यूपी में इफको के आंवला संयंत्र से शुरू हुआ नैनो तरल डीएपी का उत्पादन
बरेली। उत्तर प्रदेश में किसानों को आत्मनिर्भरता की ओर एक और कदम बढ़ाते हुए इफको आंवला नैनो संयंत्र ने आज से नैनो डीएपी (तरल) उर्वरक का उत्पादन शुरू कर दिया है। यह उपलब्धि राज्य के लिए गौरव का विषय है क्योंकि यह प्रदेश का पहला संयंत्र है जहां अब नैनो यूरिया प्लस (तरल) और नैनो डीएपी (तरल) दोनों उर्वरकों का उत्पादन एक साथ होगा।
इस मौके पर संयंत्र के वरिष्ठ महाप्रबंधक सत्यजित प्रधान ने टीम को बधाई देते हुए बताया कि यह इफको के प्रबंध निदेशक डॉ. उदय शंकर अवस्थी के नेतृत्व में संचालित एक महत्वाकांक्षी परियोजना है, जिसका उद्देश्य किसानों को अधिक उत्पादक, किफायती और टिकाऊ उर्वरक समाधान देना है। उन्होंने बताया कि यह नया तरल डीएपी (8% नाइट्रोजन और 16% फॉस्फोरस युक्त) खासतौर पर धान की फसल से पहले किसानों के लिए बेहद लाभकारी होगा।
नैनो संयंत्र के महाप्रबंधक मुकेश खेतान ने कहा कि यह उत्पाद कृषि क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव लाएगा और किसानों को समय पर गुणवत्तापूर्ण खाद उपलब्ध कराएगा। पहली खेप का उत्पादन क्वालिटी कंट्रोल टीम डॉ. रवि गुप्ता और अशीष गुप्ता की देखरेख में किया गया। इस मौके पर इफको कर्मचारी यूनियन व अधिकारी संघ ने भी पूरे इफको परिवार को बधाई दी।
इस महत्वपूर्ण विकास से न केवल उत्तर प्रदेश बल्कि पूरे देश के किसानों को लाभ होगा, जो अब नैनो डीएपी (तरल) की उपलब्धता के लिए लंबा इंतजार नहीं करेंगे।