‘विभव अभिव्यक्ति’ में गूंजे विचारों के स्वर, प्रिल्यूड में 22 स्कूलों के छात्रों ने दिखाई वक्तृत्व की शक्ति
आगरा। प्रिल्यूड पब्लिक स्कूल परिसर में आयोजित ‘विभव अभिव्यक्ति’ कार्यक्रम के अंतर्गत वक्तृत्व की शक्ति प्रतियोगिता का भव्य आयोजन किया गया। यह प्रतियोगिता विद्यालय के निदेशक डॉ. सुशील गुप्ता के स्वर्गीय पिताजी सतीश चंद्र गुप्ता ‘विभव’ की स्मृति में आयोजित की गई, जिनकी द्वितीय पुण्यतिथि 26 दिसंबर को है। हिंदी भाषा के प्रति उनके विशेष अनुराग और शिक्षा के प्रति समर्पण को ध्यान में रखते हुए ‘विभव’ परिवार द्वारा गत वर्ष से इस वैचारिक प्रतियोगिता की शुरुआत की गई है।
प्रतियोगिता में आगरा जनपद के 22 प्रतिष्ठित विद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने सहभागिता कर अपने विचारों, भाषा कौशल और तार्किक क्षमता का प्रभावी प्रदर्शन किया। कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय के निदेशक डॉ. सुशील गुप्ता, श्रीमती सुनीता गुप्ता, सुनील गुप्ता, श्रीमती बेनू गुप्ता तथा प्राचार्य अरविंद श्रीवास्तव द्वारा दीप प्रज्ज्वलन एवं माल्यार्पण के साथ किया गया।
प्रतियोगिता के प्रथम चरण के लिए निर्धारित विषय “करियर चुनने का आधार: परिवार बनाम रुचि” पर सभी प्रतिभागियों ने आत्मविश्वास और वैचारिक परिपक्वता के साथ अपने विचार प्रस्तुत किए। वक्ताओं की अभिव्यक्ति, भाषा की शुद्धता और विषय की समझ को देखते हुए 26 दिसंबर को होने वाले द्वितीय चरण के लिए निम्न प्रतिभागियों का चयन किया गया-
परी कटारा (सेंट एंड्रयूज, बरौली अहीर), यश्वी उपाध्याय (गायत्री पब्लिक स्कूल), हर्ष भारद्वाज (प्रिल्यूड पब्लिक स्कूल), विशाखा सिंह (रामस्वरूप सिंघल गर्ल्स इंटर कॉलेज), वैष्णवी शर्मा (शिवालिक कैंब्रिज कॉलेज), वैष्णवी शर्मा (सेंट एंड्रयूज पब्लिक स्कूल), मुस्कान शाल्या (सुमित राहुल सीनियर सेकेंडरी स्कूल), अक्षरा सिंह (भारतीय विद्यापीठ), कनिष्का सारस्वत (सेंट सी. एफ. एंड्रयूज स्कूल, हाथरस रोड), शिल्पा चंद्रा (चंद्रा बालिका विद्या पीठ), शैरिल अग्रवाल (सी. एफ. एंड्रयूज, बल्केश्वर)।
प्रतियोगिता के निर्णायक मंडल में डॉ. युवराज सिंह, प्रो. विजय कुमार सिंह एवं श्रीमती निधि सहगल उपस्थित रहीं। डॉ. युवराज सिंह ने सभी प्रतिभागियों की सराहना करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने कहा कि करियर के चयन में परिवार और व्यक्तिगत रुचि, दोनों के बीच संतुलन आवश्यक है, तभी निर्णय सार्थक बनता है।
इस अवसर पर सुनील गुप्ता ने कहा कि यह आयोजन उनके पिता स्व. श्री सतीश चंद्र गुप्ता की स्मृति को सम्मानित करने का एक विनम्र प्रयास है। हिंदी भाषा और शिक्षा के प्रति उनका समर्पण ही इस आयोजन की प्रेरणा है।
कार्यक्रम को सांस्कृतिक रंग देते हुए विद्यालय की छात्रा गौरी सिंह ने मनमोहक नृत्य प्रस्तुति दी, जिसने उपस्थित जनसमूह को मंत्रमुग्ध कर दिया। कार्यक्रम का कुशल संचालन साक्षी भोजवानी द्वारा किया गया।