शिंदे आज शाम लौट रहे मुंबई, हलचलें हुईं तेज
मुंबई। महाराष्ट्र के कार्यवाहक मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे आज शाम सतारा से मुंबई लौट आएंगे। बताया जाता है कि कल सतारा में शिंदे को तेज बुखार हो गया था, जिसके बाद चिकित्सकों की एक टीम ने उनकी जांच की। डॉक्टर्स की टीम ने कहा था कि एकनाथ शिंदे के गले में इंफेक्शन है और तेज बुखार है। उन्हें आराम करने को कहा गया था। हालांकि 12 घंटे के भीतर ही उनके ठीक होकर लौटने की खबर आ रही है। उनके लौटने की खबरों के साथ ही तमाम अटकलें भी शुरू हो गई हैं।
शिवसेना नेता एकनाथ शिंदे शुक्रवार को सतारा गए थे। उससे पहले मुंबई में महायुति की बैठक होनी थी लेकिन वह उसमें शामिल नहीं हुए थे। इस बीच अटकलें लगाई जाने लगीं कि वह राज्य की नई सरकार के गठन के लिए हो रही कवायद के तरीके से खुश नहीं हैं।
कल शाम को एकनाथ शिंदे के पारिवारिक चिकित्सक आर एम पार्टे ने मीडिया से बात की। तमाम अटकलों को शांत करते हुए उन्होंने कहा कि एकनाथ शिंदे को तेज बुखार है। उनके शरीर में दर्द है और गले में संक्रमण है। डॉ. पार्टे ने कहा कि उन्हें दवाइयां दी गई हैं। दो दिन में उन्हें बेहतर महसूस होगा। वह रविवार को मुंबई के लिए रवाना होंगे।
शिंदे के एक करीबी सहयोगी ने भी बताया कि कार्यवाहक मुख्यमंत्री कुछ समय से बीमार हैं और शनिवार को उन्हें बुखार हो गया। सहयोगी ने बताया कि शिंदे के स्वास्थ्य में सुधार हो रहा है और शाम को मुंबई लौटेंगे। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की प्रदेश इकाई के अध्यक्ष चंद्रशेखर बावनकुले ने शनिवार को कहा कि महाराष्ट्र में नयी महायुति सरकार का शपथग्रहण 5 दिसंबर की शाम को दक्षिण मुंबई के आजाद मैदान में होगा।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी शपथग्रहण समारोह में शामिल होंगे। हालांकि, अभी तक इस बात की घोषणा नहीं की गई है कि मुख्यमंत्री कौन होगा? लेकिन भाजपा सूत्रों ने बताया कि दो बार के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस इस पद की दौड़ में सबसे आगे हैं।
इधर अचानक एकनाथ शिंदे के ठीक होकर लौटने की खबरों के बार सियासी हलचल शुरू हो गई है। कहा जा रहा है कि शाम तक कोई बड़ी सियासी खबर सामने आएगी। महाराष्ट्र में मुख्यमंत्री पद को लेकर तस्वीर भी साफ हो सकती है। पता चलेगा कि एकनाथ शिंदे के तीन प्रस्तावों में से बीजेपी किस पर सहमत हुई है।
महाराष्ट्र में 20 नवंबर को हुए विधानसभा चुनाव में भाजपा, एकनाथ शिंदे की शिवसेना और अजित पवार की राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी ) के गठबंधन महायुति ने 288 में से 230 सीट जीती। बीजेपी को सबसे ज्यादा 132 सीटें मिलीं। एकनाथ शिंदे की शिवसेना ने 57 और अजित पवार की एनसीपी ने 41 सीटें जीतीं।
सरकार के गठन में देरी हो रही है क्योंकि गठबंधन इस बात पर आम सहमति नहीं बना पाया है कि मुख्यमंत्री कौन होगा? हालांकि मुख्यमंत्री कौन होगा, इस बारे में अभी कोई घोषणा नहीं की गई है।