आगरा कॉलेज में विद्यार्थियों को स्टार्टअप और साइबर सिक्योरिटी के गुर, ‘सेवा फेस्ट इनोवेशन चैलेंज’ का पहला चरण पूरा
आगरा। आगरा कॉलेज में विद्यार्थियों को स्टार्टअप, नवाचार, उद्यमिता और साइबर सिक्योरिटी के क्षेत्र में उपलब्ध अवसरों और संभावनाओं की जानकारी दी गई। उत्तर प्रदेश सरकार के ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत मंगलवार को कॉलेज परिसर में ‘सेवा फेस्ट इनोवेशन चैलेंज’ के प्रथम चरण का आयोजन किया गया। विवेकानंद इंक्यूबेशन फाउंडेशन सेंटर के विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों को स्टार्टअप शुरू करने से लेकर तकनीकी नवाचार और डिजिटल सुरक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ने के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी दी।
स्टार्टअप से आत्मनिर्भरता तक का रोडमैप
कार्यक्रम की अध्यक्षता आगरा कॉलेज के प्राचार्य प्रो. सी.के. गौतम ने की। विशिष्ट अतिथि के रूप में उत्तर प्रदेश शासन द्वारा जनप्रतिनिधि के रूप में नामित एवं महानगर उपाध्यक्ष श्रीमती सुनीता स्वर उपस्थित रहीं। कार्यक्रम का आयोजन उच्च शिक्षा विभाग, उत्तर प्रदेश शासन एवं डॉ. भीमराव अम्बेडकर विश्वविद्यालय, आगरा के निर्देशों के अनुपालन में किया गया।
कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में नवाचार, उद्यमिता और स्टार्टअप संस्कृति को बढ़ावा देना तथा उन्हें ‘विकसित भारत 2047’ के संकल्प से जोड़ना रहा। इस दौरान विवेकानंद इंक्यूबेशन फाउंडेशन सेंटर की ओर से विद्यार्थियों के लिए विशेष ओरिएंटेशन एवं मोटिवेशन सत्र आयोजित किया गया।
नवाचार के साथ साइबर सिक्योरिटी पर जोर
सेंटर के इन्वेस्टमेंट मैनेजर एसटीओ योगेश तोमर ने विद्यार्थियों को स्टार्टअप की अवधारणा, उद्यमिता के अवसरों और नवाचार के माध्यम से आत्मनिर्भर बनने की संभावनाओं की जानकारी दी। उन्होंने विद्यार्थियों को स्टार्टअप के क्षेत्र में उपलब्ध अवसरों से परिचित कराया।
तन्मय शर्मा एवं प्रेम त्यागी ने साइबर सिक्योरिटी आधारित अपने स्टार्टअप के संबंध में प्रस्तुति दी। उन्होंने तकनीकी नवाचार और डिजिटल सुरक्षा के क्षेत्र में मौजूद अवसरों के बारे में विद्यार्थियों को जानकारी दी।
ज्ञान और तकनीक से राष्ट्र निर्माण का आह्वान
प्राचार्य प्रो. सी.के. गौतम ने कहा कि इस तरह के कार्यक्रम विद्यार्थियों की रचनात्मक क्षमता, नवाचार कौशल और उद्यमशीलता विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से ज्ञान, तकनीक और नवाचार के माध्यम से राष्ट्र निर्माण में सक्रिय योगदान देने का आह्वान किया।
कार्यक्रम का संचालन प्रो. शैफाली चतुर्वेदी एवं डॉ. झील गौतम ने किया। प्रो. रीता निगम ने अतिथियों, शिक्षकों और प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया।
इस अवसर पर प्रो. अंशु चौहान, प्रो. मनोज रावत, प्रो. अमित अग्रवाल, डॉ. सीमा सिंह, डॉ. संध्या सिंह, प्रो. अमिता सरकार, प्रो. सुमन कपूर कुमार, प्रो. कमलेश शर्मा, प्रो. विनीता गुप्ता, प्रो. दीपाली, संध्या मान, अल्पना ओझा, संजय कुमार, सत्यदेव शर्मा, पारुल महाजन सहित महाविद्यालय के शिक्षकगण एवं विद्यार्थी मौजूद रहे।
कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों में नवाचार, स्टार्टअप और उद्यमिता के प्रति जागरूकता बढ़ाने के साथ उन्हें आत्मनिर्भर भारत एवं विकसित भारत के निर्माण में अपनी भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया गया।