क्लब फुट पर विजय की कहानी: जिला अस्पताल में 300 बच्चों को मिली नई ज़िंदगी

आगरा। वर्ल्ड क्लब फुट डे के मौके पर जिला अस्पताल में एक खास आयोजन किया गया, जिसमें क्लब फुट (जन्मजात टेढ़े पैर) से ग्रसित बच्चों के साथ डॉक्टरों और अनुष्का फाउंडेशन की टीम ने मिलकर स्पेनिश ऑर्थोपेडिक सर्जन डॉ. इग्नासियो पॉन्सिटी का जन्मदिन मनाया। इस अवसर पर केक काटा गया और बच्चों को डीबी स्प्लिंट (विशेष जूते व बार) नि:शुल्क वितरित किए गए।

Jun 6, 2025 - 22:13
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क्लब फुट पर विजय की कहानी: जिला अस्पताल में 300 बच्चों को मिली नई ज़िंदगी
वर्ल्ड क्लब फुट डे पर आयोजित कार्यक्रम में बच्चों को डीबी स्प्लिंट वितरित करते अनुष्का फाउंडेशन के सदस्य।  

-वर्ल्ड क्लब फुट डे पर अनुष्का फाउंडेशन ने बच्चों संग काटा केक, वितरित किए डीबी स्प्लिंट

पांच साल में 300 बच्चों को मिला नया सहारा

कार्यक्रम के दौरान अनुष्का फाउंडेशन के कार्यक्रम प्रबंधक डॉ. राजकुमार राजावत ने बताया कि पिछले 5 वर्षों में आगरा जिले में करीब 300 बच्चों को क्लब फुट जैसी जन्मजात विकृति से मुक्ति दिलाई गई है। उन्होंने बताया कि फाउंडेशन भारत के 139 जिलों में जिला अस्पतालों के सहयोग से बच्चों का निशुल्क इलाज करा रही है।

क्या होता है क्लब फुट और कैसे होता है इलाज?

जिला अस्पताल के अस्थि रोग विशेषज्ञ डॉ. शशि कुमार ने जानकारी दी कि क्लब फुट वह स्थिति है जिसमें बच्चे का पैर जन्म से ही अंदर की ओर मुड़ा होता है। यदि इसका इलाज समय रहते न किया जाए, तो यह स्थायी विकलांगता में बदल सकता है।

इलाज तीन चरणों में किया जाता है

-पॉप कास्टिंग: हर हफ्ते प्लास्टर लगाकर धीरे-धीरे पैरों को सीधा किया जाता है।

-टिनोटमी: एड़ी के पास छोटा चीरा लगाकर टेंडन को ढीला किया जाता है।

-डीबी स्प्लिंट: बच्चे को विशेष जूते व बार पहनाए जाते हैं जो विकृति को दोबारा नहीं लौटने देते।

प्रत्येक शुक्रवार को लगाया जाता है विशेष क्लब फुट कैंप

राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत प्रत्येक शुक्रवार को जिला अस्पताल में विशेष कैंप का आयोजन होता है, जहां बच्चों को प्लास्टर, ऑपरेशन और डीबी स्प्लिंट की सुविधा निशुल्क दी जाती है। डीईआईसी मैनेजर रमाकांत शर्मा ने लोगों से अपील की कि अधिक से अधिक लोग इस योजना का लाभ लें ताकि भविष्य की पीढ़ी को विकलांगता से बचाया जा सके।

केक काटा, स्प्लिंट बांटे और मनाया गया विश्वास का उत्सव

कार्यक्रम में कुल 17 बच्चों को डीबी स्प्लिंट, आठ बच्चों को प्लास्टर और वर्ष 2025 में अब तक 74 बच्चों का उपचार किया जा चुका है। इस आयोजन में डॉ. आरके अरोड़ा, डॉ. बीके गुप्ता, डॉ. सीपी वर्मा और डॉ. अंकित कपूर सहित कई विशेषज्ञ मौजूद रहे।

SP_Singh AURGURU Editor