पांच वर्ष की मासूम बच्ची से दरिंदगी के मामले में 50 साल के अधेड़ को 20 साल कैद की सजा
बरेली। बरेली में स्पेशल जज पॊक्सो कोर्ट नरेंद्र प्रकाश ने मंगलवार को पांच वर्ष की मासूम बच्ची के साथ दरिंदगी करने वाले 50 वर्षीय पड़ोसी मुकेश गुप्ता को 20 साल के कठोर कारावास सुनाई है। साथ ही दोषी पर 50 हजार रुपये के जुर्माना भी लगाया है। अदालत ने स्पष्ट संदेश दिया कि बच्चों की मासूमियत से खिलवाड़ करने वाले अपराधियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
विशेष लोक अभियोजक (सरकारी वकील) कुलदीप श्रोत्रिय ने बताया कि मामला 17 जुलाई 2025 की शाम करीब 5:30 बजे का है। थाना बारादरी क्षेत्र के एक मोहल्ला निवासी पांच साल की बच्ची अपने घर के बाहर खेल रही थी। पड़ोसी पचास वर्षीय मुकेश गुप्ता ने अपनी हवस का शिकार बनाने की नीयत से पांच साल की बच्ची को पांच रुपये और टाफी का लालच दिया। बहला फुसलाकर आरोपित अपने घर के भीतर ले गया, जहां उसने बच्ची के साथ हैवानियत की।
मासूम पीड़िता जब रोने लगी, तो दरिंदे ने उसके बाल खींचे, थप्पड़ मारे, और किसी को बताने पर अंजाम भुगतने की धमकी देते हुए पांच रुपये थमाकर घर भेज दिया। इस खौफनाक घटना के बाद मासूम बच्ची ने अपनी मां को रोते' हुए सारी आपबीती सुनाई, जिसके बाद पीड़ित परिवार तुरंत बारादरी थाने पहुंचा। मामले में पुलिस ने धारा 65 (2) बीएनएस 5एम/6 पॊक्सो एक्ट के तहत रिपोर्ट दर्ज कर अभियुक्त मुकेश गुप्ता को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
सरकारी वकील कुलदीप श्रोत्रिय ने अदालत में सात गवाह पेश किये । साथ ही मासूम पीड़िता ने बेहद निडरता और मासूमियत के साथ जज के सवालों का जवाब देते हुए कोर्ट में आरोपित 'मुकेश बाबा' को पहचाना और अपने साथ हुई एक-एक बर्बरता का सच अदालत के सामने रख दिया। मासूम बच्ची की गवाही, मेडिकल रिपोर्ट और सरकारी वकील कुलदीप श्रोत्रिय की तरफ से पेश साक्ष्यों के आधार पर कोर्ट ने मुकेश गुप्ता को गंभीर यौन अपराध का दोषी ठहराया।
जज ने अपनी टिप्पणी में कहा कि एक पड़ोसी जिस पर बच्ची और उसका परिवार भरोसा करता था, उसने विश्वासघात कर ऐसा जघन्य अपराध किया है, जो समाज के ताने-बाने को कमजोर करता है। इसलिए अभियुक्त को 20 साल के सश्रम कारावास और दोषी पर 50 हजार रुपये का अर्थदंड देना ही न्यायसंगत है। अदालत के इस सख्त फैसले के बाद पीड़ित मासूम के परिवार ने राहत की सांस ली है।