शिवाजी महाराज के संकल्प से जगमगाया ‘जाणता राजा’, बरसते मेघों में भी डटा रहा श्रद्धा का कारवां
आगरा। शिवाजी महाराज ने तलवार से नहीं, अपने धर्म और संकल्प से इतिहास लिखा और दिव्य प्रेम सेवा मिशन उसी संकल्प की आधुनिक व्याख्या है। यह विचार भाजपा के ब्रज क्षेत्र अध्यक्ष दुर्विजय शाक्य ने कलाकृति कन्वेंशन सेंटर में दिव्य प्रेम सेवा मिशन द्वारा आयोजित विश्वविख्यात ऐतिहासिक महानाट्य ‘जाणता राजा’ के चतुर्थ दिवस के शुभारंभ अवसर पर व्यक्त किए।
-दिव्य प्रेम सेवा मिशन के चौथे दिवस के मंचन ने दिखाया पराक्रम, सेवा और राष्ट्रधर्म का संगम
मां तुलजा भवानी की भव्य आरती और मंत्रोच्चार के बीच आरंभ हुए कार्यक्रम में दीप प्रज्ज्वलन के साथ अतिथियों ने राष्ट्रनायक छत्रपति शिवाजी महाराज को नमन किया। बरसते बादलों के बीच भी श्रद्धा और समर्पण का उत्सव थमा नहीं, थोड़ी देर रुकने के बाद मंचन पूरा हुआ।
राष्ट्रधर्म और सेवा का सजीव समागम
मुख्य अतिथि दुर्विजय शाक्य ने कहा कि छत्रपति शिवाजी महाराज का जीवन केवल एक राजा की कहानी नहीं, बल्कि जागते हुए राष्ट्र का इतिहास है। उन्होंने विदेशी आक्रमणों के युग में यह सिद्ध किया कि जब राष्ट्र संकट में हो, तब धर्म की रक्षा के लिए तलवार उठाना ही सच्ची साधना है।
उन्होंने कहा कि आज की पीढ़ी भाग्यशाली है जो इस महानाट्य के माध्यम से शिवाजी महाराज के जीवन का सजीव दर्शन कर रही है। ऐसे प्रेरक पात्र हमें स्मरण कराते हैं कि भारत भूमि कभी पराधीन नहीं रही, यहां के पुत्र सदा मां भारती की रक्षा के लिए खड़े रहे हैं।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत आज विश्व की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है। शिवाजी महाराज के राष्ट्रधर्म से प्रेरणा लेकर हमें आत्मनिर्भर और स्वाभिमानी भारत के निर्माण में योगदान देना चाहिए।
औद्योगिक प्रगति और आत्मनिर्भरता की दिशा में अग्रसर प्रदेश
अपर मुख्य सचिव (औद्योगिक विकास) आलोक कुमार ने कहा कि शिवाजी महाराज हमारे आदर्श हैं क्योंकि उन्होंने सनातनी पद्धति से ऐसी राज्यव्यवस्था दी जो सामरिक के साथ सामाजिक और आर्थिक दृष्टि से भी आदर्श थी। उन्होंने कहा कि दिव्य प्रेम सेवा मिशन ने अंत्योदय की परिकल्पना को सजीव किया है।
उन्होंने बताया कि वर्ष 2015 में जहां केवल 500 नई फैक्ट्रियां खुलती थीं, वहीं 2024-25 में यह संख्या 6000 तक पहुंच गई है। यह आत्मनिर्भरता और रोजगार सृजन का प्रतीक है।
सेवा ही साधना — समाज के भूले वर्ग तक पहुंचा प्रेम मिशन
भाजपा किसान मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष कामेश्वर सिंह ने कहा कि दिव्य प्रेम सेवा मिशन ने 29 वर्षों में समाज के उस वर्ग को संभाला है जिसे समाज ने भुला दिया था। कुष्ठ रोगियों और उनके बच्चों के लिए शिक्षा, आवास, भोजन और प्रशिक्षण की व्यवस्था कर यह संस्था समाज उत्थान का कार्य कर रही है।
उन्होंने बताया कि हरिद्वार में संचालित छात्रावास में 600 से अधिक बच्चे निःशुल्क शिक्षा पा रहे हैं, बिना सरकारी सहायता, केवल जनसहयोग से। यह मिशन धर्मांतरण की विदेशी प्रवृत्तियों के सामने एक सशक्त दीवार की तरह खड़ा है।
उन्होंने कहा कि शिवाजी महाराज ने सिद्ध किया था कि राजा वंश से नहीं, संकल्प से बनता है। उसी तरह इस मिशन ने सिद्ध किया है कि सेवा से समाज बदला जा सकता है।
बारिश में भी नहीं डगमगाया मंचन
संध्या के समय हल्की बारिश ने मंचन को चुनौती दी, लेकिन कलाकारों और दर्शकों की श्रद्धा अडिग रही। बरसती बूंदों के बीच दर्शक छत्रपति शिवाजी महाराज की गाथा में डूबे रहे। कोई नहीं उठा और न ही कोई थका।
यह दृश्य शिवाजी महाराज के अदम्य साहस की याद दिलाता रहा कि जब विश्वास मजबूत हो, तब मौसम भी संकल्प को नहीं रोक सकता। बारिश तेज होने पर थोड़ी देर मंचन रोका गया, पर शीघ्र ही पुनः आरंभ हुआ और पूरा हुआ।
मंच पर रहे ये गणमान्य अतिथि
कार्यक्रम में डॉ. दिनेश (क्षेत्र प्रचारक) के.एन. सिंह (कुलपति), संतोष, डॉ. अनिल जैन (पूर्व राज्यसभा सांसद), आनंद (क्षेत्र संपर्क प्रमुख), डॉ. हरीश (क्षेत्र संपर्क प्रमुख), मनोज (प्रमुख समाजसेवी एवं उद्यमी), दीपक कुमार (पुलिस कमिश्नर, आगरा), पुरुषोत्तम खंडेलवाल (विधायक), राजकुमार गुप्ता (महानगर अध्यक्ष), मनीष (प्रदेश अध्यक्ष, भाजपा किसान मोर्चा), कामेश्वर सिंह (प्रदेश अध्यक्ष, भाजपा किसान मोर्चा), एवं डॉ. सुशील गुप्ता (विभव) उपस्थित रहे।
आयोजन समिति संयोजक ललित शर्मा, स्वागत समिति महामंत्री अभिनव मौर्य, विशेष अतिथि सीमा उपाध्याय (हाथरस जिला पंचायत अध्यक्ष), समिति सदस्य शुभम कश्यप, राहुल जोशी (एबीवीपी), पंकज पाठक, गोविंद दुबे, दिग्विजय नाथ तिवारी, संतोष खिरवार, मुकेश गोयल आदि भी उपस्थित रहे।