जेएनयू प्रोफेसर व कांग्रेस सांसद पर यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोप, एफआईआर दर्ज, भाजपा का प्रदर्शन
यूनिवर्सिटी जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) ने अपनी आंतरिक समिति द्वारा यौन उत्पीड़न के आरोपों की जांच किए जाने के बाद प्रोफेसर एवं कांग्रेस सांसद अंगोमचा बिमोल अकोइजम को नौकरी से बर्खास्त कर दिया गया है। अकोइजम के खिलाफ यौन उत्पीड़न मामले में एफआईआर दर्ज की गई है।
नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली स्थित देश की प्रतिष्ठित यूनिवर्सिटी जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) ने अपनी आंतरिक समिति द्वारा यौन उत्पीड़न के आरोपों की जांच किए जाने के बाद प्रोफेसर एवं कांग्रेस सांसद अंगोमचा बिमोल अकोइजम को नौकरी से बर्खास्त कर दिया है। अकोइजम के खिलाफ यौन उत्पीड़न मामले में एफआईआर दर्ज की गई है। एफआईआर में यूनिवर्सिटी की इंटरनल कमिटी की रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा गया है कि जेएनयू के प्रोफेसर और कांग्रेस सांसद अकोइजम पर महिला छात्रों के साथ गलत तरीके से निजी बातचीत करने, यौन रूप से उकसाने वाला व्यवहार करने और बिना मर्जी के शारीरिक संपर्क बनाने का आरोप है। रिपोर्ट के मुताबिक पीड़ितों के साथ ऐसा बार-बार हुआ है।
एफआईआर में बताया गया है कि इंटरनल कमिटी ने कई शिकायतकर्ताओं के आरोपों की जांच की और अपनी रिपोर्ट देने से पहले गवाहों के बयानों, बचाव पक्ष के गवाहों और अन्य सबूतों का आकलन किया है। कमिटी ने पाया कि प्रोफेसर अंगोमचा बिमोल अकोइजम का महिला छात्रों के साथ व्यवहार पेशेवर सीमाओं के दायरे में नहीं था। इस कथित व्यवहार ने उनके लिए 'डरावना, अपमानजनक और प्रतिकूल सीखने का माहौल' बना दिया था।
इस संबंध में जारी आदेश में कहा गया कि जेएनयू की आंतरिक समिति ने यौन उत्पीड़न के आरोपों की जांच की और इसके नतीजों के आधार पर कड़ी सजा की सिफारिश की। कुलपति शांतिश्री डी. पंडित के साइन वाले आदेश में कहा गया है, "उचित प्रक्रिया का पालन करने, सभी उपलब्ध तथ्यों पर विचार करने और आंतरिक समिति की रिपोर्ट के आधार पर विश्वविद्यालय की सेवा से बर्खास्तगी की सजा दी जाती है।" अकोइजम जेएनयू के स्कूल ऑफ सोशल साइंसेज के अंतर्गत 'सेंटर फॉर द स्टडी ऑफ सोशल सिस्टम्स' में प्रोफेसर हैं।
इस साल मई में कम से कम 11 छात्राओं ने प्रोफेसर के खिलाफ यौन उत्पीड़न की शिकायतें दर्ज कराईं थीं। शिकायतों में आरोप लगाया गया कि अकोइजम ने बैठक के बहाने छात्राओं को परिसर स्थित अपने घर बुलाया और उनका यौन उत्पीड़न करने की कोशिश की। कुछ छात्राओं ने यह भी आरोप लगाया कि वह क्लास में अश्लील और अनुचित बातें करते थे। खबरों के मुताबिक, इस मामले ने परिसर में चिंता पैदा कर दी है। अन्य वरिष्ठ छात्राएं भी इसी तरह के आरोप लेकर सामने आ रही हैं।
घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए इनर मणिपुर से सांसद अकोइजम ने कहा कि उन्हें सेवा से बर्खास्त किया जाना जाना छिपे हुए वरदान जैसा है, जिससे उनके खिलाफ हो रही साजिश का पर्दाफ़ाश हो सका। उन्होंने इंफाल में पत्रकारों से कहा, "मैं चाहता हूं कि ये लोग मुखौटे के बिना सामने आएं। अगर यह सच है, तो मेरे पास छिपाने के लिए कुछ भी नहीं है।" अकोइजम ने कहा, "मेरे पास न तो रिपोर्ट है और न ही बर्खास्तगी का आदेश। अगर कोई आरोप हैं, तो मुझे वे दिखाएं... तभी आपको पता चलेगा कि साजिश के तहत निशाना बनाने की कार्रवाई कैसे चल रही है।"
मणिपुर के पूर्व मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह ने सोशल मीडिया पोस्ट में कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें राजनीतिक फायदे के लिए गंभीर यौन आरोपों का सामना कर रहे व्यक्ति को संरक्षण देने की कीमत चुकानी होगी। सिंह ने कहा, "अब सवाल यह है कि इस गंभीर घटनाक्रम को देखते हुए राहुल गांधी क्या करेंगे? श्री राहुल गांधी को विपक्ष के नेता के पद से इस्तीफ़ा क्यों नहीं देना चाहिए और इतने गंभीर मुद्दे पर जवाबदेही तय करने के लिए निर्णायक कदम क्यों नहीं उठाने चाहिए? जवाबदेही के जो मानक वे दूसरों से चाहते हैं, वे उनकी अपनी पार्टी पर भी लागू होने चाहिए।"
भारतीय जनता पार्टी की महिला इकाई ने आरोप लगाया कि लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी यौन उत्पीड़न के आरोपी सांसद को बचा रहे हैं। इसके विरोध में महिला इकाई के सदस्यों ने सोमवार को दिल्ली स्थित कांग्रेस मुख्यालय के बाहर विरोध-प्रदर्शन किए। BJP महिला मोर्चा ने कहा कि वह कांग्रेस द्वारा इनर मणिपुर से अपने सांसद प्रोफेसर अंगोमचा बिमोल अकोइजम का बेशर्मी से बचाव करने के खिलाफ 'नारी शक्ति हुंकार आंदोलन' आयोजित की है। 11 छात्रों के यौन उत्पीड़न के आरोप में प्रोफेसर को JNU से बर्खास्त कर दिया गया है।