साढ़े आठ घंटे का धरना बेअसर, शमसाबाद के तीनों युवक जेल भेजे गये, अब 12 को फिर थाने का घेराव  

  आगरा। शमसाबाद के एक होटल में एक महिला के साथ पकड़े गये एक मुस्लिम युवक को पीटे जाने के मामले में पकड़े गए तीन युवकों को पुलिस ने जेल भेज दिया है। इन्हीं तीनों युवकों को छुड़ाने के लिए बीती रात शमसाबाद थाने पर पूर्व विधायक डॊ. राजेंद्र सिंह के नेतृत्व में रात साढ़े आठ घंटे तक धरना दिया गया गया था। तीनों को आज सुबह एसीपी के समक्ष पेश किया गया था, जहां एसीपी ने उनकी जमानत अर्जी खारिज कर तीनों को जेल भेज दिया। शमसाबाद के लोग पुलिस का धोखा करार दे रहे हैं। अब इस मुद्दे पर आगामी 12 अगस्त को एक बार फिर शमसाबाद थाने का घेराव करने का ऐलान हुआ है।

Aug 10, 2025 - 21:13
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साढ़े आठ घंटे का धरना बेअसर, शमसाबाद के तीनों युवक जेल भेजे गये, अब 12 को फिर थाने का घेराव   

-पूर्व विधायक डॊ. राजेंद्र सिंह के नेतृत्व में लोगों ने साढ़े आठ घंटे तक शमसाबाद थाने को घेरकर दिया था धरना

12 अगस्त को होने वाले थाने का घेराव करने के लिए हिंदू संगठनों द्वारा व्यापक प्रचार अभियान चलाया जा रहा है। घेराव करने के पोस्टर भी जारी कर दिए गए हैं। इधर मामला बढ़ता हुआ देखकर अटकलें लगाई जाने लगी हैं कि दोबारा जमानत अर्जी दाखिल होने पर एसीपी द्वारा जमानत मंजूर कर ली जाएगी।

आगरा रोड पर डीपी होटल में बुधवार को सलमान नामक एक युवक को एक महिला के साथ होटल के कमरे में हिंदूवादी संगठनों के कुछ कार्यकर्ताओं ने पकड़ लिया था। कमरे से निकलते ही सलमान के साथ मारपीट की गई थी। मारपीट का वीडियो सोशल मीडिया पर भी वायरल हो गया था। सूचना मिलने पर पुलिस होटल पहुंची और युवक को थाने ले आई। होटल संचालक की तहरीर पर पुलिस ने 20 से 25 अज्ञात लोगों के विरुद्ध गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया था। शनिवार देर शाम पुलिस ने इस मामले में तीन युवकों को हिरासत में ले लिया था।

गिरफ्तारी की खबर फैलते ही पूर्व विधायक डॉ. राजेंद्र सिंह सैकड़ों समर्थकों के साथ थाने पहुंचे और नारेबाजी करते हुए पुलिस से युवकों की रिहाई की मांग करने लगे। सूचना पर एसीपी गिरीश कुमार सिंह, एसीपी एत्मादपुर देवेश सिंह मौके पर पहुंच गए। कई अन्य थानों के प्रभारी भी बुलाए गए। पूर्व विधायक इस बात पर अड़े रहे कि वह अपने साथ तीनों युवकों को लेकर जाएंगे। इसी बात को लेकर पुलिस से उनकी देर रात तक बहस होती रही। रात 2:30 बजे तक वह थाने में धरने पर बैठे रहे।

तीनों युवक एसीपी शेषमणि उपाध्याय की कोर्ट में पेश किए गए। उन्होंने तीनों की जमानत ना मंजूर करते हुए उन्हें जेल भेज दिया। तीनों युवकों के जेल जाने के बाद माहौल फिर से गर्माने लगा है।

थाना शमसाबाद पर बीती रात चल रहे हाई वोल्टेज ड्रामे को कुछ समय पहले तक यहां थाना प्रभारी के रूप में तैनात रहे हंसराज भदौरिया खत्म कराया था। वरिष्ठ अधिकारी लाख प्रयासों के बावजूद मामले को ठंडा नहीं कर पा रहे थे। ऐसे में वरिष्ठ अधिकारियों ने इंसपेक्टर हंसराज भदौरिया को तुरुप के इक्के के रूप में इस्तेमाल किया था।

हंसराज भदौरिया, जो इस समय खंदौली थाने के प्रभारी हैं, वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के कहने पर आधी रात बाद शमसाबाद पहुंचे। चूंकि भदौरिया लम्बे समय तक शमसाबाद थाने के प्रभार रहे हैं, इसलिए आंदोलन का नेतृत्व कर रहे पूर्व विधायक डॊ. राजेंद्र सिंह समेत अन्य सभी प्रमुख लोगों से उनके अच्छे संबंध रहे हैं।

इंसपेक्टर हंसराज भदौरिया ने सभी लोगों को समझाया और भरोसा दिलाया कि जिन तीन युवकों को गिरफ्तार किया गया है, उनका केवल शांति भंग की धारा 151 में चालान होगा और उन्हें कल सुबह ही एसीपी की कोर्ट में पेश कर जमानत पर रिहा कर दिया जाएगा। इंसपेक्टर हंसराज भदौरिया का समझाना काम आया। लोगों ने उनकी बात पर भरोसा किया और इस प्रकार रात ढाई बजे इस आंदोलन का अंत हुआ।

लेकिन अब तीनों युवकों के जेल जाने के बाद शमसाबाद के लोग खुद को ठगा सा महसूस कर रहे हैं। इसी क्रम में अब 12 अगस्त को थाने के घेराव का ऐलान किया गया है।

SP_Singh AURGURU Editor