वृंदावन के मचान से बड़े पर्दे तक पहुंचेगी देवराहा बाबा की कहानी, 2027 में आएगी ‘मचान बाबा’, ‘हनुमान अंश’ की सफलता के बाद एक और सिद्ध संत पर फिल्म, ब्रिटेन और अमेरिका के कारोबारी कर रहे हैं निर्माण
वृंदावन/आगरा। वृंदावन और ब्रजभूमि से गहरा जुड़ाव रखने वाले रहस्यमयी संत देवराहा बाबा की जिंदगी अब बड़े पर्दे पर दिखाई देगी। नीब करौरी बाबा से प्रेरित फिल्म ‘हनुमान अंश’ के बाद उनके जीवन और रहस्यमयी प्रसंगों पर आधारित फिल्म ‘मचान बाबा’ का निर्माण शुरू हो गया है। फिल्म का टाइटल पोस्टर जारी कर दिया गया है और इसे 2027 में रिलीज करने की योजना है। फिल्म की रिसर्च में देवराहा बाबा के वृंदावन प्रवास, यमुना से उनके जुड़ाव और उनसे संबंधित ऐतिहासिक प्रसंगों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
फिल्म का निर्माण ब्रिटेन में स्थापित भारतीय मूल की कारोबारी पूनम गुप्ता OBE और अमेरिका में रहने वाले उद्यमी विकल्प पालीवाल कर रहे हैं। ब्रिटेन के कारोबारी जगत में ‘पेपर क्वीन’ के नाम से चर्चित पूनम गुप्ता के साथ लखनऊ में जन्मे और वर्तमान में ऑस्टिन, टेक्सास में रह रहे विकल्प पालीवाल आईटी एवं रियल एस्टेट कारोबार से जुड़े हैं। फिल्म ओजस फिल्म्स के बैनर तले बन रही है। यह सॉफ्टवेयर और एआई कंपनी Ojas Softech की फिल्म एवं कंटेंट इकाई है। कंपनी के प्रमुख डिजिटल ब्रांड्स में AstroSage AI शामिल है। इसके संस्थापक पुनीत पांडे मूल रूप से आगरा के रहने वाले हैं।
मचान बना बाबा की पहचान
देवराहा बाबा की सबसे विशिष्ट पहचान नदी किनारे जमीन से कई फीट ऊपर बने मचान पर उनका निवास था। वह इसी मचान से भक्तों को दर्शन देते और आशीर्वाद देते थे। उनकी वास्तविक आयु को लेकर अलग-अलग दावे किए जाते रहे हैं। उनके जीवन से जुड़े इसी तरह के रहस्य फिल्म की कहानी का महत्वपूर्ण हिस्सा होंगे।
बाबा के भक्तों में आम लोगों के साथ देश के कई बड़े राजनीतिक चेहरे भी शामिल रहे। पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी और राजीव गांधी से उनकी मुलाकातों के प्रसंग विभिन्न संस्मरणों में मिलते हैं। इंदिरा गांधी के 1977 में सत्ता गंवाने के बाद बाबा से आशीर्वाद लेने पहुंचने और कांग्रेस के चुनाव चिह्न ‘हाथ’ से जुड़ी एक लोकप्रिय कथा भी उनसे जोड़ी जाती है। वर्ष 1989 में राम मंदिर शिलान्यास से पहले तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी की उनसे मुलाकात का उल्लेख भी विभिन्न विवरणों में मिलता है।
वर्ष 2009 में संसद में लिब्रहान आयोग की रिपोर्ट पर चर्चा के दौरान राजनाथ सिंह ने भी देवराहा बाबा का उल्लेख किया था। पुराने ऐतिहासिक संदर्भों में ब्रिटेन के किंग जॉर्ज पंचम के 1911 में बाबा से मिलने का जिक्र मिलता है।
नीब करौरी बाबा से संबंध भी आएगा सामने
‘मचान बाबा’ की रिसर्च का एक महत्वपूर्ण पहलू नीब करौरी बाबा और देवराहा बाबा के बीच संबंध है। दोनों संत लगभग एक ही दौर में सक्रिय रहे। भक्तों के संस्मरणों और मौखिक विवरणों में उनकी मुलाकातों का उल्लेख मिलता है। इन विवरणों के अनुसार नीब करौरी बाबा, देवराहा बाबा का विशेष सम्मान करते थे।
निर्माता पूनम गुप्ता OBE के अनुसार, देवराहा बाबा का जीवन आध्यात्मिक होने के साथ ऐतिहासिक और मानवीय दृष्टि से भी दिलचस्प है। फिल्म के लिए उपलब्ध दस्तावेजों, संस्मरणों और उनसे जुड़े लोगों के अनुभवों को गंभीरता से समझकर उनकी कहानी को श्रद्धा और सिनेमाई संवेदनशीलता के साथ प्रस्तुत करने की कोशिश की जा रही है।
दूसरे निर्माता विकल्प पालीवाल का कहना है कि फिल्म की जड़ें भारतीय मिट्टी और आध्यात्मिक परंपरा में हैं, लेकिन इसमें मौजूद रहस्य, विश्वास और मानवीय अनुभव वैश्विक दर्शकों को भी आकर्षित कर सकते हैं। फिल्म की भारतीय आत्मा को बरकरार रखते हुए इसे वैश्विक सिनेमाई भाषा में प्रस्तुत करने की योजना है।
फिल्म फिलहाल रिसर्च और प्री-प्रोडक्शन के दौर में है। इसके लिए देवराहा बाबा से जुड़ी पुस्तकों, पुरानी तस्वीरों, दस्तावेजों, प्रत्यक्षदर्शियों और उनसे जुड़े लोगों के संस्मरणों का अध्ययन किया जा रहा है। वृंदावन और ब्रज क्षेत्र से जुड़े उनके जीवन के प्रसंग भी इस शोध का अहम हिस्सा हैं।
निर्माताओं के मुताबिक, ‘मचान बाबा’ केवल चमत्कारों पर केंद्रित फिल्म नहीं होगी। इसमें आस्था, इतिहास, राजनीति, मानवीय अनुभव और देवराहा बाबा के व्यक्तित्व से जुड़े अनसुलझे रहस्यों को भी सामने लाया जाएगा। फिल्म को 2027 में रिलीज करने की योजना है।