धर्मांतरण के खिलाफ शाहगंज गुरुद्वारे में सिख, सिंधी और पंजाबी समाज की हुंकार, बच्चों को जड़ों से जोड़ें
आगरा। देश भर में हो रहे सुनियोजित धर्मांतरण के मामलों से उपजे आक्रोश के बीच आगरा के सिख, सिंधी और पंजाबी समाज ने एकजुट होकर गुरुद्वारा दशमपिता शाहगंज में एक आम सभा का आयोजन किया धर्मांतरण को संस्कृति पर संकट और समाजिक एकता पर हमला बताते हुए बच्चों को अपनी धार्मिक और पारंपरिक जड़ों से जोड़ने पर बल दिया।
इस सभा का उद्देश्य था- बढ़ते धर्मांतरण के खिलाफ समाज को जागरूक करना और सांस्कृतिक चेतना को पुनर्स्थापित करना। सभा में बड़ी संख्या में समाजसेवी, धर्माचार्य और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हुए।
गुरुद्वारा गुरु का ताल के हेड ग्रंथी टीटू सिंह ने कहा कि धर्मांतरण समाज को भीतर से खोखला कर रहा है। युवाओं को गुरबाणी और सेवा से जोड़ा जाए।
विहिप के प्रांत संगठन मंत्री राजेश कुमार का कहना था कि अब समय है कि हम मौन न रहें, बल्कि एकजुट होकर ऐसे षड्यंत्रों के खिलाफ आवाज उठाएं।
समाजसेवी श्याम भोजवानी, भाजपा नेता हेमंत भोजवानी, हरपाल सिंह, बॉबी आनंद, कुलविंदर सिंह, रोहित कत्याल सहित अन्य वक्ताओं ने परिवार और समाज की भूमिका पर जोर दिया।
सभा में यह प्रस्ताव पारित किया गया कि धर्मांतरण के विरुद्ध प्रशासन को ज्ञापन सौंपा जाएगा और नियमित जनजागरण अभियान चलाया जाएगा।
कार्यक्रम का समापन- एक धर्म, एक समाज – सबका साथ, सबका विकास के संकल्प के साथ किया गया।
कार्यक्रम में गुरुद्वारा माईथान से प्रधान कंवलदीप सिंह,ग्रंथी कुलविंदर सिंह, गुरुद्वारा शहीद नगर से सरदार हरपाल सिंह,शाहगंज गुरुद्वारे के प्रधान बॉबी आनंद, रोहित कत्याल, राधे मल्होत्रा,रवि त्रिलोकानी, सुंदर चेतवानी, मोहन गनवानी, परमजीत सिंह, मलकीत सिंह, इंदरजीत सिंह, भरत मंगरानी, अजय अरोरा, नरेश लखवानी, संजय सेठ,जॉनी अरोरा, विकी कपूर, राकेश गुलाटी, गुरमीत सिंह, विजय भाटिया, रीटा अरोरा, पूनम, कन्हैया सोनी, घनश्याम ख्यानी, नीरज कालरा, गुलशन तुलसानी, अजय अरोरा सहित अनेक प्रमुख समाजसेवी उपस्थित रहे।