछले कुछ सालों में भारत ने दूसरे देशों के साथ कई जरूरी ट्रेड एग्रीमेंट किए हैं...हमारी टीमें एक बड़े फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (एफटीए) पर बातचीत करने के लिए कड़ी मेहनत कर रही हैं...।'

बीते कुछ समय में भारत ने कई विकसित मुल्‍कों के साथ ट्रेड डील की है। इनमें यूरोपीय यूनियन (ईयू), अमेरिका और ब्रिटेन शामिल हैं। इन ट्रेड डील ने जहां दुनियाभर में भारतीय सामानों के लिए पहुंच बढ़ा दी है। वहीं, दूसरे देशों के सामानों के लिए भारत में दरवाजा खोला है।

पीएम बोले कि भारत गाजा में शांति की पहल का समर्थन करता है। उन्होंने कहा, 'शांति का मार्ग हमेशा आसान नहीं होता। लेकिन, भारत इस क्षेत्र में संवाद, शांति और स्थिरता के लिए आपके और विश्व के साथ खड़ा है।' मोदी ने कहा, 'मैं 1.4 अरब भारतीयों की ओर से शुभकामनाएं और मित्रता, सम्मान और साझेदारी का संदेश लेकर आया हूं।'

वह बोले, 'हमारी सहभागिता का दायरा और विस्तार बढ़ा है और हम कई क्षेत्रों में इस संबंध को और मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।' मोदी के संसद में पहुंचने पर सांसदों ने अपने स्थानों पर खड़े होकर ‘मोदी-मोदी’ के नारे लगाए। उनके भाषण के दौरान कई बार उन्होंने मेजें थपथपाकर प्रधानमंत्री की कई बातों का समर्थन किया।


इजरायली संसद में पीएम मोदी को 'स्पीकर ऑफ़ द नेसेट मेडल' सम्मान

इज़रायल की संसद ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को 'स्पीकर ऑफ़ द नेसेट मेडल' से सम्मानित किया। यह नेसेट का सबसे बड़ा सम्मान है। यह मेडल भारत और इज़रायल के बीच सामरिक रिश्तों को मज़बूत करने के लिए PM मोदी के असाधारण योगदान के सम्मान में दिया जा रहा है।

संसद में पीएम मोदी ने विश्व युद्ध को याद करते हुए कहा- इस भूमि से भारत का रिश्ता खून और बलिदान से भी जुड़ा है। पहले विश्व युद्ध के दौरान इस पूरे क्षेत्र में 4,000 से ज़्यादा भारतीय सैनिकों ने अपनी जान दी थी। साथ ही उन्होंने जोधपुर लांसर्स के एक ब्रिटिश भारतीय सेना अधिकारी मेजर ठाकुर दलपत सिंह की शॉर्य की दास्तां भी बताई।

इज़रायली संसद को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, "...यहूदी समुदाय भारत में बिना किसी ज़ुल्म या भेदभाव के रहते आए हैं। उन्होंने अपने धर्म को बचाए रखा है और समाज में पूरी तरह से हिस्सा लिया है।

इज़रायल की संसद को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, "कोई भी वजह आम लोगों की हत्या को सही नहीं ठहरा सकती। कोई भी चीज़ आतंकवाद को सही नहीं ठहरा सकती। भारत ने भी लंबे समय तक आतंकवाद का दर्द सहा है। हमें 26/11 के मुंबई हमले में इज़रायली नागरिकों समेत बेगुनाहों की जान जाने की याद है। आपकी तरह, हमारी भी आतंकवाद के लिए ज़ीरो टॉलरेंस की नीति है, जिसमें कोई डबल स्टैंडर्ड नहीं है।"

इज़रायल की संसद को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, "...गाज़ा पीस इनिशिएटिव, जिसे संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने मंज़ूरी दी थी, एक रास्ता दिखाता है। भारत ने इस पहल के लिए अपना पक्का समर्थन जताया है। हमारा मानना ​​है कि इसमें इस इलाके के सभी लोगों के लिए एक सही और टिकाऊ शांति का वादा है, जिसमें फ़िलिस्तीन मुद्दे को सुलझाना भी शामिल है। हमारी सभी कोशिशें समझदारी, हिम्मत और इंसानियत से चलें। शांति का रास्ता हमेशा आसान नहीं होता, लेकिन भारत इस इलाके में बातचीत, शांति और स्थिरता के लिए आपके और दुनिया के साथ है।"

इजरायली संसद को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि "...मेरा जन्म उसी दिन हुआ था जिस दिन भारत ने इज़रायल को ऑफिशियली मान्यता दी थी, 17 सितंबर, 1950। मैं भारत के लोगों की तरफ से हर उस जान और हर उस परिवार के लिए गहरी संवेदनाएं रखता हूं जिनकी दुनिया 7 अक्टूबर को हमास के बेरहम आतंकवादी हमले में तबाह हो गई। हम आपका दर्द समझते हैं, हम आपके दुख में शामिल हैं। भारत इस समय और आगे भी पूरे भरोसे के साथ इज़राइल के साथ मजबूती से खड़ा है।"

पीएम नरेंद्र मोदी ने इजरायली संसद में कहा कि जब इजरायल पर 7 अक्टूबर का हमला हुआ तो हमने भी उस दुख को महसूस किया। हमने हमेशा आतंकवाद का विरोध किया है। किसी भी तरह के आतंक का हम खुलकर विरोध करते हैं।

इससे पहले इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा, 'मुझे आपको बताना है नरेंद्र मोदी, मेरे प्यारे दोस्त, मैं आज यहां आपके आने से बहुत, बहुत खुश हूं। मैं आपके यहां आने से इतना खुश कभी नहीं हुआ, जितना इजरायल के एक महान दोस्त, भारतीय-इजराइली गठबंधन के एक महान चैंपियन, दुनिया के मंच पर एक महान नेता के तौर पर हुआ। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके डेलीगेशन का येरुशलम में स्वागत है।