सपा सांसद डिंपल यादव पर मौलाना की अभद्र टिप्पणी पर महिला आयोग सख्त, नोटिस जारी

आगरा। सपा सांसद डिंपल यादव पर एक मौलाना द्वारा की गई अभद्र टिप्पणी को लेकर उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग ने सख्त रुख अपनाया है। आयोग की अध्यक्ष डॉ. बबीता चौहान ने मंगलवार को आगरा सर्किट हाउस में पत्रकार वार्ता में मौलाना के बयान की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि किसी को भी महिलाओं के लिए इस प्रकार की हल्की भाषा का प्रयोग करने का अधिकार नहीं है।

Jul 29, 2025 - 19:02
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सपा सांसद डिंपल यादव पर मौलाना की अभद्र टिप्पणी पर महिला आयोग सख्त, नोटिस जारी
सर्किट हाउस में मंगलवार को जन सुनवाई करतीं उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॊ. बबीता सिंह चौहान। साथ मौजूद हैं अधिकारी।

-डॉ. बबीता चौहान बोलीं- महिलाओं पर अभद्र टिप्पणी किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं, आगरा में महिलाओं के 78 मामले सुने

उन्होंने कहा कि डिंपल यादव एक निर्वाचित सांसद हैं और उनके प्रति की गई टिप्पणी बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय है। आयोग ने इसका संज्ञान लेते हुए संबंधित मौलाना को विधिवत नोटिस जारी किया है।

हर घर में बेटियां हैं, धर्मगुरुओं को अपनी मर्यादा का ध्यान रखना चाहिए

डॉ. चौहान ने कहा कि मौलाना ने भी एक महिला की कोख से जन्म लिया है, फिर भी इस तरह की टिप्पणी करना न केवल शर्मनाक है बल्कि समाज में गलत संदेश देने वाला है। उन्होंने कहा कि धर्मगुरुओं की ओर से लगातार महिलाओं को निशाना बनाना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।

राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष ने यह भी कहा कि महिलाओं को अक्सर ‘सॉफ्ट टारगेट’ मानकर उनके सम्मान से खिलवाड़ किया जाता है, जिसे अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

धर्मांतरण में भी लड़कियां ही निशाने पर, योगी सरकार ने की कठोर कार्रवाई

हाल में प्रदेश में सामने आए धर्मांतरण के मामलों पर बोलते हुए आयोग अध्यक्ष ने कहा कि इनमें लड़कियों को ही बहला-फुसलाकर निशाना बनाया गया। छांगुर बाबा प्रकरण का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि जागरूकता की कमी, शिक्षा का अभाव और आर्थिक तंगी का फायदा उठाकर महिलाओं को गुमराह किया गया।

उन्होंने बताया कि योगी सरकार द्वारा ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई की गई है और महिला आयोग भी इस दिशा में सतत निगरानी रख रहा है।

जनसुनवाई में 78 प्रकरण, 72 पुलिस विभाग से जुड़े; 42 का निस्तारण

आगरा दौरे के दौरान आयोग अध्यक्ष द्वारा जनसुनवाई भी की गई, जिसमें कुल 78 आवेदन प्राप्त हुए। इनमें से 72 मामले पुलिस विभाग से संबंधित थे। डॉ. बबिता चौहान ने बताया कि पिछली जनसुनवाई में प्राप्त 42 शिकायतों का विभिन्न विभागों द्वारा शत-प्रतिशत निस्तारण कर पीड़ित महिलाओं को न्याय प्रदान किया गया।

जनसुनवाई के दौरान बच्चों के लिए पोषण सामग्री और बेबी किट भी वितरित की गईं।

महिला उत्पीड़न रोकने को सतत जागरूकता अभियान चलाएगा आयोग

डॉ. चौहान ने अभिभावकों से अपील की कि वे अपनी बच्चियों की गतिविधियों पर नजर रखें। यदि रहन-सहन, पहनावे या जीवनशैली में असामान्य बदलाव दिखे, तो उसके पीछे की वजह अवश्य जानें। महिला आयोग ऐसे मामलों में कठोर कदम उठाने से पीछे नहीं हटेगा।

उन्होंने बताया कि महिला सशक्तिकरण और सुरक्षा को लेकर आयोग द्वारा सतत जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है ताकि महिलाएं अपने अधिकारों के प्रति जागरूक हों और समय पर शिकायत कर सकें।

प्रशासनिक अधिकारी भी रहे मौजूद

जनसुनवाई में सिटी मजिस्ट्रेट वेद सिंह चौहान, एसीपी सुकन्या शर्मा, सीएमओ डॉ. अरुण कुमार श्रीवास्तव, जिला प्रोबेशन अधिकारी अतुल सोनी, जिला कौशल प्रबंधक अमित कुमार धाकरे, जिला कार्यक्रम अधिकारी मनोज मौर्य, जिला सूचना अधिकारी शीलेंद्र कुमार शर्मा, एसएचओ महिला थाना हेमलता, तथा शहर और जनपद के थानों के उप निरीक्षक उपस्थित रहे।

SP_Singh AURGURU Editor