बारिश संग सांप भी आएः क्यों हो रहे हैं इंसानी बस्तियों में दाखिल? जानिए कारण और बचाव के उपाय

आगरा। आगरा समेत समूचे उत्तर प्रदेश में मानसून की दस्तक के साथ ही सांपों की सक्रियता तेजी से बढ़ने लगी है। वनों, झाड़ियों और मिट्टी में रहने वाले ये सरीसृप अब शहरी इलाकों की ओर रुख कर रहे हैं। वजह है बारिश का पानी, जो उनके प्राकृतिक आश्रयों को तहस-नहस कर देता है। ऐसे में ये सांप सूखी और गर्म जगहों की तलाश में इंसानी बस्तियों तक पहुंच रहे हैं।

Jun 25, 2025 - 16:47
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बारिश संग सांप भी आएः क्यों हो रहे हैं इंसानी बस्तियों में दाखिल? जानिए कारण और बचाव के उपाय

वाइल्डलाइफ एसओएस की चेतावनी और जागरूकता

वाइल्डलाइफ एसओएस, जो लंबे समय से मानव-सांप संघर्ष को कम करने के लिए काम कर रही है, ने फिर से चेतावनी जारी की है। संस्थान के अनुसार, पिछले कुछ वर्षों में बरसात के मौसम में सांप रेस्क्यू की घटनाओं में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। संस्था जागरूकता अभियानों और सुरक्षित व्यवहार के ज़रिए लोगों को इन घटनाओं से निपटने के उपाय सिखा रही है।

विषैले नहीं होते सभी सांप, निभाते हैं अहम भूमिका

वाइल्डलाइफ एसओएस के सीईओ कार्तिक सत्यनारायण ने कहा कि मानसून के दौरान सांपों से मुठभेड़ होना आम बात है। लेकिन घबराने के बजाय हमें उनके व्यवहार को समझना चाहिए। ज़्यादातर सांप विषहीन होते हैं और कृंतक नियंत्रण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।”

कई प्रजातियां होती हैं विस्थापित

पिछले कुछ मानसून सीज़न में आगरा और आसपास के इलाकों से कोबरा, कॉमन क्रेट, अजगर, वुल्फ स्नेक, रैट स्नेक और ब्लैक-हेडेड रॉयल स्नेक जैसे सांपों को रेस्क्यू किया गया था। बारिश के कारण उनके घर यानी झाड़ियां, गड्ढे, नाले जलमग्न हो जाते हैं, जिससे उन्हें मजबूरी में बाहर आना पड़ता है।

बचाव के उपाय क्या हैं?

वाइल्डलाइफ एसओएस द्वारा सुझाए गए उपायों में शामिल हैं:

-नालियाँ और दीवारों की दरारें बंद रखें।

-कृंतकों को नियंत्रित करें और साफ-सफाई बनाए रखें।

-कचरे को घर से दूर रखें।

-जलभराव या घास वाले क्षेत्रों में नंगे पांव न चलें।

-सांप दिखे तो छेड़ें नहीं, तुरंत विशेषज्ञों को कॉल करें।

-आपातकालीन रेस्क्यू के लिए +91 9917109666 पर कॉल करें।

डर नहीं, समझ जरूरी है

वाइल्डलाइफ एसओएस के डायरेक्टर बैजूराज एम.वी. ने कहा, हम लोगों को डर नहीं, तथ्य और समझ देना चाहते हैं। ज़्यादातर सांप आक्रामक नहीं होते और उन्हें समझने से इंसानों और सांपों दोनों को नुकसान से बचाया जा सकता है।

SP_Singh AURGURU Editor