बरेली में छात्रा से दुष्कर्म के दोषी शिक्षक को 10 साल की सजा, 15 हजार रुपये जुर्माना भी

-आरके सिंह- बरेली। उत्तर प्रदेश के बरेली में पॉक्सो एक्ट की विशेष अदालत ने दसवीं कक्षा की 15 वर्षीय नाबालिग छात्रा से दुष्कर्म के दोषी शिक्षक को 10 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने दोषी पर 15 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड अदा नहीं करने पर उसे दो माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। भारतीय दंड संहिता की धारा 506 के तहत भी दोषी को एक वर्ष के कारावास से दंडित किया गया है।

Aug 23, 2026 - 12:42
Aug 23, 2026 - 12:43
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बरेली में छात्रा से दुष्कर्म के दोषी शिक्षक को 10 साल की सजा, 15 हजार रुपये जुर्माना भी

पॉक्सो-01 कोर्ट के विशेष लोक अभियोजक सरनाम सिंह के अनुसार, मामला वर्ष 2018 में प्रेमनगर थाने में दर्ज किया गया था। पीड़िता की मां ने पुलिस को दी शिकायत में बताया था कि उसकी 15 वर्षीय बेटी दसवीं कक्षा में पढ़ती थी और कोचिंग के लिए जाती थी। आरोप था कि कोचिंग शिक्षक दीपक अभय सक्सेना ने नाबालिग छात्रा को बहला-फुसलाकर उसके साथ दुष्कर्म किया।

शिकायत के मुताबिक, आरोपी शिक्षक ने छात्रा को घटना के बारे में किसी को बताने पर उसके माता-पिता को जान से मारने की धमकी भी दी थी। घटना के बाद छात्रा की तबीयत बिगड़ने पर परिजनों ने उसकी चिकित्सकीय जांच कराई। जांच में उसके गर्भवती होने की जानकारी सामने आई, जिसके बाद प्रेमनगर थाने में मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने मामले की विवेचना शुरू की।

मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से अदालत में कुल आठ गवाह पेश किए गए। उपलब्ध साक्ष्यों और गवाहों के बयान के आधार पर अदालत ने शिक्षक दीपक अभय सक्सेना को दोषी माना।

पुलिस अधीक्षक दक्षिणी/ऑपरेशन कन्विक्शन की नोडल अधिकारी अंशिका वर्मा ने बताया कि शनिवार 22 अगस्त 2026 को पॉक्सो-01 कोर्ट, बरेली ने आरोपी दीपक अभय सक्सेना पुत्र अभय सक्सेना, निवासी चेतराम फाटक, गुलाबनगर, थाना प्रेमनगर को पॉक्सो अधिनियम की धारा-4 के तहत 10 वर्ष के सश्रम कारावास और 15 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई।

अदालत ने भारतीय दंड संहिता की धारा-506 के तहत भी आरोपी को एक वर्ष के कारावास से दंडित किया है। अर्थदंड की राशि जमा नहीं करने पर दोषी को दो माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।

SP_Singh AURGURU Editor