आगरा में 12 से 14 दिसम्बर तक जुटेंगे 500 जीरिएट्रिक विशेषज्ञ: ‘जेसीकॉन-2025’ में खुशहाल दीर्घायु और वृद्धावस्था की बीमारियों पर होगा गहन मंथन
वृद्धावस्था की बढ़ती स्वास्थ्य समस्याओं और अंतिम पड़ाव को मानसिक-शारीरिक रूप से सुखद बनाने पर देश-विदेश के विशेषज्ञ अब आगरा में मंथन करेंगे। जीरिएट्रिक सोसायटी ऑफ इंडिया की 38वीं वार्षिक कार्यशाला ‘जेसीकॉन-2025’ में 12 से 14 दिसंबर तक 500 से अधिक विशेषज्ञ वृद्धावस्था से जुड़ी बीमारियों, उनके कारण, उपचार और रोकथाम पर गहराई से चर्चा करेंगे। कार्यशाला का उद्देश्य है- उम्र बढ़े लेकिन जीवन की गुणवत्ता कम न हो, इसी थीम पर केंद्रित रहेगा ‘न केवल आयु, वरन खुशहाल दीर्घायु’।
आगरा। वृद्धावस्था अपनी अलग चुनौतियों और स्वास्थ्य समस्याओं के साथ आती है। उम्र के साथ मानसिक, शारीरिक और सामाजिक रूप से स्वस्थ कैसे रहा जाए, इसी विषय पर अंतरराष्ट्रीय स्तर की कार्यशाला आगरा में आयोजित होने जा रही है। जेसीकॉन-2025 के लिए देश-विदेश से 500 से अधिक विशेषज्ञ आगरा पहुंचेंगे।
बुधवार को होटल क्लार्क्स शिराज में आमंत्रण पत्र विमोचन कार्यक्रम के दौरान आयोजन समिति ने बताया कि जीरिएट्रिक सोसायटी ऑफ इंडिया की 38वीं वार्षिक कार्यशाला 12 से 14 दिसंबर तक फतेहाबाद रोड स्थित होटल क्लार्क्स शिराज होटल में आयोजित होगी।
आयोजन समिति के अध्यक्ष डॉ. सुनील बंसल ने कहा कि कार्यशाला की थीम— न केवल आयु, वरन खुशहाल दीर्घायु (Ending Years to Life) के अनुरूप विभिन्न बीमारियों और उनसे निपटने की आधुनिक तकनीकों पर विचार किया जाएगा।
कार्यशाला का उद्घाटन 13 दिसंबर को उत्तर प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री योगेन्द्र उपाध्याय करेंगे। अध्यक्षता पद्मश्री डॉ. जी.के. हाजरा करेंगे, जबकि एसएन मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. प्रशान्त गुप्ता भी मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहेंगे।
वृद्धावस्था से जुड़ी प्रमुख बीमारियों पर होगा फोकस
जैसे-जैसे औसत आयु बढ़ रही है, वृद्धावस्था से जुड़ी चिकित्सा चुनौतियां भी तेजी से सामने आ रही हैं। जेसीकॉन-2025 इन चुनौतियों से निपटने के लिए एक बड़ा मंच बनेगी, जहां विशेषज्ञ सामूहिक रणनीति और आधुनिक चिकित्सा पद्धतियों पर विचार करेंगे।
विशेषज्ञ डिमेंशिया, डायबिटीज, हाइपरटेंशन, हार्मोन सम्बंधी समस्याएं, वैक्सीनेशन, न्यूरोलॉजिकल एवं श्वास सम्बंधी बीमारियां, अस्थमा, थायरॉयड रोग आदि प्रमुख विषयों पर विस्तृत चर्चा करेंगे। इसका उद्देश्य है- निरोगी और खुशहाल वृद्धावस्था, जिससे वरिष्ठ नागरिक सक्रिय जीवन जी सकें और स्वास्थ्य संसाधनों पर बोझ कम हो।
75 पीजी स्टूडेंट्स को मिलेगा सर्टिफिकेशन
देश के लगभग 75 पोस्ट-ग्रेजुएट विद्यार्थी जेरिएट्रिक कोर्स की प्रैक्टिकल ट्रेनिंग पूरी करने के बाद इस अवसर पर प्रमाणपत्र प्राप्त करेंगे। कार्यशाला में पांच वैज्ञानिक सत्र, चार वर्कशॉप विशेष ओरेशन आयोजित किए जाएंगे।
इसके अलावा 12 दिसंबर को जेरिएट्रिक सोसायटी की नई इंडियन सारकोपीनिया गाइडलाइन (मांसपेशियों की कमजोरी) जारी की जाएगी, जिसे राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. अतुल कुलश्रेष्ठ और सचिव डॉ. ओ.पी. शर्मा प्रस्तुत करेंगे। उत्तर प्रदेश मेडिकल काउंसिल द्वारा प्रतिभागियों को 6 क्रेडिट घंटे स्वीकृत किए गए हैं।
विमोचन कार्यक्रम में जुटे विशेषज्ञ
आमंत्रण पत्र का विमोचन डॉ. ए.के. गुप्ता ने किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. अतुल कुलश्रेष्ठ ने की। इस दौरान डॉ. कैलाश विश्वानी, डॉ. प्रभात अग्रवाल, डॉ. आशीष गौतम, डॉ. निखिल पुरसनानी, डॉ. प्रशांत प्रकाश आदि मौजूद रहे।