वृंदावन एग्रो केस-हाईकोर्ट से राहत नहीं मिलने के बाद जसप्रीत पर गिरफ्तारी का संकट गहराया
आगरा की वृंदावन एग्रो इंडस्ट्रीज में ₹68.94 लाख के कथित गबन और गोपनीय कारोबारी डाटा के दुरुपयोग के मामले में आरोपी जसप्रीत पुरी को हाईकोर्ट से अंतरिम राहत नहीं मिली। 17 जुलाई को गिरफ्तारी के बाद उन्हें 10 दिन की अंतरिम जमानत मिली थी। अब उन्हें 27 जुलाई को अदालत में पेश होना होगा, जबकि पुलिस अन्य छह आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास में जुटी है।
आगरा। आगरा की वृंदावन एग्रो इंडस्ट्रीज में करीब ₹68.94 लाख के कथित गबन और गोपनीय कारोबारी जानकारी के दुरुपयोग से जुड़े चर्चित मामले में मुख्य आरोपी जसप्रीत पुरी को इलाहाबाद हाईकोर्ट से राहत नहीं मिल सकी। अंतरिम राहत के लिए दायर उनकी याचिका पर 24 जुलाई को सुनवाई नहीं हो सकी, जिसके बाद उन्हें तत्काल कोई राहत नहीं मिली है। अब उन्हें 27 जुलाई को संबंधित अदालत में पेश होना होगा।
यह मामला वृंदावन एग्रो इंडस्ट्रीज के विधि प्रबंधक देवेश कपूर की शिकायत पर दर्ज किया गया था। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि कंपनी के कुछ पूर्व अधिकारियों और कर्मचारियों ने कंपनी के गोपनीय कारोबारी डाटा, ग्राहक सूची और व्यापारिक जानकारी का कथित रूप से दुरुपयोग कर अपना निजी कारोबार खड़ा किया। साथ ही कंपनी के उत्पादों की अनियमित बिक्री कर करीब ₹68.94 लाख के गबन का आरोप भी लगाया गया है।
पुलिस ने इस मामले में डिफेंस एस्टेट निवासी जसप्रीत पुरी, भरत कुमार जैन, वैभव सचदेवा, तरनजीत पुरी समेत कुल सात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। जांच के दौरान पुलिस ने 17 जुलाई को जसप्रीत पुरी को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया था। जहां से उन्हें 10 दिन की अंतरिम जमानत मिली थी, ताकि वह उच्च न्यायालय में राहत के लिए आवेदन कर सकें।
जसप्रीत पुरी ने अंतरिम राहत के लिए इलाहाबाद हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया, लेकिन 24 जुलाई को उनकी याचिका पर सुनवाई नहीं हो सकी। ऐसे में उन्हें फिलहाल कोई न्यायिक राहत नहीं मिली है और अब निर्धारित तिथि पर निचली अदालत में पेश होना होगा।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार मामले की विवेचना जारी है। अन्य नामजद आरोपियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है और उनकी गिरफ्तारी के प्रयास तेज कर दिए गए हैं। पुलिस का कहना है कि साक्ष्यों और दस्तावेजों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यह मामला कारोबारी संस्थानों में गोपनीय सूचनाओं के कथित दुरुपयोग, वित्तीय अनियमितताओं और विश्वासघात से जुड़े गंभीर आरोपों के कारण चर्चा का विषय बना हुआ है। आने वाले दिनों में अदालत और पुलिस की कार्रवाई पर सभी की नजर रहेगी।