“आप झूठ बोल रही हैं मैडम” — किसान नेता मुकेश डांगुर की SDM से तीखी बहस, आत्मदाह की चेतावनी से खलबली

आगरा। किसानों की उपज का उचित मूल्य न मिलने और बिचौलियों की दलाली के खिलाफ चल रहे आंदोलन ने शनिवार को नाटकीय रूप ले लिया। किसान नेता मुकेश डांगुर ने फतेहपुर सीकरी मंडी में आत्मदाह करने की चेतावनी दी थी, लेकिन इससे पहले ही पुलिस-प्रशासन हरकत में आ गया।

Nov 8, 2025 - 17:18
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“आप झूठ बोल रही हैं मैडम” — किसान नेता मुकेश डांगुर की SDM से तीखी बहस, आत्मदाह की चेतावनी से खलबली
एसडीएम से तीखी बहस करते किसान नेता मुकेश डांगुर। नीचे चित्र में प्रदर्शन करते किसान।

आगरा। किसानों की उपज का उचित मूल्य न मिलने और बिचौलियों की दलाली के खिलाफ चल रहे आंदोलन ने शनिवार को नाटकीय रूप ले लिया। किसान नेता मुकेश डांगुर ने फतेहपुर सीकरी मंडी में आत्मदाह करने की चेतावनी दी थी, लेकिन इससे पहले ही पुलिस-प्रशासन हरकत में आ गया।

शनिवार सुबह उन्हें घर से हिरासत में लेकर नजरबंद किया गया और बाद में किरावली तहसील कार्यालय पहुंचाया गया। वहीं पर किसान नेता और एसडीएम नीलम तिवारी के बीच तीखी बहस हुई, जिसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

दो दिनों से चल रहा किसान आंदोलन

पिछले दो दिनों से मुकेश डांगुर किसानों के हक में सड़कों पर हैं। उन्होंने गुरुवार को फतेहपुर सीकरी मंडी में प्रदर्शन और शुक्रवार को अछनेरा मंडी में आंदोलन जारी रखा।  किसान नेता का कहना है कि किसानों को फसल का उचित मूल्य नहीं मिल रहा, जबकि बिचौलिये भारी दलाली कमा रहे हैं। उन्होंने मांग की थी कि बिचौलियों को मंडी से हटाया जाए और किसानों को सीधा भुगतान मिले।

आत्मदाह की चेतावनी के बाद पुलिस सतर्क

शनिवार सुबह मुकेश डांगुर अपनी फसल लेकर फतेहपुर सीकरी मंडी पहुंचने वाले थे, जहां उन्होंने फसल में आग लगाकर आत्मदाह की चेतावनी दी थी। इसकी सूचना मिलते ही पुलिस-प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई की और सुबह ही उन्हें उनके घर पर नजरबंद कर दिया। बाद में उन्हें एसडीएम कार्यालय किरावली लाया गया।

एसडीएम और किसान नेता में गर्मागर्म बहस

एसडीएम नीलम तिवारी ने मुकेश डांगुर से सवाल किया —“मंडी में जो बाजरा पहुंचा था, वह किसका था?”

इस पर किसान नेता भड़क गए और बोले  “आपने कितने किसानों की जांच कराई है? एक नाम बताइए। आप मेरे खेत पर चलिए, आप झूठ बोल रही हैं, मैडम। आप एक अधिकारी हैं, फिर भी झूठ बोल रही हैं।”

एसडीएम ने कहा कि रिकॉर्ड में दर्ज है कि डांगुर द्वारा बेचा गया 150 क्विंटल बाजरा उनके खेत का नहीं था। इस पर किसान नेता ने चुनौती दी कि “आप मेरे खेत पर चलिए और खुद देखिए कि बाजरे की ठूंठ पड़ी है या नहीं।”

प्रशासन का पक्ष

एसडीएम नीलम तिवारी ने बताया कि मुकेश डांगुर पर पहले भी अछनेरा मंडी में व्यापारियों से अभद्रता करने का आरोप है। व्यापारियों ने इस मामले में एसीपी अछनेरा और थानाध्यक्ष को शिकायत पत्र दिया था। उन्होंने कहा कि मंडी में डांगुर द्वारा लाया गया बाजरा संदिग्ध था, इसलिए जांच की जा रही है।

कई घंटे तक नजरबंद रहे किसान नेता

किरावली तहसील में हुई इस बहस के बाद किसान नेता को कई घंटे तक तहसील परिसर में नजरबंद रखा गया। किसान संगठन के सदस्यों ने प्रशासन पर किसानों की आवाज दबाने का आरोप लगाया। किसान नेताओं ने कहा कि मुकेश डांगुर को आवाज उठाने की सजा दी जा रही है। उनका कहना है कि जब तक सरकार फसल का सही मूल्य और मंडियों से बिचौलियों को खत्म करने का ठोस समाधान नहीं करती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।