खेत में 12 फीट का अजगर और मंदिर में सैंड बोआ मिला, वाइल्डलाइफ एसओएस ने दोनों का किया रेस्क्यू

आगरा। आगरा में दो अलग-अलग स्थानों पर विशाल भारतीय अजगर और कॉमन सैंड बोआ दिखाई देने से लोगों में दहशत फैल गई। सूचना मिलने पर वाइल्डलाइफ एसओएस की रैपिड रिस्पॉन्स यूनिट ने उत्तर प्रदेश वन विभाग के सहयोग से दोनों सांपों का सुरक्षित रेस्क्यू कर उन्हें उपयुक्त प्राकृतिक आवास में छोड़ दिया। संस्था ने लोगों से अपील की है कि सांप दिखाई देने पर उसे पकड़ने या नुकसान पहुंचाने की कोशिश न करें, बल्कि प्रशिक्षित रेस्क्यू टीम को सूचना दें।

Jul 23, 2026 - 18:11
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खेत में 12 फीट का अजगर और मंदिर में सैंड बोआ मिला, वाइल्डलाइफ एसओएस ने दोनों का किया रेस्क्यू
मिढ़ाकुर क्षेत्र के एक खेत से रेस्क्यू किए गये वाइल्डलाइफ एसओएस की टीम।

जानकारी के अनुसार, मिढ़ाकुर गांव के एक खेत में करीब 12 फीट लंबा भारतीय अजगर ज्वार (चरी) की 10 से 12 फीट ऊंची फसल के बीच छिपा हुआ था। सूचना मिलने पर वाइल्डलाइफ एसओएस की टीम और उत्तर प्रदेश वन विभाग के अधिकारियों ने सावधानीपूर्वक खेत में पहुंचकर बिना किसी नुकसान के अजगर का सुरक्षित रेस्क्यू किया।

दूसरी घटना किरावली वन क्षेत्र स्थित एक मंदिर परिसर की है, जहां कॉमन सैंड बोआ (Eryx conicus) दिखाई दिया। सूचना पर पहुंची टीम ने उसे सुरक्षित पकड़कर स्वास्थ्य परीक्षण के बाद प्राकृतिक वन क्षेत्र में छोड़ दिया।

वाइल्डलाइफ एसओएस के सह-संस्थापक एवं सीईओ कार्तिक सत्यनारायण ने कहा कि घने खेतों में अजगर का रेस्क्यू चुनौतीपूर्ण होता है, लेकिन उत्तर प्रदेश वन विभाग के सहयोग से दोनों रेस्क्यू सफलतापूर्वक किए गए। संस्था की सह-संस्थापक एवं सचिव गीता शेषमणि ने लोगों से अपील की कि सांप दिखने पर स्वयं उसे पकड़ने का प्रयास न करें और प्रशिक्षित टीम को सूचना दें।

वाइल्डलाइफ एसओएस के संरक्षण परियोजनाओं के निदेशक बैजूराज एम.वी. ने बताया कि कॉमन सैंड बोआ भारत में अवैध तस्करी का शिकार होने वाले प्रमुख सांपों में शामिल है। लोगों में बढ़ती जागरूकता के कारण अब ऐसे मामलों में समय पर सूचना मिल रही है, जिससे वन्यजीवों का सुरक्षित संरक्षण संभव हो पा रहा है।

संस्था ने बताया कि आगरा-मथुरा क्षेत्र के लिए उसकी आपातकालीन हेल्पलाइन +91-9917109666 लगातार संचालित है, जिस पर वन्यजीव दिखाई देने की सूचना दी जा सकती है।

SP_Singh AURGURU Editor