डेडलाइन खत्म होने पर भड़के ट्रंप,   'नाकेबंदी के पास आए जहाज करेंगे नष्ट',   पाक पीएम शहबाज फिर शांति वार्ता कराने में जुटे

इस्लामाबाद टॉक्स बेनतीजा रहने के बाद अमेरिका और ईरान के बीच वार-पलटवार तेज हो गया है। ट्रंप के होर्मुज स्ट्रेट की नाकाबंदी करने की धमकी पर तेहरान ने प्रतिक्रया दी है।

Apr 13, 2026 - 21:04
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डेडलाइन खत्म होने पर भड़के ट्रंप,   'नाकेबंदी के पास आए जहाज करेंगे नष्ट',   पाक पीएम शहबाज फिर शांति वार्ता कराने में जुटे


वाशिंगटन। ईरान और अमेरिका के बीच पाकिस्तान में हुई पीस टॉक फेल हो चुकी है। भीषण संघर्ष के बाद ईरान और अमेरिका ने दो हफ्ते के सीजफायर का ऐलान किया। हालांकि, इस समझौते के तहत रखी गई शर्तों पर दोनों मुल्कों में सहमति नहीं बन सकी। दोनों पक्ष न केवल एक-दूसरे को इसके लिए जिम्मेदार ठहरा रहे हैं बल्कि वार-पलटवार भी शुरू हो गया है। 
 
इस बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि हमने ईरानी नौसेना को पूरी तरह से खत्म कर दिया गया है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि ईरान का कोई छोटा जहाज हमारी नाकाबंदी  के कहीं भी आस-पास आता है तो उन्हें तुरंत खत्म कर दिया जाएगा।
 
होर्मुज स्ट्रेट की नाकेबंदी पर बातचीत के लिए रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव 14 अप्रैल को चीन का दौरा करेंगे। चीनी विदेश मंत्रालय ने कहा कि लावरोव की यात्रा के दौरान, दोनों देशों के विदेश मंत्री द्विपक्षीय संबंधों की प्रगति, विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग के साथ ही अंतरराष्ट्रीय और क्षेत्रीय मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान करेंगे।

संयुक्त राष्ट्र समुद्री एजेंसी के प्रमुख ने सोमवार को कहा कि किसी भी देश को होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों के आवागमन को रोकने का कानूनी अधिकार नहीं है। यह व्यापारिक मार्ग अमेरिका-ईरान युद्ध के कारण ठप्प पड़ा है। 

पाकिस्तान, मिस्र और तुर्किये ईरान और अमेरिका के बीच बातचीत को आगे बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं। ये देश 21 अप्रैल को खत्म होने वाले सीजफायर से पहले एक और दौर की बातचीत कराना चाहते हैं। रिपोर्ट के अनुसार, आने वाले दिनों में मध्यस्थ दोनों पक्षों से फिर से बातचीत करेंगे। एक क्षेत्रीय सूत्र ने कहा, “स्थिति पूरी तरह से खत्म नहीं हुई है। बातचीत का रास्ता अभी भी खुला है और दोनों पक्ष बातचीत कर रहे हैं।'

होर्मुज को लेकर अमेरिकी सेना की सेंट्रल कमांड की बड़ी धमकी सामने आई है। उसने  कहा 'नाकाबंदी वाले क्षेत्र में मौजूद जहाजों को रोका और जब्त किया जा सकता है। सेंटकॉम ने कहा है कि अमेरिकी सेना होर्मुज के पूर्व में ओमान की खाड़ी और अरब सागर में सभी प्रकार के जहाजों (चाहे वे किसी भी फ्लैग के हों) की नाकाबंदी लागू करेगी। बिना अनुमति के नाकाबंदी वाले क्षेत्र में प्रवेश करने या निकलने वाले किसी भी जहाज को रोका, मोड़ा और जब्त किया जा सकता है । नाकाबंदी से होर्मुज से होकर गैर-ईरानी गंतव्यों के लिए तटस्थ पारगमन मार्ग बाधित नहीं होगा।

ईरानी बंदरगाहों की नाकेबंदी की अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की धमकी पर ईरान के राजदूत मोहम्मद फतह अली ने कहा कि ईरान की क्षमताओं से अमेरिका वाकिफ है। उन्होंने कहका कि भारत और ईरान का साझा भविष्य है. ईरान-अमेरिका के बीच दूसरे दौर की वार्ता की संभावनाओं पर ईरानी राजदूत ने कहा कि हमारी शर्तें मान लेते हैं, तो यह संभव है।