विटामिन-ए सुरक्षा अभियान का दूसरा दिन: जिले के 5.78 लाख बच्चों को मिल रहा सेहत का कवच
आगरा। बच्चों की आंखों की रोशनी और रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करने के लिए जनपद में चल रहा विटामिन-ए सघन अभियान आज दूसरे दिन में प्रवेश कर गया है। नौ जुलाई से शुरू हुए इस महीने भर के अभियान के तहत नौ माह से पांच वर्ष तक के 5.78 लाख बच्चों को विटामिन-ए की खुराक पिलाई जा रही है।
-नौ माह से पांच वर्ष तक के बच्चों को पिलाई जा रही है जीवनरक्षक खुराक, 9 अगस्त तक चलेगा अभियान
इस अभियान के अंतर्गत सभी स्वास्थ्य केंद्रों और नियमित टीकाकरण सत्रों पर यह खुराक निशुल्क दी जा रही है, ताकि बच्चों को कुपोषण और रतौंधी जैसी बीमारियों से बचाया जा सके।
बच्चों को बीमारियों से लड़ने की ताकत दे रहा है विटामिन-ए
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अरुण श्रीवास्तव के अनुसार, विटामिन-ए एक अत्यंत जरूरी पोषक तत्व है, जो बच्चों की आंखों की रोशनी बनाए रखने के साथ-साथ उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता को भी बढ़ाता है। इसकी कमी से नेत्र रोग, रतौंधी, कुपोषण और संक्रमणों का खतरा बढ़ जाता है। समय पर दी गई खुराक बच्चों को इन समस्याओं से बचाती है।
खुराक की विधि और लाभ
जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. उपेंद्र कुमार ने बताया कि नौ माह से एक वर्ष तक के बच्चों को आधा चम्मच, एक वर्ष से पांच वर्ष तक के बच्चों को पूरा चम्मच विटामिन-ए दिया जा रहा है। यह खुराक हर छह माह के अंतराल पर नौ बार दी जानी चाहिए।
विटामिन-ए की नियमित खुराक से बच्चों को मिजल्स (खसरा), डायरिया, निमोनिया, रतौंधी और कमजोरी से बचाव होता है। यह शारीरिक विकास को भी गति देती है।
52 लाख की आबादी में 5.78 लाख बच्चे लाभार्थी
आगरा जिले की लगभग 52 लाख की जनसंख्या में 5.78 लाख बच्चे ऐसे हैं जो इस अभियान के लक्षित आयु वर्ग में आते हैं। उन्हें हर हाल में यह खुराक देने के लिए स्वास्थ्य विभाग की टीमें सक्रिय हैं, और घर-घर जाकर भी जानकारी दी जा रही है।
अभियान को लेकर व्यापक जनजागरुकता
सरकारी अस्पतालों के साथ-साथ आंगनबाड़ी केंद्रों और टीकाकरण बूथों पर बैनर, पोस्टर और माइकिंग के जरिए इस अभियान की जानकारी दी जा रही है। माता-पिता से अपील की जा रही है कि वे अपने बच्चों को समय पर खुराक दिलवाकर उन्हें बीमारियों से बचाएं।