विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस: ‘पीड़ा को पावर बनाएं’ कार्यशाला में मनोबल और आभार की सीख
आगरा। विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर फीलिंग्स माइंड्स संस्था और आईएसएमएचएए के संयुक्त तत्वावधान में शुक्रवार को आयोजित ‘पीड़ा को पावर बनाएं’ विषयक कार्यशाला ने प्रतिभागियों को मानसिक स्वास्थ्य, सकारात्मक सोच और आभार व्यक्त करने की प्रेरणा दी।
कार्यशाला का आयोजन विमल विहार, सिकंदरा-बोदला रोड स्थित फीलिंग्स माइंड्स संस्था के कार्यालय में किया गया। संस्था की संस्थापक डॉ. चीनू अग्रवाल ने कहा कि मानसिक स्वास्थ्य केवल मानसिक बीमारी नहीं, बल्कि अपने मन को जानने का विज्ञान है। उन्होंने बताया कि अवसाद आज विश्व की सबसे बड़ी बीमारी बन चुकी है और मानसिक तनाव हर वर्ष दुनिया को लगभग तीन सौ ट्रिलियन डॉलर का आर्थिक नुकसान पहुंचाता है।
कार्यशाला के पहले सत्र में डॉ. अग्रवाल ने मानसिक स्वास्थ्य के महत्व और नकारात्मक भावनाओं से निपटने के उपायों पर प्रकाश डाला। उन्होंने प्रतिभागियों को अपने मन की बात साझा करने, भावनाओं को व्यक्त करने और जीवन में सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाने की प्रेरणा दी।
दूसरे सत्र में डॉ. चीनू अग्रवाल की लिखित पुस्तक ‘ग्रेटीटिट्यूट नोट्स’ का विमोचन किया गया। पुस्तक में प्रत्येक दिन आभार व्यक्त करने के लिए प्रेरक पंक्तियां और अभ्यास शामिल हैं, जो व्यक्ति को मानसिक रूप से संतुलित और सकारात्मक बनाए रखने में सहायक हैं।
तीसरे सत्र में डॉ. सत्य सारस्वत, डॉ. शिवकुमार सिंह, डॉ. सोनाली गोस्वामी, कर्नल संजय गोस्वामी, डॉ. राकेश त्यागी, डॉ. जेपी सिंह शाक्य, डॉ. रेनू अग्रवाल, अधिवक्ता नम्रता मिश्रा, डॉ. नीलम, हेतल देसाई, नीता उमेश ध्रुव, कशिश आदि ने अपने मनोभाव प्रतिभागियों के साथ साझा किए। प्रतिभागियों ने अपनी भावनाओं को शब्दों और रंगों के माध्यम से कैनवास पर उकेरा।
कार्यशाला की व्यवस्थाओं में डॉ. रविंद्र अग्रवाल, शैलेश कुमार जिंदल, रितु सिंह, रवीना, चारु और मनोज शर्मा का योगदान रहा।