बरेली में परचम कुशाई के साथ कल से शुरू होगा 108वां उर्स-ए-रजवी, 15 लाख जायरीन जुटेंगे, सावन माह के सम्मान में शाकाहारी भोजन परोसा जाएगा
-आरके सिंह- बरेली। दरगाह आला हजरत का 108वां उर्स-ए-रजवी गुरुवार (6 अगस्त) से परचम कुशाई के साथ शुरू होगा। तीन दिवसीय उर्स में देश-विदेश से करीब 12 से 15 लाख जायरीनों के शामिल होने की संभावना है। मॉरीशस, नेपाल समेत विभिन्न राज्यों से जायरीनों का बरेली पहुंचना शुरू हो गया है। इस बार सावन माह के सम्मान में सभी लंगरों में शुद्ध शाकाहारी भोजन परोसा जाएगा। उर्स का समापन 8 अगस्त को 'कुल' की रस्म के साथ होगा।
दरगाह प्रमुख हजरत मौलाना सुब्हान रजा खान (सुब्हानी मियां) एवं सज्जादानशीन मुफ्ती अहसन मियां रजवी परचम कुशाई कर उर्स का शुभारंभ करेंगे। उर्स स्थल इस्लामिया मैदान में लगभग 250 स्टॉलों का धार्मिक पुस्तक मेला लगाया गया है, जहां कंजुल ईमान, फतावा रजविया, बहारे शरीयत, हदाइक-ए-बख्शिश सहित आला हजरत का साहित्य उपलब्ध रहेगा।
दरगाह के मीडिया प्रभारी नासिर कुरैशी ने बताया कि जायरीनों के ठहरने की व्यवस्था दरगाह मेहमानखाना, मदरसा मंजरे-इस्लाम और अफ्रीकी हॉस्टल में की गई है। इस बार पहले से बड़ा पंडाल, अस्थायी चिकित्सालय, पूछताछ केंद्र, रेलवे सहायता केंद्र, नगर निगम, मीडिया तथा नागरिक सुरक्षा संगठन के शिविर भी स्थापित किए गए हैं। दरगाह से जुड़े परवेज नूरी ने बताया कि सभी तैयारियां अंतिम चरण में हैं।
उर्स की सबसे बड़ी विशेषता इस बार शुद्ध शाकाहारी लंगर रहेगा। मीडिया प्रभारी नासिर कुरैशी के अनुसार, दरगाह प्रमुख मौलाना सुब्हान रजा खान की अपील पर सभी लंगर समितियां मांसाहारी भोजन के स्थान पर पनीर, सोयाबीन और अन्य शाकाहारी व्यंजन परोसेंगी। यह निर्णय सावन माह के मद्देनजर सामाजिक सौहार्द और गंगा-जमुनी तहजीब का संदेश देने के लिए लिया गया है।
उधर, जिलाधिकारी अविनाश सिंह एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अनुराग आर्य ने इस्लामिया इंटर कॉलेज ग्राउंड का निरीक्षण कर सुरक्षा, पेयजल, साफ-सफाई, बैरीकेटिंग, प्रकाश व्यवस्था और यातायात प्रबंधन की तैयारियों का जायजा लिया। अधिकारियों ने बरसात को देखते हुए फिसलन रोकने के लिए जूट मैट और बजरी बिछाने के निर्देश दिए तथा कहा कि उर्स के दौरान किसी भी जायरीन को असुविधा नहीं होनी चाहिए।