आगरा के अत्तू गांव के छह लोग मिट्टी की ढाय में दबे, चार की मौत, 2 की हालत नाजुक

आगरा। राजस्थान बॉर्डर से पीली मिट्टी भरने गए आगरा के एक ही परिवार के चार लोगों पर उस वक्त मौत टूट पड़ी, जब चंबल नहर परियोजना की पाइपलाइन के लिए की गई खुदाई में 10 फीट गहरे गड्ढे में मिट्टी की ढाय इन लोगों पर गिर पड़ी। हादसे में चार लोगों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि दो की हालत गंभीर बताई जा रही है। सभी मृतक उत्तर प्रदेश के फतेहपुर सीकरी क्षेत्र के गांव उत्तू निवासी थे।

Jun 29, 2025 - 12:19
Jun 29, 2025 - 13:00
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आगरा के अत्तू गांव के छह लोग मिट्टी की ढाय में दबे, चार की मौत, 2 की हालत नाजुक
आगरा के फतेहपुर सीकरी क्षेत्र में अत्तू गांव के पास राजस्थान बॊर्डर पर मिट्टी की ढाय ढहने से हुए हादसे के बाद घटनास्थल पर चलाए जा रहे राहत और बचाव कार्य की तस्वीरें।

-फतेहपुर सीकरी क्षेत्र में राजस्थान बॊर्डर पर भरतपुर जिले में हुआ दर्दनाक हादसा, सभी मृतक एक ही परिवार के 

घटना आगरा के फतेहपुर सीकरी-भरतपुर जिले के थाना गहनौली क्षेत्र के गांव जंगी के नगला के पास रविवार सुबह साढ़े आठ बजे उस समय हुई जब  चंबल नदी से डीग तक नहर परियोजना के लिए की गई दस फीट गहरी खुदाई में लोग चोरी-छिपे पीली मिट्टी भरने के लिए उत्तू गांव के दस लोग गये हुए थे। इनमें से छह लोग दस फीट गहरे गड्ढे में उतरकर पीली मिट्टी भर ही रहे थे कि अचानक मिट्टी की टनों वजनी ढाय इन सबके ऊपर आ गिरी, जिसमें ये सभी दब गये।

यह हादसा होने के बाद किसी तरह पुलिस तक सूचना पहुंची। पुलिस और ग्रामीणों ने रेस्क्यू कर छह लोगों को बाहर निकाला, जिनमें से तीन की मौके पर ही मौत हो चुकी थी। एक महिला ने अस्पताल में दम तोड़ दिया। शेष दो घायलों का भरतपुर के अस्पताल में इलाज चल रहा है। घटना की सूचना मिलने के बाद भरतपुर प्रशासन और पुलिस के अलावा यूपी के फतेहपुर सीकरी से एसडीआरएफ की टीम भी पहुंच गई थी। 

ये हैं चारों मृतक और दो घायल

मृतकों की पहचान अनुकूल (22), योगेश कुमारी (25), विनोद देवी (55) और विमला देवी (45) के रूप में की गई है। घायलों मं दिनेश (38) पुत्र नाहर सिंह और जयश्री (50) पत्नी विजेंद्र शामिल हैं। लोगों का कहना है कि जब तक राहत और बचाव कार्य शुरू हुए, तब तक मिट्टी के अंदर दबे चार लोगों की सांसें टूट चुकी थीं। इस हादसे के बाद गांव में कोहराम मचा हुआ है। 

प्रशासन ने जताया दुख, जांच के आदेश

भरतपुर प्रशासन ने घटना को अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए मौके की जांच के आदेश दिए हैं। बताया जा रहा है कि चंबल परियोजना क्षेत्र में बिना अनुमति मिट्टी खनन प्रतिबंधित है, बावजूद इसके आसपास के ग्रामीणों द्वारा अवैध रूप से मिट्टी की खुदाई की जाती है। बता दें कि पीली मिट्टी गोबर से लेपन के कार्य में उपयोग में लाई जाती है।

SP_Singh AURGURU Editor