जूता कारोबारियों की झोली में खुशियों की दीपावलीः जीएसटी 12 से 5 प्रतिशत होने पर गदगद

आगरा के जूता बाजार में गुरुवार को दीपावली जैसी रौनक देखने को मिली। जूते पर जीएसटी दर 12 से घटाकर 5 प्रतिशत किए जाने की घोषणा के बाद कारोबारियों और कारीगरों ने आतिशबाजी व मिठाई वितरण कर खुशी मनाई। द आगरा शू फैक्टर्स फैडरेशन के प्रयासों से मिली इस बड़ी राहत को व्यापार में नई ऊर्जा और उत्पादन बढ़ने की उम्मीद के रूप में देखा जा रहा है।

Sep 4, 2025 - 19:58
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जूता कारोबारियों की झोली में खुशियों की दीपावलीः जीएसटी 12 से  5 प्रतिशत होने पर गदगद
जूते पर जीएसटी की दरें पांच प्रतिशत होने पर हींग की मंडी स्थित जूता बाजार में मिठाई बांटकर और आतिशबाजी कर खुशियां मनाते जूता कारोबारी।

आगरा। हींग की मंडी स्थित जूता बाजार में गुरुवार को पटाखों की गूंज और मिठाई वितरण का माहौल दीपावली जैसा था। इस खुशी की वजह बनी केंद्र सरकार की घोषणा, जिसके तहत जूते पर जीएसटी की दर 12 प्रतिशत से घटाकर 5 प्रतिशत कर दी गई है।

द आगरा शू फैक्टर्स फैडरेशन के अध्यक्ष विजय सामा को कारोबारियों और कारीगरों ने विशेष रूप से धन्यवाद दिया। सामा ने बताया कि करीब एक वर्ष से जीएसटी दर कम कराने की दिशा में लगातार प्रयास हो रहे थे, जिसमें 26 प्रांतों ने एकजुट होकर सहयोग किया। प्रदेश के वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने भी इस मुद्दे पर फैडरेशन का प्रतिनिधित्व किया और केंद्र स्तर पर यह जीत दिलाई।

विजय सामा ने कहा कि अब 2,500 रुपये तक मूल्य वाले जूते पर केवल 5 प्रतिशत जीएसटी लगेगा। वहीं भारत निर्मित सिंथेटिक पीवीसी को भी इसी दायरे में शामिल कर लिया गया है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और अपने दादा व फैडरेशन के संस्थापक अध्यक्ष स्व. राजकुमार सामा को विशेष धन्यवाद दिया।

फैडरेशन के महामंत्री अजय महाजन ने कहा कि यह निर्णय मंदी से जूझ रहे जूता कारोबार के लिए नया संजीवनी साबित होगा। इससे न केवल उत्पादन और खपत बढ़ेगी बल्कि उपभोक्ताओं को भी सस्ते दाम पर जूते उपलब्ध होंगे।

इस अवसर पर दिलप्रीत सिंह, अनिल लाल जी, अजय महाजन, संजय अरोड़ा, घनश्याम रोरा, चाँद दीवान, पप्पू भाई, बाबू भाई, प्रमोद जैन, प्रदीप मेहरा, रमेश मुंजाल, राजेश केल्विन, राजेश शुभनीत, खेमा भाई, मुरलीधर पंजवानी, किशन कलवानी, मुरलीधर जी, संजय मगन, रवि मदान, अजय रली, सोमनाथ पाहुजा सहित बड़ी संख्या में कारोबारी और कारीगर मौजूद रहे।

SP_Singh AURGURU Editor