आगरा में तीन अप्रैल को श्री हनुमत जयंती महोत्सव, 551 किलो फलों का डोला, महाकाल पालकी और 50 झांकियों संग निकलेगी भव्य शोभायात्रा
आगरा। श्री हनुमान जयंती के अवसर पर आगरा में आस्था, भक्ति और भव्यता का अद्भुत संगम देखने को मिलेगा। श्री केसरीनंदन महोत्सव समिति द्वारा आयोजित श्री हनुमत शोभायात्रा इस बार ऐतिहासिक रूप लेने जा रही है, जिसमें 551 किलोग्राम फलों का विशाल डोला, उज्जैन के बाबा महाकाल की पालकी, काशी के कोतवाल महाराज की झांकी और 50 से अधिक आकर्षक डोले श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बनेंगे। हजारों भक्तों की मौजूदगी में यह शोभायात्रा पूरे शहर को भक्तिमय बना देगी।
वाटर वर्क्स स्थित होटल अतिथिवन में आयोजित कार्यक्रम में शोभायात्रा और बाबा महाकाल की पालकी यात्रा के आमंत्रण पत्र का विधिवत विमोचन किया गया। इस अवसर पर महंत योगेश पुरी, गोपी गुरु और संरक्षक अजय अवागढ़ ने बताया कि दो दिवसीय आयोजन के तहत 2 अप्रैल को आमंत्रण यात्रा निकाली जाएगी, जबकि 3 अप्रैल को प्रातः प्राचीन कुएं वाला मंदिर पर रामलला और हनुमानजी का महाभिषेक होगा। इसके बाद सायंकाल श्रीमनःकामेश्वर नाथ की नगरी में उज्जैन से बाबा महाकाल की पालकी का भव्य आगमन होगा।
फुलट्टी चौराहे से उठेगा भक्ति का ज्वार
संस्थापक सुधीर शर्मा ने जानकारी दी कि 3 अप्रैल को दोपहर 2 बजे फुलट्टी चौराहे से भव्य शोभायात्रा प्रारंभ होगी। इसमें 551 किलो फलों का डोला, काशी के कोतवाल महाराज का डोला, बाबा महाकाल की पालकी, रामलला की झांकी और महाकाल गर्भगृह के दिव्य दर्शन श्रद्धालुओं को आकर्षित करेंगे।
50 झांकियां, 10 बैंड और मथुरा का अखाड़ा बनेगा आकर्षण
अध्यक्ष गौरव बंसल और यात्रा संयोजक कुमुद वर्मा ठाकुर ने बताया कि शोभायात्रा में इस बार 50 झांकियां, शहर के 10 प्रमुख बैंड और मथुरा से मां काली का भव्य अखाड़ा शामिल होगा। पूरे मार्ग में पुष्प और इत्र वर्षा के साथ स्वागत किया जाएगा, जबकि प्रमुख चौराहों पर आतिशबाजी भी होगी।
यात्रा का मार्ग फुलट्टी चौराहे से सिंधी बाजार, फुब्बारा, किनारी बाजार, जौहरी बाजार, सुभाष बाजार, दरेसी, बेलनगंज, पथवारी, घटिया चौराहा होते हुए छिली इंट से पुनः फुलट्टी चौक तक रहेगा। इस दौरान 48 स्थानों पर महाआरती और भव्य स्वागत की व्यवस्था की गई है।
भक्तों के लिए विशेष निर्देश
महाकाल डोला प्रभारी गप्पू शर्मा ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि महाकाल की पालकी के पास जूते-चप्पल, चमड़े की बेल्ट या पर्स लेकर न आएं। भारतीय वेशभूषा में मर्यादा का पालन करते हुए दूर से ही आरती करें, ताकि सभी भक्तों को सुगमता से दर्शन का लाभ मिल सके।
कार्यक्रम में पार्षद श्रीराम धाकड़, सचिव रवि दुबे, देव शर्मा, रिक्की शर्मा, रामू कप्तान, अनुराग शर्मा, सुमित बंसल, आशीष वर्मा, सौरभ वर्मा, अमित अग्रवाल, वीरेंद्र सिंह, राजा सावरिया, प्रतीक सिकरवार, रोबिन वर्मा, आकाश यादव, राजा सिकरवार सहित अनेक पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।