ये कैसा मिशन शक्ति, जो एक विधवा को न्याय नहीं दे पा रहा
आगरा। नारी सशक्तिकरण, मिशन शक्ति, वुमन हेल्पलाइन समेत न जाने क्या क्या कहा जाता है आधी आबादी को सशक्त करने के लिए, लेकिन हकीकत इससे उलट है। पुलिस एक तरफ मिशन शक्ति का अभियान चलाकर अपने साथ होने वाले अपराधों के मामलों में महिलाओं से आगे आने की अपील करती है, दूसरी ओर किसी महिला की लज्जा पर भी बन आए, तब भी पुलिस पर कोई फर्क नहीं पड़ता।
- पिनाहट में एक विधवा की लज्जा भंग की गई और थाने के दरोगा महिला को ही हड़काते हैं
पिनाहट कस्बे की एक विधवा ऐसे ही हालात से गुजर रही है। थाना स्तर पर दरोगा द्वारा सुनवाई न होने पर अब यह महिला पुलिस के अधिकारियों से सुरक्षा मांग रही है। दरोगा द्वारा मामला दबाए जाने के बाद इस महिला ने एक वीडियो जारी कर वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से गुहार लगाई है कि उसकी और उसके बच्चों की सुरक्षा की जाए। उसे पैतृक घर से बेदखल होने से बचाया जाए।
पिनाहट के एक मोहल्ले में रहने वाली एक महिला ने मुख्यमंत्री को एक पत्र लिखकर अपनी व्यथा बताई है। महिला के अनुसार उसके पति की मृत्यु हो चुकी है। वह पैतृक मकान के अपने हिस्से में 14 वर्षीय पुत्र और दस वर्षीय पुत्री के साथ रहती है। विगत नौ अक्टूबर को रात्रि साढ़े आठ बजे उसके ही जेठ रणजीत जो रिश्ते में जीजा भी हैं, पिनाहट के ही नीरज गुप्ता, अर्थव, गौतम एवं एक अज्ञात व्यक्ति के साथ उसके घर में घुस आए और सामान की तोड़फोड़ करने लगे। उसने विरोध किया तो उसकी साड़ी खींच ली। ब्लाऊज फाड़ दिया। बाल पकड़कर जमीन पर पटक दिया और लात घूंसों से पीटने लगे, जिससे वह नग्नावस्था में हो गई। उसके साथ दुष्कर्म की कोशिश भी की।
विधवा ने अपने पत्र में मुख्यमंत्री को लिखा है कि उसकी दस साल की बेटी घर से बाहर आकर बचाने के लिए चिल्लाने लगी। आसपास के लोगों को आते देख नीरज, गौतम, अर्थव और अज्ञात तो भाग गए, जबकि रंजीत नहीं भाग पाया। उसे उसने कमरे में बंद कर दिया। विधवा ने महिला हेल्पलाइन पर मामले की सूचना दी। दरोगा विनोद कुमार और शिवमंगल मौके पर पहुंचे और शांति भंग की कार्रवाई कर मामले को दबा दिया। मारपीट में उसे चोटें आई थीं, पुलिस ने उसका मेडिकल तक नहीं कराया।
विधवा का कहना है कि ये लोग पहले भी घर में घुसकर तोड़फोड़ कर चुके हैं, लेकिन पुलिस कोई कार्रवाई नहीं करती। नौ अक्टूबर के बाद 14 अक्टूबर को फिर से इसी तरह का बवाल उसके घर में किया गया।
महिला के अनुसार उनके पैतृक मकान का अभी बंटवारा नहीं हुआ है। ये लोग पूरे मकान पर कब्जा करना चाहते हैं। उसने सवाल उठाया है कि वह अपने दो बच्चों को लेकर कहां जाए। महिला के अनुसार उसे अभी भी गुंडे भेजकर परेशान किया जा रहा है।
बताया गया है कि महिला के पति तीन भाई थे। दो भाइयों ने पैतृक मकान का अपना हिस्सा पिनाहट के नीरज गुप्ता को बेच दिया है। अब विधवा पर भी अपना हिस्सा नीरज को देने के लिए दबाव बनाया जा रहा है।