आगरा में विद्या भारती के ‘सप्त शक्ति संगम’ में संस्कार, शिक्षा और सामर्थ्य का उजास
आगरा। विद्या भारती के तत्वावधान में गणेशराम नागर सरस्वती बालिका विद्या मंदिर, बल्केश्वर में रविवार को ‘सप्त शक्ति संगम’ का भव्य आयोजन हुआ। यह कार्यक्रम भारतीय परंपरा में वर्णित नारी के सात दिव्य गुणों, कीर्ति, श्री, वाक्, स्मृति, मेधा, धृति और क्षमा पर आधारित था, जिसका उद्देश्य समाज में मातृशक्ति को उनकी सांस्कृतिक और सामाजिक भूमिका के प्रति जागृत करना था।
कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्य अतिथियों—विद्या भारती अखिल भारतीय कार्यकारिणी सदस्य एवं बालिका शिक्षा संयोजिका सुश्री रेखा चूड़ासमा, सप्तशती संगम प्रांत संयोजिका, प्रोफेसर शशि तिवारी, प्रोफेसर पूनम सिंह, अध्यक्ष प्रोफेसर बीना शर्मा तथा प्रधानाचार्या चारू पटेल ने दीप प्रज्ज्वलन कर किया।
सरस्वती वंदना के बाद प्रधानाचार्या चारू पटेल ने कार्यक्रम के उद्देश्य और नारी–शक्ति के सात गुणों पर विस्तृत प्रकाश डाला।
मुख्य अतिथि प्रोफेसर शशि तिवारी ने महिलाओं के शिक्षा, विज्ञान, खेल, प्रशासन और सामाजिक सेवा में बढ़ते योगदान को रेखांकित करते हुए कहा कि भारत के विकास की धुरी अब महिलाएँ हैं। उन्होंने शिक्षा, नेतृत्व, आत्मनिर्भरता और सांस्कृतिक मूल्यों को स्त्री–सशक्तीकरण की अनिवार्य शर्त बताया।
प्रोफेसर पूनम सिंह ने नारी के सात गुणों की आध्यात्मिक और सामाजिक प्रासंगिकता को स्पष्ट करते हुए कहा कि भारतीय समाज में नारी सदैव शक्ति, ज्ञान और करुणा का स्रोत रही है। आधुनिक समय में इन गुणों को चरितार्थ करना अत्यंत आवश्यक है।
मुख्य वक्ता और अखिल भारतीय बालिका शिक्षा प्रमुख रेखा चूड़ासमा ने अपने सारगर्भित वक्तव्य में कहा कि परिवार समाज की प्रथम इकाई है और नारी उसमें संस्कार, अनुशासन और पर्यावरण-संरक्षण की आधारशिला है।
उन्होंने नारी–शक्ति से आह्वान किया कि वे समाज की विसंगतियों को दूर करने, चरित्र निर्माण और सांस्कृतिक जागरण के लिए आगे आएं।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहीं प्रोफेसर बीना शर्मा ने माताओं को राष्ट्रहित में अपने दायित्वों के प्रति जागरूक रहने, नियमों का पालन करने और पर्यावरण संरक्षण में सक्रिय योगदान देने का संदेश दिया।
कार्यक्रम की प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता में सही उत्तर देने वाली माताओं को पुरस्कृत किया गया। विद्यालय की छात्राओं द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रम, जिसने सभी का मन मोह लिया। शक्ति सम्मान–2025 के अंतर्गत समाज, शिक्षा, संस्कृति और सेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाली महिलाओं का विशेष सम्मान किया गया। माता–समूह की ओर से अनुभव–साझा और प्रेरणादायक वक्तव्य।
अंत में विद्यालय की कोषाध्यक्ष दुर्गेश ने माताओं को संकल्प दिलवाया और अनु दीदी ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया। कार्यक्रम का संचालन रंजना पाठक ने किया, जबकि विद्यालय की सभी आचार्या बहनों का सहयोग सराहनीय रहा।