आगरा के उत्तरी बाईपास का उद्घाटन पांच माह से क्यों लटका है, चैंबर ने पीएम-सीएम को भेजा पत्र
आगरा। आगरा में ट्रैफिक जाम की समस्या से राहत दिलाने वाला उत्तरी बाईपास आज भी बंद पड़ा है। निर्माण कार्य पूर्ण होने और 31 मई 2025 को उद्घाटन की घोषणा के बावजूद पांच माह बाद भी बाईपास आमजन के लिए नहीं खुल पाया है। इस देरी पर सोमवार को चैंबर सभागार में आयोजित बैठक में अध्यक्ष संजय गोयल समेत सदस्यों ने तीखा रोष जताया। चैंबर ने प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री और केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री को पत्र भेजकर त्वरित हस्तक्षेप की मांग की है।
उद्घाटन में पांच माह की देरी पर नाराजगी
चैंबर अध्यक्ष संजय गोयल की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में सदस्यों ने उत्तरी बाईपास के उद्घाटन में हो रही देरी को लेकर प्रशासन और जिम्मेदार विभागों पर सवाल उठाए। पूर्व अध्यक्ष एवं नागरिक सुविधा प्रकोष्ठ के चेयरमैन सीताराम अग्रवाल ने बताया कि भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण द्वारा निर्माण कार्य पूरा कर लेने के बाद इसे 31 मई से आमजन के लिए खोलने की घोषणा की गई थी। लेकिन आगरा परियोजना कार्यान्वयन इकाई और ट्रांसमिशन मथुरा के बीच तालमेल न होने से हाईटेंशन लाइन ऊंची नहीं की जा सकी, जिसके कारण यह अब तक ठप पड़ा है।
बाईपास से जुड़े क्षेत्र और महत्व
पूर्व अध्यक्ष एवं जनसंपर्क प्रकोष्ठ चेयरमैन मनीष अग्रवाल ने कहा कि उत्तरी बाईपास मथुरा, महावन, हाथरस, सादाबाद समेत पौरी, चुरमुरा, रैपुरा जाट, कंजौली घाट, नेरा, गुरखौली और मिढ़ावली जैसे क्षेत्रों को सीधे जोड़ेगा। इस परियोजना पर सरकार ने पर्याप्त धनराशि खर्च की है, लेकिन मात्र समन्वय की कमी से इसका उद्घाटन अटका हुआ है। उन्होंने कहा कि यदि इसे शीघ्र खोला गया तो आगरा शहर को भीषण जाम से राहत मिलेगी।
प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री को पत्र भेजा
चैंबर अध्यक्ष संजय गोयल ने बताया कि स्थानीय प्रशासन और परियोजना कार्यान्वयन इकाई को समय-समय पर पत्राचार के बावजूद कोई नतीजा सामने नहीं आया है। मजबूरन चैंबर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी को पत्र भेजकर तत्काल कार्यवाही की मांग की है। साथ ही जनप्रतिनिधियों से भी इस मामले में रुचि लेकर पहल करने की अपील की गई है।
बैठक में अध्यक्ष संजय गोयल, कोषाध्यक्ष संजय अग्रवाल, पूर्व अध्यक्ष सीताराम अग्रवाल, पूर्व अध्यक्ष मनीष अग्रवाल, मनोज कुमार गुप्ता, अशोक गोयल और बालमुकुंद गोयल उपस्थित रहे।