भारत-रूस के बीच 19 समझौते, पुतिन ने मोदी को दिया रूस आने का न्योता
रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हैदराबाद हाउस में बेहद खास मीटिंग की। इस खास बैठक के बाद पीएम मोदी ने साझा बयान जारी करते हुए कहा कि भारत और रूस की दोस्ती बिल्कुल ध्रुव तारे की तरह है। उन्होंने यह भी बताया कि रूस और भारत के बीच कैसे समय आगे बढ़ने के साथ-साथ दोस्ती भी गहरी होती गई। शाम के समय कई अहम बैठकें करने के बाद व्लादिमीर पुतिन आज देर रात ही रूस के लिए रवाना हो जाएंगे।
नई दिल्ली। रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच आज बेहद अहम बैठक हुई। दोनों देशों के बीच हुई 23वीं शिखर बैठक के बाद दोनों देशों ने साझा बयान जारी किया। इस बयान को कई मायनों में खास माना जा रहा है। पीएम मोदी ने अपने बयान में बताया कि दोनों देशों के रिश्ते कितने गहरे हैं। उन्होंने इस दोस्ती के लिए राष्ट्रपति पुतिन का आभार भी व्यक्त किया।
भारत-रूस के बीच विजन 2030 दस्तावेज पर हस्ताक्षर, हेल्थ, फूड सेफ्टी सेक्टर में एग्रीमेंट, फ्री टूरिस्ट वीजा, 2030 तक 100 बिलियन डॉलर कारोबार का लक्ष्य, फ्री ट्रेड पर वार्ता, तकनीक क्षेत्र समेत 19 समझौते हुए। वहीं, रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने भारत के प्रधानमंत्री पीएम मोदी को रूस आने का न्योता दिया।
पुतिन बोले- भारत-रूस का संबंध और गहरा होगा
रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने शुक्रवार को कहा कि भारत की उनकी राजकीय यात्रा तथा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ द्विपक्षीय वार्ता के दौरान हस्ताक्षरित समझौते रूस-भारत रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत तथा गहन बनाएंगे, क्योंकि दोनों पक्षों ने विभिन्न क्षेत्रों में अपने सहयोग की समीक्षा की। उन्होंने इस साल की शुरुआत में चीन के तियानजिन में शंघाई सहयोग संगठन की बैठक के दौरान हुई अपनी मुलाकात को याद किया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को यूक्रेन मुद्दे पर शांति की भारत की वकालत दोहराई और इस मामले के शांतिपूर्ण समाधान के लिए किए जा रहे सभी प्रयासों का स्वागत किया। उन्होंने राष्ट्रपति पुतिन के साथ संयुक्त प्रेस वक्तव्य में यह बात कही। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत शुरू से ही यूक्रेन मुद्दे पर शांति की वकालत करता रहा है। हम इस मामले के शांतिपूर्ण और स्थायी समाधान के लिए किए जा रहे सभी प्रयासों का स्वागत करते हैं।
भारत-रूस ने एक-दूसरे का कंधे से कंधा मिलाकर सहयोग किया- मोदी
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में भारत और रूस ने लंबे समय से कंधे से कंधा मिलाकर सहयोग किया है। पहलगाम में हुआ आतंकी हमला हो या क्रोकस सिटी हॉल पर किया गया कायरतापूर्ण आघात, इन सभी घटनाओं की जड़ एक ही है। भारत का अटल विश्वास है कि आतंकवाद मानवता के मूल्यों पर सीधा प्रहार है और इसके खिलाफ वैश्विक एकता ही हमारी सबसे बड़ी ताकत है। मुझे पूरा विश्वास है कि आने वाले समय में हमारी मित्रता हमें ग्लोबल चैलेंज का सामना करने की शक्ति देगी और यही भरोसा हमारे साझा भविष्य को और समृद्ध करेगा।
साझा बयान में वीजा को लेकर बड़ा ऐलान
पीएम मोदी ने कहा कि अब हम भारत के नाविक की ध्रुवीय जल में ट्रेनिंग के लिए सहयोग करेंगे। यह आर्कटिक में हमारे सहयोग को नई ताकत तो देगा ही, साथ ही इससे भारत के युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर बनेंगे। मुझे खुशी है कि शीघ्र ही हम रूसी नागरिकों के लिए निशुल्क 30 दिनों का ई टूरिस्ट वीजा और 30 दिनों का ग्रुप टूरिस्ट वीजा की शुरुआत करने जा रहे हैं।
एनर्जी सिक्योरिटी भारत-रूस पार्टनरशिप का एक मजबूत पिलर- पीएम मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि एनर्जी सिक्योरिटी भारत-रूस पार्टनरशिप का एक मजबूत और अहम पिलर रहा है। सिविल न्यूक्लियर एनर्जी में हमारा दशकों पुराना सहयोग हमारी साझा क्लीन एनर्जी प्राथमिकताओं को पूरा करने में बहुत जरूरी रहा है। हम इस विन-विन सहयोग को जारी रखेंगे। अहम मिनरल्स में हमारा सहयोग दुनिया भर में सुरक्षित और अलग-अलग सप्लाई चेन सुनिश्चित करने के लिए बहुत जरूरी है। यह क्लीन एनर्जी, हाई-टेक मैन्युफैक्चरिंग और नई उम्र की इंडस्ट्रीज में हमारी पार्टनरशिप को मजबूत सपोर्ट देगा। जहाज बनाने में हमारे गहरे सहयोग में मेक इन इंडिया को मजबूत करने की क्षमता है। यह हमारे विन-विन सहयोग का एक और बेहतरीन उदाहरण है, जो रोजगार, स्किल्स और क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को बढ़ावा देगा।
राष्ट्रपति पुतिन का हृदय से आभार व्यक्त करता हूं: पीएम मोदी
पीएम मोदी बोले- पिछले ढाई दशक से उन्होंने अपने नेतृत्व और दूरदृष्टि से इन संबंधों को निरंतर सींचा है। हर परिस्थिति में उनके नेतृत्व ने आपसी संबंधों को नई ऊंचाई दी है। भारत के प्रति इस गहरी मित्रता और अटूट प्रतिबद्धता के लिए मैं अपने मित्र राष्ट्रपति पुतिन का हृदय से आभार व्यक्त करता हूं।
पंद्रह साल पहले 2010 में हमारी पार्टनरशिप को एक स्पेशल प्रिविलेज्ड स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप का दर्जा दिया गया था। पिछले ढाई दशकों से उन्होंने (राष्ट्रपति पुतिन) अपनी लीडरशिप और विजन से इस रिश्ते को पाला-पोसा है। उनकी लीडरशिप में हर हालात में, हमारे रिश्ते नई ऊंचाइयों पर पहुंचे हैं। मैं अपने दोस्त, राष्ट्रपति पुतिन का इस गहरी दोस्ती और भारत के प्रति अटूट कमिटमेंट के लिए दिल से शुक्रिया अदा करता हूं।
पीएम मोदी ने बताया- कितनी खास है रूस और भारत की दोस्ती
पीएम मोदी ने साझा बयान में कहा कि आज भारत और रूस के 23वें शिखर सम्मेलन में राष्ट्रपति पुतिन का स्वागत करते हुए बहुत खुशी हो रही है। उनकी यात्रा ऐसे समय हो रही है, जब हमारे ऐतिहासिक संबंध माइलस्टोन से गुजर रहे हैं। पंद्रह साल पहले हमारी साझेदारी को स्पेशल एंड प्रिविलेज पार्टनरशिप का दर्जा मिला। भारत के प्रति इस गहरी मित्रता और अटूट सहयोग के लिए मैं मेरे मित्र राष्ट्रपति पुतिन का आभार व्यक्त करता हूं। पीएम मोदी ने आगे कहा कि भारत और रूस की मित्रता ध्रुव तारे की तरह है।
हेल्थ सेक्टर में भारत और रूस के बीच बड़ा समझौता
हेल्थ सेक्टर में रूस और भारत के बीच बड़ा समझौता हुआ है। इस समझौते पर रूस के स्वास्थ्य मंत्री और भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने साइन किया है। इससे दोनों देशों को काफी फायदा मिलेगा।
यह पक्का है कि कोई भी दूसरा देश भारत जितना ज्यादा रिटर्न नहीं दे रहा है। कुछ विदेशी निवेशक भी कह रहे हैं कि हमारा देश 30-50% तक रिटर्न दे रहा है। हर देश भारत में आकर इन्वेस्ट करने की कोशिश कर रहा है। मैं यह नहीं कह रही कि सब कुछ परफेक्ट है। लेकिन सरकार और हम इन्वेस्टर्स के लिए इसे आसान बनाने की कोशिश कर रहे हैं।
पुतिन को दी गई 21 तोपों की सलामी
रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया, जिसमें उन्हें 21 तोपों की सलामी दी गई। आइए आपको बताते हैं कि आखिर 21 तोपों की सलामी ही क्यों दी जाती है।
पहली बार आजाद भारत में 21 तोपों की सलामी दी गई। इसकी शुरुआत 26 जनवरी 1950 को हुई।