बालिकाओं के स्वास्थ्य को मिली नई संजीवनी, एसएन मेडिकल कॉलेज का विशेष जागरूकता शिविर

एस.एन. मेडिकल कॉलेज, आगरा के स्त्री रोग विभाग द्वारा सरदार पटेल पार्क स्कूल में बालिकाओं के लिए स्वास्थ्य जागरूकता एवं परीक्षण शिविर आयोजित किया गया। शिविर में सर्वाइकल कैंसर, एनीमिया और PCOD पर जानकारी दी गई, हीमोग्लोबिन जांच की गई और आयरन टैबलेट वितरित की गईं। विशेषज्ञों ने टीकाकरण, पोषण और स्वस्थ जीवनशैली पर विशेष जोर दिया।

Feb 5, 2026 - 20:28
 0
बालिकाओं के स्वास्थ्य को मिली नई संजीवनी, एसएन मेडिकल कॉलेज का विशेष जागरूकता शिविर
एसएन मेडिकल कॉलेज, आगरा के स्त्री रोग विभाग द्वारा सरदार पटेल पार्क स्कूल में आयोजित बालिकाओं के लिए विशेष स्वास्थ्य जागरूकता एवं परीक्षण शिविर में छात्राओं को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करतीं चिकित्सक।

सरदार पटेल पार्क स्कूल में सर्वाइकल कैंसर, एनीमिया और पीसीओडी पर फोकस

आगरा। एसएन मेडिकल कॉलेज, आगरा के स्त्री रोग (Gynecology) विभाग द्वारा सरदार पटेल पार्क स्कूल में बालिकाओं के लिए एक विशेष स्वास्थ्य जागरूकता एवं परीक्षण शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर का उद्देश्य किशोरियों को स्वास्थ्य के प्रति सजग बनाना और गंभीर बीमारियों की समय रहते पहचान व रोकथाम करना रहा।

‘स्वस्थ भारत’ की दिशा में सशक्त कदम

शिविर के अवसर पर मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ. प्रशांत गुप्ता ने अपने संदेश में कहा कि मेडिकल कॉलेज का दायित्व केवल अस्पताल तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक स्वास्थ्य जागरूकता पहुँचाना भी उसकी जिम्मेदारी है।
उन्होंने कहा कि बालिकाओं में सर्वाइकल कैंसर के प्रति जागरूकता और एनीमिया की रोकथाम, ‘स्वस्थ भारत अभियान’ का अहम हिस्सा है और इस तरह के शिविर उन्हें सुरक्षित और स्वस्थ भविष्य देने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रयास हैं।

सर्वाइकल कैंसर पर जागरूकता, टीकाकरण पर जोर

शिविर में स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. रुचिका गर्ग ने छात्राओं को सर्वाइकल कैंसर की गंभीरता, इसके कारण और बचाव के उपायों के बारे में सरल भाषा में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि समय पर सर्वाइकल कैंसर वैक्सीन लगवाने से इस घातक बीमारी के खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है और जागरूकता ही इसकी सबसे बड़ी ढाल है।

हीमोग्लोबिन जांच, आयरन टैबलेट का वितरण

स्वास्थ्य शिविर के दौरान सभी छात्राओं का हीमोग्लोबिन परीक्षण किया गया। जिन छात्राओं में कमी पाई गई, उन्हें आयरन की गोलियां  वितरित की गईं। डॉ. गर्ग ने बालिकाओं को संतुलित आहार अपनाने की सलाह देते हुए पालक, हरी सब्जियां, दालें और आयरन युक्त भोजन को दैनिक आहार में शामिल करने पर जोर दिया।

पीसीओडी से बचाव के लिए स्वस्थ जीवनशैली जरूरी

किशोरियों में बढ़ती पीसीओडी (पॉलीसिस्टिक ओवेरियन डिजीज) की समस्या पर चर्चा करते हुए डॉ. रुचिका गर्ग ने नियमित व्यायाम, संतुलित दिनचर्या और जंक फूड से दूरी बनाने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि छोटी उम्र से स्वस्थ आदतें अपनाकर कई समस्याओं से बचा जा सकता है।

निरंतर चलेंगे ऐसे अभियान

स्त्री रोग विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. शिखा सिंह ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि विभाग भविष्य में भी बालिकाओं और महिलाओं के स्वास्थ्य को लेकर ऐसे जागरूकता अभियान निरंतर चलाता रहेगा। कार्यक्रम के संचालन में पायल गोयल का विशेष योगदान रहा।