596 बहसों में भागीदारी और 312 प्रथम पुरस्कार पाने वाले रौनक उपमन्यु की अब लंदन की उड़ान, बैरिस्टर की पढ़ाई का खर्च उठाएगा जीएलए
मथुरा। जीएलए विश्वविद्यालय के विधि संकाय के प्रतिभाशाली छात्र रौनक उपमन्यु अब लंदन में बैरिस्टर की पढ़ाई करेंगे। उनकी उपलब्धियों और प्रतिभा को देखते हुए लंदन की क्यून मैरी लॉ यूनिवर्सिटी में बैरिस्टर (एलएलएम) की शिक्षा के लिए उनका चयन हुआ है। उनकी पढ़ाई और अन्य खर्च जीएलए विश्वविद्यालय वहन करेगा। रौनक गुरुवार को उच्च शिक्षा के लिए लंदन रवाना होंगे।
बहस प्रतियोगिताओं में बनाया रिकॉर्ड
रौनक उपमन्यु ने मून एवं यूथ पार्लियामेंट की 596 बहस प्रतियोगिताओं में भाग लेकर 312 बार प्रथम पुरस्कार हासिल किया है। विश्वविद्यालय के अनुसार उन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी तर्कशक्ति और वक्तृत्व कौशल की अलग पहचान बनाई है। उन्होंने 235 प्रमुख बहस प्रतियोगिताओं में निर्णायक की भूमिका निभाई, जबकि 21 प्रतियोगिताओं का स्वयं आयोजन भी किया। इस वर्ष आठ महीने में 58 प्रथम पुरस्कार हासिल करने का भी दावा किया गया है।
प्रतिष्ठित संस्थानों में शानदार प्रदर्शन
रौनक ने आईआईटी दिल्ली में लगातार पांचवीं बार एमयूएन प्रतियोगिता जीती। इसके अलावा दिल्ली विश्वविद्यालय, इंदौर इंस्टीट्यूट ऑफ लॉ, आईआईटी दिल्ली, भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान रुड़की, पंजाब विश्वविद्यालय, एमिटी विश्वविद्यालय गुरुग्राम सहित विभिन्न प्रतिष्ठित संस्थानों में आयोजित युवा संसद और बहस प्रतियोगिताओं में प्रथम स्थान प्राप्त किया। दिल्ली विश्वविद्यालय के हिंदू कॉलेज में जीत पर केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने उन्हें शील्ड प्रदान कर सम्मानित किया। अन्य प्रतियोगिताओं में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, वरिष्ठ नेता रणदीप सुरजेवाला और सांसद राजीव शुक्ला सहित कई प्रमुख लोगों ने उन्हें सम्मानित किया।
विधि शिक्षा के साथ व्यावहारिक प्रशिक्षण
जीएलए विश्वविद्यालय के विधि संकाय की ओर से बताया गया कि मूट कोर्ट, शोध आधारित अध्ययन, व्यावहारिक प्रशिक्षण और अनुभवी प्राध्यापकों के मार्गदर्शन से विद्यार्थियों में विश्लेषण क्षमता, तार्किक सोच, बहस कौशल, संवैधानिक समझ और न्यायिक दृष्टि विकसित करने पर जोर दिया जाता है। रौनक की उपलब्धि को इसी शैक्षणिक वातावरण का परिणाम बताया गया।
प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को अवसर प्राथमिकता
जीएलए विश्वविद्यालय के कुलाधिपति नारायण दास अग्रवाल ने कहा कि रौनक की उपलब्धि उनकी प्रतिभा, परिश्रम और विश्वविद्यालय की गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के समन्वय का परिणाम है। लंदन में उनकी पढ़ाई के लिए विश्वविद्यालय द्वारा सहयोग देना प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को वैश्विक स्तर पर अवसर उपलब्ध कराने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
कुलपति प्रो. अनूप कुमार गुप्ता ने कहा कि रौनक की उपलब्धियां उनकी मेहनत, आत्मविश्वास और वक्तृत्व कौशल का परिणाम हैं। लंदन में बैरिस्टर की पढ़ाई का अवसर उन्हें वैश्विक मंच प्रदान करेगा। सीएफओ डॉ. विवेक अग्रवाल ने इसे जीएलए के विद्यार्थियों की प्रतिभा और विश्वविद्यालय की शैक्षणिक प्रतिबद्धता का प्रमाण बताया। विधि संकाय के डीन प्रो. सोमेश धमीजा ने भी रौनक को बधाई दी।
रौनक उपमन्यु एनयूजेआई के पूर्व राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं ब्रज प्रेस क्लब के अध्यक्ष डॉ. कमलकांत उपमन्यु एडवोकेट के सुपुत्र हैं।