वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच विकास का रोडमैप: बजट 2026 में टैक्स राहत, इंफ्रास्ट्रक्चर पर रिकॉर्ड निवेश, महिलाओं-किसानों-एमएसएमई को सीधी ताकत और आत्मनिर्भर भारत की मजबूत नींव
नई दिल्ली। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को लोकसभा में वित्त वर्ष 2026-27 का आम बजट पेश करते हुए साफ कर दिया कि सरकार का फोकस विकास, रोजगार, आत्मनिर्भरता और मध्यम वर्ग की राहत पर है। वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच पेश किए गए इस बजट में टैक्सपेयर्स को राहत, किसानों को तकनीक, महिलाओं को उद्यमिता और इंफ्रास्ट्रक्चर को नई रफ्तार देने के बड़े ऐलान किए गए हैं। लगातार नौवां बजट पेश करते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि यह बजट ‘सबका साथ, सबका विकास’ के मंत्र को जमीन पर उतारने का प्रयास है।
नया आयकर कानून, नियम होंगे सरल
वित्त मंत्री ने घोषणा की कि आयकर अधिनियम, 2025 एक अप्रैल 2026 से लागू होगा, जो छह दशक पुराने कानून की जगह लेगा। नए कानून के तहत टैक्स नियमों को सरल, पारदर्शी और नागरिक अनुकूल बनाया गया है। संशोधित आयकर रिटर्न दाखिल करने की समयसीमा 31 दिसंबर से बढ़ाकर 31 मार्च करने का प्रस्ताव रखा गया है, जिसमें मामूली शुल्क देकर करदाता लाभ ले सकेंगे।
टीसीएस में बड़ी राहत
लिबरलाइज्ड रेमिटेंस स्कीम के तहत शिक्षा और मेडिकल उद्देश्यों के लिए टीसीएस दर को 5 प्रतिशत से घटाकर 2 प्रतिशत करने की घोषणा की गई। विदेश यात्रा पैकेज पर टीसीएस भी 5 प्रतिशत से घटाकर 2 प्रतिशत कर दिया गया, जो पहले 20 प्रतिशत तक था। मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण से मिलने वाले मुआवजे को आयकर से पूरी तरह मुक्त करने का भी प्रस्ताव रखा गया।
इंफ्रास्ट्रक्चर पर रिकॉर्ड निवेश
वित्त मंत्री ने सार्वजनिक पूंजीगत व्यय को बढ़ाकर 12.2 लाख करोड़ रुपये करने का ऐलान किया। टियर-2 और टियर-3 शहरों में इंफ्रास्ट्रक्चर विकास पर विशेष जोर दिया जाएगा। पर्यावरण के अनुकूल यात्री परिवहन के लिए देश में सात हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर बनाए जाएंगे, जिनमें मुंबई-पुणे, पुणे-हैदराबाद, हैदराबाद-बेंगलुरु, हैदराबाद-चेन्नई, चेन्नई-बेंगलुरु, दिल्ली-वाराणसी और वाराणसी-सिलीगुड़ी शामिल हैं।
महिलाओं के लिए लखपति दीदी का विस्तार
महिलाओं की आर्थिक मजबूती के लिए लखपति दीदी योजना का दायरा बढ़ाया जाएगा। अब महिलाओं को केवल आजीविका तक सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि उन्हें सफल उद्यमी बनाने पर जोर होगा। देशभर में SHE Mart यानी सेल्फ हेल्प आंत्रप्रिन्योर बाजार तैयार किए जाएंगे, जिससे महिला उत्पादों को सीधा बाजार मिलेगा।
खादी, हथकरघा और हस्तशिल्प को नई ताकत
महात्मा गांधी ग्राम स्वराज पहल के तहत खादी, हथकरघा और हस्तशिल्प को बढ़ावा दिया जाएगा। इसके साथ ही राष्ट्रीय हथकरघा एवं हस्तशिल्प योजना के जरिए बुनकरों और कारीगरों को केंद्र सरकार की सभी मौजूदा योजनाओं से जोड़ा जाएगा।
वस्त्र उद्योग और फाइबर सेक्टर पर फोकस
वस्त्र क्षेत्र को आत्मनिर्भर बनाने के लिए राष्ट्रीय फाइबर योजना लाई जाएगी, जिससे सिल्क और जूट समेत प्राकृतिक और मानव निर्मित फाइबर को बढ़ावा मिलेगा। वस्त्र विस्तार एवं रोजगार योजना के तहत टेक्सटाइल उद्योग को अपग्रेड किया जाएगा, निवेश को समर्थन मिलेगा और कॉमन टेस्टिंग व सर्टिफिकेशन सेंटर स्थापित किए जाएंगे।
एमएसएमई के लिए कॉरपोरेट मित्र
एमएसएमई सेक्टर को मजबूत करने के लिए कॉरपोरेट मित्र योजना की घोषणा की गई है। इसके तहत टियर-2 और टियर-3 शहरों में छोटे उद्योगों को हर स्तर पर सहायता दी जाएगी। साथ ही 10 हजार करोड़ रुपये का एमएसई ग्रोथ फंड बनाया जाएगा।
किसानों के लिए नई योजनाएं
कोकोनट प्रोत्साहन योजना के विस्तार से एक करोड़ किसानों और तीन करोड़ लोगों की आय बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है। भारत विस्तार योजना के तहत खेती में एआई टूल के उपयोग से उत्पादन और आमदनी बढ़ाने पर जोर होगा।
दिव्यांगों के लिए सम्मानजनक आजीविका
दिव्यांग कौशल योजना के जरिए दिव्यांगजनों को विशेष प्रशिक्षण देकर रोजगार से जोड़ा जाएगा। दिव्यांग सहारा योजना के तहत कृत्रिम अंग निर्माण में सरकारी सहयोग प्रदान किया जाएगा।
पर्यटन और स्वास्थ्य क्षेत्र को बढ़ावा
देश के 20 प्रमुख पर्यटन स्थलों पर 10 हजार टूरिस्ट गाइड की स्किल अपग्रेडेशन के लिए पायलट योजना शुरू की जाएगी। आईआईएम के सहयोग से 12 सप्ताह का प्रशिक्षण कार्यक्रम चलेगा। वहीं, बायोफर्मा शक्ति योजना के तहत डायबिटीज, कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए बायोलॉजिक्स निर्माण का मजबूत इकोसिस्टम तैयार किया जाएगा।