ब्रजविभूति अलंकरण से अलंकृत किये गये सितार वादक त्रिगुणातीत जैमिनि
वृन्दावन। ब्रज कला केंद्र द्वारा आयोजित होली महोत्सव के अवसर पर प्रख्यात सितार वादक डॉ. आचार्य त्रिगुणतीत जैमिनि को कुनाल गर्ग बृज विभूति अलंकरण से अलंकृत किया गया।
यह सम्मान डॉ . जैमिनि को सितार वादन एवं भारतीय शास्त्रीय संगीत मैं प्रवीणता एवं उत्कृष्ट योगदान के लिए ब्रज कला केंद्र दिल्ली द्वारा सत्य साई सभागार में प्रदान किया गया ।
कार्यक्रम में सर्वप्रथम ब्रज भाषा में आगंतुको के समक्ष मीरा गोयल द्वारा डॉ. जैमिनि के जीवन पर प्रकाश डाला । सम्मान समारोह में एमजी ग्रुप नई दिल्ली के चेयरमैन वासुदेव गर्ग एवं ब्रज कला केंद्र के पदाधिकारियों द्वारा डॉ. आचार्य जैमिनि को उत्तरीय के साथ प्रशस्ति पत्र एवं रजत शील्ड प्रदान की गई। मुख्य समन्वक विष्णु प्रकाश गोयल एवं अनूप शर्मा ने धन्यवाद ज्ञापन किया ।
उल्लेखनीय है कि त्रिगुणतीत बृज की प्राचीन ध्रुपद विधा का वादन करने वाले एकमात्र सितार वादक हैं एवं ब्रज की ठुमरी विधा का भी संरक्षण कर रहे हैं। उनको राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय सम्मान प्राप्त हुए हैं। संगीत के क्षेत्र में तीन विश्व रिकॉर्ड बनाकर कीर्तिमान स्थापित किया है। समारोह में अनेक गणमान्य जन एवं श्रोता गण उपस्थित रहे।