स्पेस एक्स के फॉल्कन 9 रॉकेट की चांद से टक्कर, नहीं हो पाई रिकॉर्डिंग, अंतरिक्ष में घूम रहा था टुकड़ा

अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी स्पेसएक्स के फॉल्कन 9 रॉकेट का एक टुकड़ा चंद्रमा से टकराया है। यह टुकड़ा जनवरी 2025 से अंतरिक्ष में घूम रहा था। यह फॉल्कन 9 रॉकेट का सेकेंड स्टेज था, जो किसी स्कूल बस जितना बड़ा था। इस घटना की लाइव रिकॉर्डिंग नहीं हो सकी है, क्योंकि उस इलाके में कोई सैटेलाइट मौजूद नहीं था।

Aug 5, 2026 - 22:14
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स्पेस एक्स के फॉल्कन 9 रॉकेट की चांद से टक्कर, नहीं हो पाई रिकॉर्डिंग, अंतरिक्ष में घूम रहा था टुकड़ा


वॉशिंगटन। पिछले एक साल से अंतरिक्ष में भटक रहे स्पेस एक्स रॉकेट का एक टुकड़ा चंद्रमा की सतह से टकरा गया। हालांकि, इसकी आधिकारिक पुष्टि होने में अभी समय लग सकता है। चंद्रमा से टकराने वाला हिस्सा स्पेस एक्स फॉल्कन 9 रॉकेट का सेकेंड स्टेज था, जिसका आकार स्कूल बस के बराबर था। इसने जनवरी 2025 में फायरली स्पेस के लूनर लैंडर को चंद्रमा की ओर भेजा था। तब से स्पेस एक्स फॉल्कन 9 रॉकेट का यह हिस्सा अंतरिक्ष में चक्कर काट रहा था।

4 मीट्रिक टन (4,000 किलोग्राम) वजन वाला रॉकेट का यह हिस्सा 5,400 मील प्रति घंटे (8,690 किलोमीटर प्रति घंटे) की रफ़्तार से यात्रा करते हुए सुबह लगभग 2:35 बजे (भारतीय समयानुसार 6.00 बजे) चंद्रमा से टकराया। हालांकि, इस टक्कर की लाइव रिकॉर्डिंग नहीं हो सकी, क्योंकि उस वक्त कोई भी सैटेलाइट इस टक्कर की लाइव तस्वीरें लेने की स्थिति में नहीं था। रॉकेट के टक्कर वाली जगह के सबसे नजदीक दक्षिण कोरिया की एक सैटेलाइट थी। वैज्ञानिक उस सैटेलाइट से मिले डेटा का विश्लेषण कर रहे हैं। इसके बाद ही वे इस टक्कर की पुष्टि कर सकेंगे।

स्पेस एक्स ने कहा कि यह टक्कर अनजाने में हुई। रॉकेट का टुकड़ा चंद्रमा के पश्चिमी किनारे पर स्थित आइंस्टीन क्रेटर से टकराने वाला था, जिसे पृथ्वी से देखना अक्सर मुश्किल होता है। आम तौर पर, रॉकेट के पेलोड को कक्षा में एक निश्चित स्थान तक पहुचाने के बाद ऐसे चरण पृथ्वी के वायुमंडल में वापस गिरकर जल जाते हैं या समुद्र में गिर जाते हैं। लेकिन, कॉस्मिक ताकतों ने इसे चंद्रमा की ओर धकेल दिया।

वैज्ञानिकों के अनुसार, जनवरी 2025 के लूनर लैंडर मिशन के लिए पृथ्वी के करीब के मिशनों की तुलना में अधिक थ्रस्ट (धक्का) की आवश्यकता थी, इसलिए रॉकेट का दूसरा चरण अंतरिक्ष में ही रह गया और हजारों अन्य अंतरिक्ष मलबे के टुकड़ों के बीच बिना किसी निश्चित दिशा के तैरता रहा। इन्हें अंतरिक्ष कचरा कहा जाता है, जिनसे काम कर रहे सैटेलाइटों को बचकर निकलना पड़ता है।

चांद पर स्पेस जंक के टकराने की घटनाएं कम ही होती हैं। मार्च 2022 में एक चीनी रॉकेट स्टेज लूनर टेस्ट मिशन पूरा करने के बाद चांद से टकराकर क्रैश हो गया था। 2009 में, नासा ने जानबूझकर एक रॉकेट स्टेज को चांद से टकराया था ताकि टक्कर से उड़ी चांद की धूल और मलबे का अध्ययन किया जा सके।